Best Short Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


Languages
Categories
Featured Books

કરુણા - 21-22 By Rushil Dodiya

વીસમો પરિચ્છેદ​સ્વરૂપ અને કરુણા કાશી (બનારસ) માં છે. કરુણાની ખરાબ હાલત વર્ણવી શકાય તેમ નથી. હંમેશા ડરના ઓથાર હેઠળ રહીને તે કેવા સંજોગોમાં દિવસો વિતાવી રહી છે, તે માત્ર એ જ જાણે છે....

Read Free

વીધિ ના લેખ By Pratibha Joshi

                                                                                        ' આમ્રકુંજ ' સોસાયટી ના બંને તરફ ના વૃક્ષો એ જાણે સામસામે ભેટીને કમાન બનાવી હોય એવા હરિયાળા ...

Read Free

Love beyond the dream By Sohaniwrites

Nina woke up gasping for breath. Morning sunlight poured through the window, but her mind was still trapped inside the strange dream she had seen the night before.The dream had fel...

Read Free

नेट नहीं तो कुछ नहीं By Vandna Sharma

सोहन आज सुबह से परेशान था। बार-बार अपना मोबाइल चेक कर रहा था। शायद कुछ जरूरी मेल आने वाला था। दो दिन से हल्की बारिश हो रही थी। खराब सिग्नल आ रहे थे, नेट काम नहीं कर रहा था। ऑफिस मे...

Read Free

सजा.....बिना कसूर की - 8 By Soni shakya

और अब ... विदाई की घड़ीयह वो समां होता है जिसमें खुशी भी होती है और दुख भी। हर आंख नम हो जाती है जब बेटी विदा होती है ‌।ये वह पल है जिसे मैं अपने शब्दों में बयां नहीं कर सकती ना इस...

Read Free

अब भी दिलकश है तेरा हुस्न मगर क्या कीजे By Sajid Ahmad

अब भी दिलकश है तेरा हुस्न मगर क्या कीजेशाम की जाती हुई रोशनी के साथ अब स्ट्रीट लाइट की हल्की पीली रौशनी रास्तों पर अपनी जगह बनाने लगी थी, आती जाती गाड़ियां और किनारे चलते हुए लोगों...

Read Free

રાખમાંથી ઊગેલી વસંત By Dhara

માહી ઘણી વાર વિચારતી હતી કે માણસ ખરેખર ક્યારે તૂટી જાય છે? જ્યારે કોઈ તેનો હાથ છોડી દે ત્યારે, કે જ્યારે તે પોતાની અંદરથી જ ખોવાઈ જાય ત્યારે?બાળપણમાં તેણે પ્રેમ વિશે ઘણી વાર્તાઓ સા...

Read Free

नियति का खेल By Vandna Sharma

कहानी: नियति का खेलरविवार का दिन था। सीमा फोन में फेसबुक पर अपनी कविता पर आई पाठकों की प्रतिक्रिया पढ़ रही थी। तभी उसकी नजर एक नाम पर रुक गई। रिद्धि ने उसकी कविता पर प्रतिक्रिया दी...

Read Free

ऊंची छलांग By Deepak sharma

                   जब एक बड़े शहर के जाने- माने अस्पताल में मेरी नियुक्ति हुई तो मैं फूली न समायी।        &nbs...

Read Free

ऑनलाइन शॉपिंग By Vandna Sharma

आर्यन के बेटे का दो दिन बाद जन्मदिन था। उसने अपने मम्मी-पापा को गाँव से बुलाने के लिए कहा। उसके पिता सुरेश ने इतनी जल्दी आने में असमर्थता जताते हुए कहा कि मैं अभी स्टेशन गया भी टिक...

Read Free

Fake Boyfriend real Feelings - 1 By Mawaskar Pratigya

झूठ बोल कर निकली, ये कहानी शुरू होती है एक झूठ से, प्रतिज्ञा ने अपने घर पर सबको बोला था, कि वो कॉलेज ट्रिप पर जा रही है, लेकिन सच ये था कि, ये कोई आम कॉलेज ट्रिप नहीं थी, ये एक कपल...

Read Free

दिल्ली जिमखाना क्लब By Devendra Kumar

दिल्ली जिमखाना क्लब   दिल्ली  के बड़े  बड़े लोगों की जान और शान इस दिल्ली जिमखाना  क्लब के लगता है बुरे दिन आ गए हैं, पर यह तो एक दिन होना ही था.  संत कबीर ठीक ही कह गये है :- ‘सब दि...

