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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Poems in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. They...Read More


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  • सुनो...!!!

    सुनो...!!!! तुम बनारस हो जाओ, मैं उसमें समाहित रस हो जाऊंगी । तुम प्रेम मग्न कृष...

  • जीवन के सप्त सोपान - 3

    जीवन के सप्त सोपान 3 ( सतशयी) -----...

  • भारत - 4

    जय हिन्द'भारत' काव्य संग्रह के अंतर्गत भाग तीन में भारत की सगुण भक्ति धा...

सुनो...!!! By ARUANDHATEE GARG मीठी

सुनो...!!!! तुम बनारस हो जाओ, मैं उसमें समाहित रस हो जाऊंगी । तुम प्रेम मग्न कृष्ण की बांसुरी हो जाओ, मैं उसकी मधुर ध्वनि में समाहित राधा हो जाऊंगी । तुम चौरासी घाट हो जाओ प्रिय, म...

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जीवन के सप्त सोपान - 3 By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

जीवन के सप्त सोपान 3 ( सतशयी) ------------------------------ अर्पण- स्नेह के अतुल्नीय स्वरुप,उभय अग्रजों के चरण कमलों में स...

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भारत - 4 By नन्दलाल सुथार राही

जय हिन्द'भारत' काव्य संग्रह के अंतर्गत भाग तीन में भारत की सगुण भक्ति धारा के प्रमुख एवं भारत की सांस्कृतिक धारा के सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्रभु श्रीराम एवं श्री कृष्ण से सम्ब...

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મારો કાવ્ય ઝરૂખો ભાગ : 41 By Hiren Manharlal Vora

કાવ્ય 01કાશ્મીર....સમસ્યા...કાશ્મીર તણો જોટો જડે નહીપૃથ્વી નું સ્વર્ગલોક છે કાશ્મીરશિવે પણ કર્યો હતો જ્યાં વાસહિમાલય છે ભારત ના મુંકુટ સમાનપંડિતો થી શોભતા કાશ્મીર ના નગરકાશ્મીર તો...

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HAPPINESS - 32 By Dr Darshita Babubhai Shah

Mischief has become love Shafat has become graceful. written in your memory Daily rituals have become ************************************* the day passes the night does not pass s...

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आज रावण को अधजला ही रहने दोगे क्या..?? By ARUANDHATEE GARG मीठी

क्या ख्याल है बादलों...??? आज रावण को अधजला ही रहने दोगे क्या? बुराई पर अच्छाई की जीत का झूठा ढोंग करने वालों को , बुराई पर झूठी जीत भी नही दिलाओगे क्या? आज रावण को अधजला ही रहने द...

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में और मेरे अहसास - 43 By Dr Darshita Babubhai Shah

शरारत मुहब्बत बन गई है lशराफत इनायत बन गई है ll तुम्हारी याद मे लिखीं हुईं lदैनन्दिनी रवायत बन गई है ll ************************************* दिन तो गूजर जाता है lरात काटे नहीं कटत...

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मी आणि माझे अहसास - 29 By Dr Darshita Babubhai Shah

खोटेपणा प्रेम बनला आहे सभ्यता कृपा झाली आहे तुझ्या आठवणीत लिहिलेले दैनंदिन विधी बनले आहेत ***************************************** दिवस निघून जातो रात्र जात नाही खंजीर सारखा डंकतो...

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मेरे शब्द मेरी पहचान - 12 By Shruti Sharma

आज की कविताएं1:-) वजह बन जाएँ 2:-) दोस्त नज़र आता हैआशा है आप सभी को ये पसंद आएंगी । उम्मीद करती हूँ आप लोग इसे पढने के बाद ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसे पहुँचाएंगे । आप सभी का ये...

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હું અને મારા અહસાસ - 33 By Dr Darshita Babubhai Shah

તોફાન પ્રેમ બની ગયું છે શિષ્ટાચાર ગ્રેસ બની ગયો છે તમારી યાદમાં લખ્યું છે દૈનિક વિધિ બની ગઈ છે ***************************************** દિવસ પસાર થાય છે રાત પસાર થતી નથી કટારીની જ...

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तुम बिन जिन्दगी (मेरी कवितायें) By निखिल ठाकुर

नाम जिन्दगी का क्या दें अब हम ...तन्हा ए पल जीये है यूं उम्र भर मैने...

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મારી કવિતાઓ ભાગ 5 By Kanzariya Hardik

(1) લઉ છુંબોલવું છે મારે ધણું બધું છતાં વિચાર ને મન માં દબાવી લઉ છુંલાગીયો છે સદમો એવો મનેછતાં ખુદ થી વિચારો ને દુર કરી લઉ છુંસહેવાતા નથી આ કડવાં અનુભવો છતાં પોતાની...

