फ्रंट

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यह कहानी एक शहीद मेजर की पत्नी की है। जैसे सेना का सिपाही पूरी मुस्तैदी से सरहद पर डटा रहता है वैसे ही उसकी पत्नी सामाजिक व पारिवारिक फ्रंट पर डटी रहती है। यह पूरी हिम्मत के साथ जीवन संघर्ष को झेलती श्वेता की कहानी है। जिसने पति के शहीद होने पर भी हार नहीं मानी।