Read Free

समय का चक्र _एक रियासत का अंत By Vandna Sharma

समय का चक्र_ एक रियासत के अंत की कहानी बात उस समय की है जब भारत पर अंग्रेजों का शासन था। छोटी-छोटी रियासतें हुआ करती थीं। रियासतें क्या साहब यूं कहिए अंग्रेज जिस कर्मचारी से खुश हो...

Read Free

सावन आया ही नहीं By Vandna Sharma

सावन नहीं आया जुलाई का उमस भरा मौसम। हवा तो बस नाम मात्र की चल रही थी। सड़ी हुई गर्मी पड़ रही थी। ईश्वर भी जैसे मानसून के साथ मजाक ही कर रहे थे। बादल आते तो जरूर लेकिन बरसते नहीं।...

Read Free

कॉल - 3 By sky

आर्य अंदर आता है और कमरे को ध्यान से देखने लगता है। उसे सब कुछ बिल्कुल सामान्य लगता है। वह मान लेता है कि यह सब सिर्फ एक सपना था। वह जैसे ही बिस्तर पर लेटने वाला होता है, तभी उसका...

Read Free

मिट्टी की महक By Vandna Sharma

मिट्टी की महक  रवि के बच्चे शहरी जिंदगी से बोर हो चुके थे। सुबह से जिद कर रहे थे - कहीं फार्महाउस पर घुमाने ले चलो। वहाँ बहुत सारी गतिविधियां होती हैं। रवि चुपचाप अपने कम्प्यूटर मे...

Read Free

നിർഭാഗ്യവാൻ – ഒരു സാധാരണ മനുഷ്യന്റെ കഥ By Navaneeth sabu

"ജീവിതം എല്ലാവർക്കും ഒരുപോലെയല്ല."ഈ വാക്കുകൾ നാം പലതവണ കേട്ടിട്ടുണ്ടാകും. എന്നാൽ അതിന്റെ യഥാർത്ഥ അർത്ഥം മനസ്സിലാകുന്നത് ജീവിതം ഓരോ ദിവസവും ഒരു യുദ്ധമായി മാറിയവർക്കാണ്. ചിലർ സ്വപ്നങ...

Read Free

Ruby’s Bright Song By Hylton Craig Upshon

One bright morning, the forest woke up with the warm golden sunshine. Dewdrops sparkled like tiny diamonds on the leaves. Flowers stretched open, butterflies danced through the air...

Read Free

सिंधु संधि पर विराम By Mayuresh Patki

भारत और पाकिस्तान के संबंधों में सिंधु जल संधि सबसे महत्वपूर्ण और लंबे समय तक प्रभावी रहने वाले समझौतों में से एक मानी जाती है। 19 सितंबर 1960 को विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई इस...

Read Free

गोल रोटी By Priyanka Gupta

"प्रिया, हाँ माँ..." कमरे में बैठी प्रिया ने किचन से आ रही आवाज़ की तरफ मुँह करके कहा।"यहाँ आ जा," ये आवाज़ उसकी माँ, सरिता की थी। प्रिया उठी और किचन की तरफ दौड़ पड...

Read Free

भगवंत आणि भक्त By Kavita Parabkar

माझी ही कथा आहे भक्तआणि भगवंत यांच्या अपार प्रेमाची..     मी अगदीच १८वर्षा ची असताना आमच्या समोरच एक आजोबा राहायचे.... त्यांचं वय खूपच झालं होतं... वयाच्या मानाने त्यांना आता दिसाय...

Read Free

હઠીસિહનો હકલો By anjubhatt

               હઠીસિંહ દરબાર ટેરી ગામના મુખી. ભલા અને દયાળુ સરપંચ માણસ. ગામમાં ક્યાય કોઈ પણ કામ હોય મુખી કાકા હજાર થઈ જાય. સારા માઠા પ્રસંગમાં હઠીસિંહ પોતેજ આગળ પડીને જ્વાબદારી નિભ...

Read Free

ती मुलगी नकोच By Kavita Parabkar

15 वर्षांची मृण्मयी शाळेतून घरी आली आणि रागाने घरी येऊन... पळत आपल्या रूम मधे जाते..तिची आई आवाज देत असते पण ती तीच काहीच ऐकून घेत नाही...   तिच्या आई ला काहीच समजत नव्हते.. पण माह...