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मोक्षधाम - 5 - अंतिम भाग By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

मोक्षधाम 5 (मिटा सके श्मशान क्याॽ) समर्पणः- इस धरा धाम के संरक्षण में, जिन्होंने अपना शास्वत जीवन- हर पल बिताया, उन्ही सात्विक-...

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पिंजरे कि चिड़िया By Yayawargi (Divangi Joshi)

पाऊं मे जंजीर आज भी है जिसका नाम संस्कार हैये हमारी कोई सुरक्षा नहींये उनका अंहकार हैबेमतलबी सवाल तेरे जवाब बने बहस मेरे बोलना बना बदतमीजीऐसी एक चिड़िया कि कहानी"मुंह चलना बंध कर ।च...

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హే అనంతం By LRKS.Srinivasa Rao

हे अनंत , ज्वलंत हो तुम ।सृष्टि के कण _कण में । संध्या की लालिमा में , अंबर की नीलिमा में , धरती की हरियाली में ,...

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મારી કવિતા - 1 By Jay Dave

(મિત્રો આપની સમકક્ષ મેં લખેલી કેટલીક કવિતા રજૂ કરી રહ્યો છું, આશા રાખું કે તમે વાંચશો અને તમારો કીંમતી પ્રતિભાવ રજૂ કરશો...) 1). ચકલી "હા એ બેસતી મારા ઘર ના દ્વારે; હતી મારે મન...

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खिमुली काव्य - खंड-1 By जयदीप पत्रिका

पहली कवितालिखता हूँ एक कविता लिखता हूँ एक कविता, कुछ लाइनों में, ऐ मेरे वतन, तेरे उन जवानों के लिए। जिन्होंने अपना सीना चीर दिया गोलियों से, और नहीं आने दी तेरे आंगन में कोई दरार।।...

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जीवन पथ By Dr Mrs Lalit Kishori Sharma

जीवन पथ है बड़ा अनोखाफिर भी मानव चलता जाए।कभी उजाला कभी अंधेराना जाने कब जीवन में आए।जीवन पथ पर चलते जानायही विडंबना है जीवन की ।घोर अंधेरा ऐसा छायाकाले बादल यू मंडराएजीवन पथ अब नज...

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समय की नब्ज पहिचानों - 4 - अंतिम भाग By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

समय की नब्ज पहिचानों 4 काव्य संकलन- समर्पण- समय के वे सभी हस्ताक्षर, जिन्होने समय की नब्ज को,...

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सरल नहीं था यह काम - 5 - अंतिम भाग By डॉ स्वतन्त्र कुमार सक्सैना

सरल नहीं था यह काम 5 काव्‍य संग्रह स्‍वतंत्र कुमार सक...

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മഴ By Dr Darshita Babubhai Shah

അവൾ സ്നേഹത്തിൽ എത്രമാത്രം ശ്രദ്ധിക്കുന്നുവെന്ന് ഞങ്ങളോട് ചോദിക്കരുത്. ദശലക്ഷക്കണക്കിനാളുകളുടെ ആൾക്കൂട്ടത്തിനിടയിലും അവൾ എല്ലാവരോടും എന്റെ അവസ്ഥ ചോദിക്കുന്നു. എന്നെ കണ്ടാൽ അവൻ സമയം...

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వర్షం By Dr Darshita Babubhai Shah

ఆమె ప్రేమలో ఎంత శ్రద్ధ చూపుతుందో మమ్మల్ని అడగవద్దు. లక్షలాది మంది జనంలో కూడా, ఆమె అందరి ముందు నా పరిస్థితిని అడుగుతుంది. నన్ను చూసినప్పుడు అతను సమయం చూడడు లేదా అతనికి సమయం అవసరం కన...

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மழை By Dr Darshita Babubhai Shah

அவள் காதலில் எவ்வளவு அக்கறை காட்டுகிறாள் என்று எங்களிடம் கேட்காதீர்கள். மில்லியன் கணக்கான மக்கள் கூட்டத்தில் கூட, அவள் என் நிலைமையை அனைவர் முன்னிலையிலும் கேட்கிறாள். என்னைப் பார்த்...

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বৃষ্টি By Dr Darshita Babubhai Shah

আমাদের জিজ্ঞাসা করবেন না যে সে ভালবাসায় কতটা যত্ন করে। লাখো মানুষের ভিড়েও সে সবার সামনে আমার অবস্থা জিজ্ঞেস করে। আমাকে দেখলে না সে সময় দেখে, না সে সময়ের প্রয়োজন দেখে। এমনকি এক...

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بارش By Dr Darshita Babubhai Shah

ہم سے مت پوچھو کہ وہ محبت میں کتنی پرواہ کرتی ہے۔ لاکھوں کے ہجوم میں بھی وہ سب کے سامنے میری حالت پوچھتی ہے۔ مجھے دیکھ کر نہ وقت دیکھتا ہے اور نہ وہ وقت کی ضرورت دیکھتا ہے۔ یہاں تک...