Read Free

સ્ત્રી - સામાજિક ધરોહર By Pratibha Joshi

                                                                                 આજે સવાર થી જ અમારી સંસ્થા માં ચહલ પહલ ચાલી રહી હતી . આજે હતો " આંતરરાષ્ટ્રીય મહિલા દિવસ ".  એના અન...

Read Free

मुक्ता....??️ - 3 By sabdhpriyaa

              3.मला जगायचे आहे.....मुक्ताला कळून चुकलं होतं की आता पुढे काय होणार आहे.......समाजात अशा अनेक गोष्टी घडत असतात.... रोज कोणी ना कोणी त्याला बळी पडत .पण काय आहे ना जोवर...

Read Free

अंत भला तो सब भला। By Vandna Sharma

आज मौसम सुहावना हो रहा था। आसमान में बादल छाए हुए थे। हल्की बारिश हो रही थी। धरती पर पानी टप टप टपक रहा था। बहुत दिनों बाद बारिश हुई थी पहली बारिश के बाद मिट्टी की सोंधी सोंधी खुशब...

Read Free

यादों की पोटली By Vandna Sharma

वो दिन भी क्या दिन थे  जानकी देवी की लड़की की शादी थी आज। घर फिर भी सूना लग रहा था। कोई रिश्तेदार नहीं आया था। जो आस-पड़ोस के जान-पहचान वाले थे वो भी रात को ही आयेंगे सिर्फ खाना खा...

Read Free

ऑनलाइन राखी By Vandna Sharma

रक्षाबंधन  प्रीति सुबह का काम खत्म कर, बच्चों का टिफिन पैक कर अपनी साहित्यक पत्रिका पढ़ने बैठी। तभी दरवाजे की डोरबेल बजी जैसे ही दरवाजा खोला सामने अपनी बहन अदिति को देख खुशी से उछल...

Read Free

The Extra Cup By prachi Gurjar

                      The Extra Cup                               By                             Prachi Gurjar Every evening, at exactly six o’clock, the bell above the cafe door w...

Read Free

महाराष्ट्राचे अपूर्ण स्वप्न By Mayuresh Patki

भारताला स्वातंत्र्य मिळून जवळपास आठ दशके झाली आणि महाराष्ट्र राज्याच्या स्थापनेलाही सहा दशकांहून अधिक काळ लोटला. या काळात महाराष्ट्राने उद्योग, शिक्षण, सहकार, विज्ञान, कला आणि अर्थ...

Read Free

तीज का सिंधारा By Vandna Sharma

आज तनु अपनी दोस्त प्रीति से मिलने उसके घर गई थी। बहुत दिनों बाद दोनों दोस्त मिलीं थीं। एक दूसरे को देख दोनों खुशी से चहकते हुए गले मिली। प्रीति अपना घर दिखाने लगी तनु को। अपने बेडर...

Read Free

अंतिम यात्रा By Vandna Sharma

अंतिम यात्रा  कहानी  'अंतिम यात्रा' शब्द सुनकर ही दिल काँपने लगता है। यह समय सभी को आना है। दुनिया का अंतिम सत्य भी यही है। दुनिया में लाखों लोग रोज मरते हैं। दिल दहल जाता...

Read Free

हन्सु के प्रेम की नैया By Rakesh Kumar Sharma

हमारे सभ्य समाज में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी प्रकार से अपनी आजिविका कमाने के लिए प्रयासरत है। कुछ विशेष प्रवृति के प्राणी भी हमारे इसी समाज में पाये जाते हैं जो दिन-भर कुछ नहीं...

Read Free

દીકરીની મા... By પારૂલ ઠક્કર... યાદ

                      અનિકાની આંખમાં આંસુનું ઘોડાપુર ઉમટવા તૈયાર જ હતું પણ ચહેરા પર નકલી હાસ્યનો બંધ આ ધસમસ્તા પૂરને રોકી રહ્યો હતો.          આવતીકાલે તેની એકની એક લાડકી દીકરી, રિય...

Read Free

कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 By miss k

आपको पता ही होगा की थोड़े दिन पहले ही फ़ादर्स डे गया तभी मेरे मन में एक विचार आया कि पापा तो रोज ही स्पेशल होते हैं तो फिर फ़ादर्स डे मनाने की तो कोई जरूरत हे ही नहीं। पहले इतना को...

Read Free

મુખવટો By Pratibha Joshi

                                                                         સાંજ ના સમય ની મારી ચા નો કપ લઈને હું રોજ ના નિયમ પ્રમાણે બેકયાર્ડ માં રાખેલ હીંચકા ઉપર આવી ને બેઠી . ઝરમર ...

Read Free

भज्यांची आमटी By Vrishali Gotkhindikar

भज्याची आमटी हा एक अत्यंत चविष्ट आणि खमंग प्रकार जो भात भाकरी किंवा पोळी कशा सोबतही चांगला लागतो भज्याची आमटी म्हंटले की कॉलेज चे दिवस आठवतातया आमटीची ही चवीष्ट आठवण सांगितल्या खेर...

Read Free

तैयारी के भंवर में कैद जवानी By Kapil Tiwari

आज मन काफी उदास है। मुझे प्रयागराज के एक छोटे से कमरे में रहते हुए लगभग तीन साल हो गए हैं। इस बंद कमरे में रहते-रहते अब मन में बार-बार यही सवाल उठता है कि आखिर और कब तक? कब तक सरका...

Read Free

देसी जुगाड बड़ा कमाल By Vandna Sharma

लोक कथा  देशी जुगाड बड़ा कमाल एक समय की बात है। किसी गाँव में एक पंडित जी रहते थे। वो थोड़ा कम पढ़े-लिखे थे लेकिन बुद्धि बहुत थी उनके पास। आध्यात्मिक ज्ञान भी था। गाँव में उनके ज्ञ...

Read Free

दंगा By Virendra Devangan

एक नगर में जाने किस बात पर दंगा भड़का कि दंगाई खून की होली खेलने लगे। वहां देखते-ही-देखते रक्तरंजित लाशें बिछ गईं। जबरदस्त आगजनी हुई। घर-के-घर फूंक डाले गए। मोटरगाड़ियां धू-धू कर जल...

Read Free

बुआ By Vandna Sharma

---बुआ - महक की कहानी आज सबसे उपेक्षित रिश्ता है बुआ। कोई नहीं बुलाना चाहता बुआ को। बुआ के नाम से ही घर की बहुओं के मुँह बन जाते हैं। पहले होती होंगी बुआ रुआब, मैंने तो आज तक नहीं...

Read Free

ਅੱਖਰ ਬੋਲਦੇ ਨੇ By Mohammad Usman

ਅੱਖਰ ਬੋਲਦੇ ਨੇ (ਸ਼ਾਇਰੀ ਸੰਗ੍ਰਹਿ)​ਕਿਤਾਬ-ਏ-ਦਿਲ ਦਾ ਅੱਜ ਨਵਾਂ ਆਗਾਜ਼ ਕਰਦੇ ਹਾਂ,ਅਸੀਂ ਸ਼ਬਦਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਰੂਹ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਭਰਦੇ ਹਾਂ।​ਨਾ ਕੋਈ ਕਿੱਸਾ ਹੋਵੇਗਾ, ਨਾ ਕੋਈ ਕਹਾਣੀ ਹੋਵੇਗੀ,ਹੁਣ ਪੰਨੇ-ਪੰਨੇ 'ਤੇ ਜਜ਼ਬ...

Read Free

ये सब इतना Complicated क्यों है ? By InkImagination

सब इतना उलझा हुआ क्यों है? यह सवाल अक्सर उन पलों में उठता है जब ज़िंदगी अचानक अपनी रफ्तार बदल देती है। कभी-कभी कोई इंसान हमारी ज़िंदगी में बिना किसी पूर्व सूचना के आता है। शुरूआत ब...

Read Free

बहु पुराण By Vandna Sharma

*'बहु-पुराण' - ये कहानी नहीं, हर उस औरत का दस्तावेज है जिसने गाँव की मिट्टी से शहर के अकेलेपन तक का सफर तय किया है।*शीर्षक: बहु-पुराण*  *- सुबह से बारिश हो रही थी। मौसम सुह...

Read Free

कोन्निचिवा: माय देसी लव - 2 By Kajal Soam

परिदृश्य: जयपुर की हलचल भरी सड़कें और शिवानी का संघर्ष।जयपुर की दोपहर अपनी पूरी रंगत में थी। हवा में आमेर के किलों की खुशबू और बाज़ारों का शोर घुला हुआ था। शिवानी आज 'सीतापुरा इं...

Read Free

अनबुझा चूना By Deepak sharma

                 घड़ी में तीन बजे थे जब जाई बिस्तर से उठ कर बैठ ली थीं।                  &...