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बोलता आईना - 4 - अंतिम भाग By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

बोलता आईना 4 (काव्य संकलन) समर्पण- जिन्होंने अपने जीवन को, समय के आईने के समक्ष, खड़ाकर,उससे कुछ सीखने-...

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सुनो...!!! By ARUANDHATEE GARG मीठी

सुनो...!!!! तुम बनारस हो जाओ, मैं उसमें समाहित रस हो जाऊंगी । तुम प्रेम मग्न कृष्ण की बांसुरी हो जाओ, मैं उसकी मधुर ध्वनि में समाहित राधा हो जाऊंगी । तुम चौरासी घाट हो जाओ प्रिय, म...

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जीवन के सप्त सोपान - 3 By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

जीवन के सप्त सोपान 3 ( सतशयी) ------------------------------ अर्पण- स्नेह के अतुल्नीय स्वरुप,उभय अग्रजों के चरण कमलों में स...

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भारत - 4 By नन्दलाल सुथार राही

जय हिन्द'भारत' काव्य संग्रह के अंतर्गत भाग तीन में भारत की सगुण भक्ति धारा के प्रमुख एवं भारत की सांस्कृतिक धारा के सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्रभु श्रीराम एवं श्री कृष्ण से सम्ब...

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મારો કાવ્ય ઝરૂખો ભાગ : 41 By Hiren Manharlal Vora

કાવ્ય 01કાશ્મીર....સમસ્યા...કાશ્મીર તણો જોટો જડે નહીપૃથ્વી નું સ્વર્ગલોક છે કાશ્મીરશિવે પણ કર્યો હતો જ્યાં વાસહિમાલય છે ભારત ના મુંકુટ સમાનપંડિતો થી શોભતા કાશ્મીર ના નગરકાશ્મીર તો...

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HAPPINESS - 32 By Dr Darshita Babubhai Shah

Mischief has become love Shafat has become graceful. written in your memory Daily rituals have become ************************************* the day passes the night does not pass s...

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आज रावण को अधजला ही रहने दोगे क्या..?? By ARUANDHATEE GARG मीठी

क्या ख्याल है बादलों...??? आज रावण को अधजला ही रहने दोगे क्या? बुराई पर अच्छाई की जीत का झूठा ढोंग करने वालों को , बुराई पर झूठी जीत भी नही दिलाओगे क्या? आज रावण को अधजला ही रहने द...

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में और मेरे अहसास - 43 By Dr Darshita Babubhai Shah

शरारत मुहब्बत बन गई है lशराफत इनायत बन गई है ll तुम्हारी याद मे लिखीं हुईं lदैनन्दिनी रवायत बन गई है ll ************************************* दिन तो गूजर जाता है lरात काटे नहीं कटत...

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मी आणि माझे अहसास - 29 By Dr Darshita Babubhai Shah

खोटेपणा प्रेम बनला आहे सभ्यता कृपा झाली आहे तुझ्या आठवणीत लिहिलेले दैनंदिन विधी बनले आहेत ***************************************** दिवस निघून जातो रात्र जात नाही खंजीर सारखा डंकतो...

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मेरे शब्द मेरी पहचान - 12 By Shruti Sharma

आज की कविताएं1:-) वजह बन जाएँ 2:-) दोस्त नज़र आता हैआशा है आप सभी को ये पसंद आएंगी । उम्मीद करती हूँ आप लोग इसे पढने के बाद ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसे पहुँचाएंगे । आप सभी का ये...

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હું અને મારા અહસાસ - 33 By Dr Darshita Babubhai Shah

તોફાન પ્રેમ બની ગયું છે શિષ્ટાચાર ગ્રેસ બની ગયો છે તમારી યાદમાં લખ્યું છે દૈનિક વિધિ બની ગઈ છે ***************************************** દિવસ પસાર થાય છે રાત પસાર થતી નથી કટારીની જ...

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तुम बिन जिन्दगी (मेरी कवितायें) By निखिल ठाकुर

नाम जिन्दगी का क्या दें अब हम ...तन्हा ए पल जीये है यूं उम्र भर मैने...

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મારી કવિતાઓ ભાગ 5 By Kanzariya Hardik

(1) લઉ છુંબોલવું છે મારે ધણું બધું છતાં વિચાર ને મન માં દબાવી લઉ છુંલાગીયો છે સદમો એવો મનેછતાં ખુદ થી વિચારો ને દુર કરી લઉ છુંસહેવાતા નથી આ કડવાં અનુભવો છતાં પોતાની...