Read Free

કરુણા - 21-22 By Rushil Dodiya

વીસમો પરિચ્છેદ​સ્વરૂપ અને કરુણા કાશી (બનારસ) માં છે. કરુણાની ખરાબ હાલત વર્ણવી શકાય તેમ નથી. હંમેશા ડરના ઓથાર હેઠળ રહીને તે કેવા સંજોગોમાં દિવસો વિતાવી રહી છે, તે માત્ર એ જ જાણે છે....

Read Free

વીધિ ના લેખ By Pratibha Joshi

                                                                                        ' આમ્રકુંજ ' સોસાયટી ના બંને તરફ ના વૃક્ષો એ જાણે સામસામે ભેટીને કમાન બનાવી હોય એવા હરિયાળા ...

Read Free

Love beyond the dream By Sohaniwrites

Nina woke up gasping for breath. Morning sunlight poured through the window, but her mind was still trapped inside the strange dream she had seen the night before.The dream had fel...

Read Free

नेट नहीं तो कुछ नहीं By Vandna Sharma

सोहन आज सुबह से परेशान था। बार-बार अपना मोबाइल चेक कर रहा था। शायद कुछ जरूरी मेल आने वाला था। दो दिन से हल्की बारिश हो रही थी। खराब सिग्नल आ रहे थे, नेट काम नहीं कर रहा था। ऑफिस मे...

Read Free

सजा.....बिना कसूर की - 8 By Soni shakya

और अब ... विदाई की घड़ीयह वो समां होता है जिसमें खुशी भी होती है और दुख भी। हर आंख नम हो जाती है जब बेटी विदा होती है ‌।ये वह पल है जिसे मैं अपने शब्दों में बयां नहीं कर सकती ना इस...

Read Free

अब भी दिलकश है तेरा हुस्न मगर क्या कीजे By Sajid Ahmad

अब भी दिलकश है तेरा हुस्न मगर क्या कीजेशाम की जाती हुई रोशनी के साथ अब स्ट्रीट लाइट की हल्की पीली रौशनी रास्तों पर अपनी जगह बनाने लगी थी, आती जाती गाड़ियां और किनारे चलते हुए लोगों...

Read Free

રાખમાંથી ઊગેલી વસંત By Dhara

માહી ઘણી વાર વિચારતી હતી કે માણસ ખરેખર ક્યારે તૂટી જાય છે? જ્યારે કોઈ તેનો હાથ છોડી દે ત્યારે, કે જ્યારે તે પોતાની અંદરથી જ ખોવાઈ જાય ત્યારે?બાળપણમાં તેણે પ્રેમ વિશે ઘણી વાર્તાઓ સા...

Read Free

नियति का खेल By Vandna Sharma

कहानी: नियति का खेलरविवार का दिन था। सीमा फोन में फेसबुक पर अपनी कविता पर आई पाठकों की प्रतिक्रिया पढ़ रही थी। तभी उसकी नजर एक नाम पर रुक गई। रिद्धि ने उसकी कविता पर प्रतिक्रिया दी...

Read Free

ऊंची छलांग By Deepak sharma

                   जब एक बड़े शहर के जाने- माने अस्पताल में मेरी नियुक्ति हुई तो मैं फूली न समायी।        &nbs...

Read Free

ऑनलाइन शॉपिंग By Vandna Sharma

आर्यन के बेटे का दो दिन बाद जन्मदिन था। उसने अपने मम्मी-पापा को गाँव से बुलाने के लिए कहा। उसके पिता सुरेश ने इतनी जल्दी आने में असमर्थता जताते हुए कहा कि मैं अभी स्टेशन गया भी टिक...

Read Free

Fake Boyfriend real Feelings - 1 By Mawaskar Pratigya

झूठ बोल कर निकली, ये कहानी शुरू होती है एक झूठ से, प्रतिज्ञा ने अपने घर पर सबको बोला था, कि वो कॉलेज ट्रिप पर जा रही है, लेकिन सच ये था कि, ये कोई आम कॉलेज ट्रिप नहीं थी, ये एक कपल...

Read Free

दिल्ली जिमखाना क्लब By Devendra Kumar

दिल्ली जिमखाना क्लब   दिल्ली  के बड़े  बड़े लोगों की जान और शान इस दिल्ली जिमखाना  क्लब के लगता है बुरे दिन आ गए हैं, पर यह तो एक दिन होना ही था.  संत कबीर ठीक ही कह गये है :- ‘सब दि...