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मोक्षधाम - 5 - अंतिम भाग By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

मोक्षधाम 5 (मिटा सके श्मशान क्याॽ) समर्पणः- इस धरा धाम के संरक्षण में, जिन्होंने अपना शास्वत जीवन- हर पल बिताया, उन्ही सात्विक-...

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पिंजरे कि चिड़िया By Yayawargi (Divangi Joshi)

पाऊं मे जंजीर आज भी है जिसका नाम संस्कार हैये हमारी कोई सुरक्षा नहींये उनका अंहकार हैबेमतलबी सवाल तेरे जवाब बने बहस मेरे बोलना बना बदतमीजीऐसी एक चिड़िया कि कहानी"मुंह चलना बंध कर ।च...

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హే అనంతం By LRKS.Srinivasa Rao

हे अनंत , ज्वलंत हो तुम ।सृष्टि के कण _कण में । संध्या की लालिमा में , अंबर की नीलिमा में , धरती की हरियाली में ,...

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મારી કવિતા - 1 By Jay Dave

(મિત્રો આપની સમકક્ષ મેં લખેલી કેટલીક કવિતા રજૂ કરી રહ્યો છું, આશા રાખું કે તમે વાંચશો અને તમારો કીંમતી પ્રતિભાવ રજૂ કરશો...) 1). ચકલી "હા એ બેસતી મારા ઘર ના દ્વારે; હતી મારે મન...

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खिमुली काव्य - खंड-1 By जयदीप पत्रिका

पहली कवितालिखता हूँ एक कविता लिखता हूँ एक कविता, कुछ लाइनों में, ऐ मेरे वतन, तेरे उन जवानों के लिए। जिन्होंने अपना सीना चीर दिया गोलियों से, और नहीं आने दी तेरे आंगन में कोई दरार।।...

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जीवन पथ By Dr Mrs Lalit Kishori Sharma

जीवन पथ है बड़ा अनोखाफिर भी मानव चलता जाए।कभी उजाला कभी अंधेराना जाने कब जीवन में आए।जीवन पथ पर चलते जानायही विडंबना है जीवन की ।घोर अंधेरा ऐसा छायाकाले बादल यू मंडराएजीवन पथ अब नज...

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सरल नहीं था यह काम - 5 - अंतिम भाग By डॉ स्वतन्त्र कुमार सक्सैना

सरल नहीं था यह काम 5 काव्‍य संग्रह स्‍वतंत्र कुमार सक...

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മഴ By Dr Darshita Babubhai Shah

അവൾ സ്നേഹത്തിൽ എത്രമാത്രം ശ്രദ്ധിക്കുന്നുവെന്ന് ഞങ്ങളോട് ചോദിക്കരുത്. ദശലക്ഷക്കണക്കിനാളുകളുടെ ആൾക്കൂട്ടത്തിനിടയിലും അവൾ എല്ലാവരോടും എന്റെ അവസ്ഥ ചോദിക്കുന്നു. എന്നെ കണ്ടാൽ അവൻ സമയം...

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వర్షం By Dr Darshita Babubhai Shah

ఆమె ప్రేమలో ఎంత శ్రద్ధ చూపుతుందో మమ్మల్ని అడగవద్దు. లక్షలాది మంది జనంలో కూడా, ఆమె అందరి ముందు నా పరిస్థితిని అడుగుతుంది. నన్ను చూసినప్పుడు అతను సమయం చూడడు లేదా అతనికి సమయం అవసరం కన...

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மழை By Dr Darshita Babubhai Shah

அவள் காதலில் எவ்வளவு அக்கறை காட்டுகிறாள் என்று எங்களிடம் கேட்காதீர்கள். மில்லியன் கணக்கான மக்கள் கூட்டத்தில் கூட, அவள் என் நிலைமையை அனைவர் முன்னிலையிலும் கேட்கிறாள். என்னைப் பார்த்...

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আমাদের জিজ্ঞাসা করবেন না যে সে ভালবাসায় কতটা যত্ন করে। লাখো মানুষের ভিড়েও সে সবার সামনে আমার অবস্থা জিজ্ঞেস করে। আমাকে দেখলে না সে সময় দেখে, না সে সময়ের প্রয়োজন দেখে। এমনকি এক...

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بارش By Dr Darshita Babubhai Shah

ہم سے مت پوچھو کہ وہ محبت میں کتنی پرواہ کرتی ہے۔ لاکھوں کے ہجوم میں بھی وہ سب کے سامنے میری حالت پوچھتی ہے۔ مجھے دیکھ کر نہ وقت دیکھتا ہے اور نہ وہ وقت کی ضرورت دیکھتا ہے۔ یہاں تک...

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बोलता आईना - 4 - अंतिम भाग By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

बोलता आईना 4 (काव्य संकलन) समर्पण- जिन्होंने अपने जीवन को, समय के आईने के समक्ष, खड़ाकर,उससे कुछ सीखने-...

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