Read Free

समय का चक्र _एक रियासत का अंत By Vandna Sharma

समय का चक्र_ एक रियासत के अंत की कहानी बात उस समय की है जब भारत पर अंग्रेजों का शासन था। छोटी-छोटी रियासतें हुआ करती थीं। रियासतें क्या साहब यूं कहिए अंग्रेज जिस कर्मचारी से खुश हो...

Read Free

सावन आया ही नहीं By Vandna Sharma

सावन नहीं आया जुलाई का उमस भरा मौसम। हवा तो बस नाम मात्र की चल रही थी। सड़ी हुई गर्मी पड़ रही थी। ईश्वर भी जैसे मानसून के साथ मजाक ही कर रहे थे। बादल आते तो जरूर लेकिन बरसते नहीं।...

Read Free

कॉल - 3 By sky

आर्य अंदर आता है और कमरे को ध्यान से देखने लगता है। उसे सब कुछ बिल्कुल सामान्य लगता है। वह मान लेता है कि यह सब सिर्फ एक सपना था। वह जैसे ही बिस्तर पर लेटने वाला होता है, तभी उसका...

Read Free

मिट्टी की महक By Vandna Sharma

मिट्टी की महक  रवि के बच्चे शहरी जिंदगी से बोर हो चुके थे। सुबह से जिद कर रहे थे - कहीं फार्महाउस पर घुमाने ले चलो। वहाँ बहुत सारी गतिविधियां होती हैं। रवि चुपचाप अपने कम्प्यूटर मे...

Read Free

നിർഭാഗ്യവാൻ – ഒരു സാധാരണ മനുഷ്യന്റെ കഥ By Navaneeth sabu

"ജീവിതം എല്ലാവർക്കും ഒരുപോലെയല്ല."ഈ വാക്കുകൾ നാം പലതവണ കേട്ടിട്ടുണ്ടാകും. എന്നാൽ അതിന്റെ യഥാർത്ഥ അർത്ഥം മനസ്സിലാകുന്നത് ജീവിതം ഓരോ ദിവസവും ഒരു യുദ്ധമായി മാറിയവർക്കാണ്. ചിലർ സ്വപ്നങ...

Read Free

Ruby’s Bright Song By Hylton Craig Upshon

One bright morning, the forest woke up with the warm golden sunshine. Dewdrops sparkled like tiny diamonds on the leaves. Flowers stretched open, butterflies danced through the air...

Read Free

सिंधु संधि पर विराम By Mayuresh Patki

भारत और पाकिस्तान के संबंधों में सिंधु जल संधि सबसे महत्वपूर्ण और लंबे समय तक प्रभावी रहने वाले समझौतों में से एक मानी जाती है। 19 सितंबर 1960 को विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई इस...

Read Free

गोल रोटी By Priyanka Gupta

"प्रिया, हाँ माँ..." कमरे में बैठी प्रिया ने किचन से आ रही आवाज़ की तरफ मुँह करके कहा।"यहाँ आ जा," ये आवाज़ उसकी माँ, सरिता की थी। प्रिया उठी और किचन की तरफ दौड़ पड...

Read Free

भगवंत आणि भक्त By Kavita Parabkar

माझी ही कथा आहे भक्तआणि भगवंत यांच्या अपार प्रेमाची..     मी अगदीच १८वर्षा ची असताना आमच्या समोरच एक आजोबा राहायचे.... त्यांचं वय खूपच झालं होतं... वयाच्या मानाने त्यांना आता दिसाय...

Read Free

હઠીસિહનો હકલો By anjubhatt

               હઠીસિંહ દરબાર ટેરી ગામના મુખી. ભલા અને દયાળુ સરપંચ માણસ. ગામમાં ક્યાય કોઈ પણ કામ હોય મુખી કાકા હજાર થઈ જાય. સારા માઠા પ્રસંગમાં હઠીસિંહ પોતેજ આગળ પડીને જ્વાબદારી નિભ...

Read Free

ती मुलगी नकोच By Kavita Parabkar

15 वर्षांची मृण्मयी शाळेतून घरी आली आणि रागाने घरी येऊन... पळत आपल्या रूम मधे जाते..तिची आई आवाज देत असते पण ती तीच काहीच ऐकून घेत नाही...   तिच्या आई ला काहीच समजत नव्हते.. पण माह...

Read Free

સ્ત્રી - સામાજિક ધરોહર By Pratibha Joshi

                                                                                 આજે સવાર થી જ અમારી સંસ્થા માં ચહલ પહલ ચાલી રહી હતી . આજે હતો " આંતરરાષ્ટ્રીય મહિલા દિવસ ".  એના અન...

Read Free

मुक्ता....??️ - 3 By sabdhpriyaa

              3.मला जगायचे आहे.....मुक्ताला कळून चुकलं होतं की आता पुढे काय होणार आहे.......समाजात अशा अनेक गोष्टी घडत असतात.... रोज कोणी ना कोणी त्याला बळी पडत .पण काय आहे ना जोवर...

Read Free

अंत भला तो सब भला। By Vandna Sharma

आज मौसम सुहावना हो रहा था। आसमान में बादल छाए हुए थे। हल्की बारिश हो रही थी। धरती पर पानी टप टप टपक रहा था। बहुत दिनों बाद बारिश हुई थी पहली बारिश के बाद मिट्टी की सोंधी सोंधी खुशब...

Read Free

यादों की पोटली By Vandna Sharma

वो दिन भी क्या दिन थे  जानकी देवी की लड़की की शादी थी आज। घर फिर भी सूना लग रहा था। कोई रिश्तेदार नहीं आया था। जो आस-पड़ोस के जान-पहचान वाले थे वो भी रात को ही आयेंगे सिर्फ खाना खा...

Read Free

ऑनलाइन राखी By Vandna Sharma

रक्षाबंधन  प्रीति सुबह का काम खत्म कर, बच्चों का टिफिन पैक कर अपनी साहित्यक पत्रिका पढ़ने बैठी। तभी दरवाजे की डोरबेल बजी जैसे ही दरवाजा खोला सामने अपनी बहन अदिति को देख खुशी से उछल...

Read Free

The Extra Cup By prachi Gurjar

                      The Extra Cup                               By                             Prachi Gurjar Every evening, at exactly six o’clock, the bell above the cafe door w...

Read Free

महाराष्ट्राचे अपूर्ण स्वप्न By Mayuresh Patki

भारताला स्वातंत्र्य मिळून जवळपास आठ दशके झाली आणि महाराष्ट्र राज्याच्या स्थापनेलाही सहा दशकांहून अधिक काळ लोटला. या काळात महाराष्ट्राने उद्योग, शिक्षण, सहकार, विज्ञान, कला आणि अर्थ...

Read Free

तीज का सिंधारा By Vandna Sharma

आज तनु अपनी दोस्त प्रीति से मिलने उसके घर गई थी। बहुत दिनों बाद दोनों दोस्त मिलीं थीं। एक दूसरे को देख दोनों खुशी से चहकते हुए गले मिली। प्रीति अपना घर दिखाने लगी तनु को। अपने बेडर...

Read Free

अंतिम यात्रा By Vandna Sharma

अंतिम यात्रा  कहानी  'अंतिम यात्रा' शब्द सुनकर ही दिल काँपने लगता है। यह समय सभी को आना है। दुनिया का अंतिम सत्य भी यही है। दुनिया में लाखों लोग रोज मरते हैं। दिल दहल जाता...

Read Free

हन्सु के प्रेम की नैया By Rakesh Kumar Sharma

हमारे सभ्य समाज में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी प्रकार से अपनी आजिविका कमाने के लिए प्रयासरत है। कुछ विशेष प्रवृति के प्राणी भी हमारे इसी समाज में पाये जाते हैं जो दिन-भर कुछ नहीं...

Read Free

દીકરીની મા... By પારૂલ ઠક્કર... યાદ

                      અનિકાની આંખમાં આંસુનું ઘોડાપુર ઉમટવા તૈયાર જ હતું પણ ચહેરા પર નકલી હાસ્યનો બંધ આ ધસમસ્તા પૂરને રોકી રહ્યો હતો.          આવતીકાલે તેની એકની એક લાડકી દીકરી, રિય...

Read Free

कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 By miss k

आपको पता ही होगा की थोड़े दिन पहले ही फ़ादर्स डे गया तभी मेरे मन में एक विचार आया कि पापा तो रोज ही स्पेशल होते हैं तो फिर फ़ादर्स डे मनाने की तो कोई जरूरत हे ही नहीं। पहले इतना को...

Read Free

મુખવટો By Pratibha Joshi

                                                                         સાંજ ના સમય ની મારી ચા નો કપ લઈને હું રોજ ના નિયમ પ્રમાણે બેકયાર્ડ માં રાખેલ હીંચકા ઉપર આવી ને બેઠી . ઝરમર ...

Read Free

भज्यांची आमटी By Vrishali Gotkhindikar

भज्याची आमटी हा एक अत्यंत चविष्ट आणि खमंग प्रकार जो भात भाकरी किंवा पोळी कशा सोबतही चांगला लागतो भज्याची आमटी म्हंटले की कॉलेज चे दिवस आठवतातया आमटीची ही चवीष्ट आठवण सांगितल्या खेर...

Read Free

तैयारी के भंवर में कैद जवानी By Kapil Tiwari

आज मन काफी उदास है। मुझे प्रयागराज के एक छोटे से कमरे में रहते हुए लगभग तीन साल हो गए हैं। इस बंद कमरे में रहते-रहते अब मन में बार-बार यही सवाल उठता है कि आखिर और कब तक? कब तक सरका...

Read Free

देसी जुगाड बड़ा कमाल By Vandna Sharma

लोक कथा  देशी जुगाड बड़ा कमाल एक समय की बात है। किसी गाँव में एक पंडित जी रहते थे। वो थोड़ा कम पढ़े-लिखे थे लेकिन बुद्धि बहुत थी उनके पास। आध्यात्मिक ज्ञान भी था। गाँव में उनके ज्ञ...

Read Free

दंगा By Virendra Devangan

एक नगर में जाने किस बात पर दंगा भड़का कि दंगाई खून की होली खेलने लगे। वहां देखते-ही-देखते रक्तरंजित लाशें बिछ गईं। जबरदस्त आगजनी हुई। घर-के-घर फूंक डाले गए। मोटरगाड़ियां धू-धू कर जल...

Read Free

बुआ By Vandna Sharma

---बुआ - महक की कहानी आज सबसे उपेक्षित रिश्ता है बुआ। कोई नहीं बुलाना चाहता बुआ को। बुआ के नाम से ही घर की बहुओं के मुँह बन जाते हैं। पहले होती होंगी बुआ रुआब, मैंने तो आज तक नहीं...

Read Free

ਅੱਖਰ ਬੋਲਦੇ ਨੇ By Mohammad Usman

ਅੱਖਰ ਬੋਲਦੇ ਨੇ (ਸ਼ਾਇਰੀ ਸੰਗ੍ਰਹਿ)​ਕਿਤਾਬ-ਏ-ਦਿਲ ਦਾ ਅੱਜ ਨਵਾਂ ਆਗਾਜ਼ ਕਰਦੇ ਹਾਂ,ਅਸੀਂ ਸ਼ਬਦਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਰੂਹ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਭਰਦੇ ਹਾਂ।​ਨਾ ਕੋਈ ਕਿੱਸਾ ਹੋਵੇਗਾ, ਨਾ ਕੋਈ ਕਹਾਣੀ ਹੋਵੇਗੀ,ਹੁਣ ਪੰਨੇ-ਪੰਨੇ 'ਤੇ ਜਜ਼ਬ...

Read Free

ये सब इतना Complicated क्यों है ? By InkImagination

सब इतना उलझा हुआ क्यों है? यह सवाल अक्सर उन पलों में उठता है जब ज़िंदगी अचानक अपनी रफ्तार बदल देती है। कभी-कभी कोई इंसान हमारी ज़िंदगी में बिना किसी पूर्व सूचना के आता है। शुरूआत ब...

Read Free

बहु पुराण By Vandna Sharma

*'बहु-पुराण' - ये कहानी नहीं, हर उस औरत का दस्तावेज है जिसने गाँव की मिट्टी से शहर के अकेलेपन तक का सफर तय किया है।*शीर्षक: बहु-पुराण*  *- सुबह से बारिश हो रही थी। मौसम सुह...

Read Free

कोन्निचिवा: माय देसी लव - 2 By Kajal Soam

परिदृश्य: जयपुर की हलचल भरी सड़कें और शिवानी का संघर्ष।जयपुर की दोपहर अपनी पूरी रंगत में थी। हवा में आमेर के किलों की खुशबू और बाज़ारों का शोर घुला हुआ था। शिवानी आज 'सीतापुरा इं...

Read Free

अनबुझा चूना By Deepak sharma

                 घड़ी में तीन बजे थे जब जाई बिस्तर से उठ कर बैठ ली थीं।                  &...

Read Free