Best Short Stories stories in hindi read and download free PDF

360 डिग्री का कोण
by Sneh Goswami

  360 डिग्री का कोण    मैं प्लेटफार्म पर खड़ी अपनी ट्रेन का इंतजार कर रही थी । गाड़ी करीब दो घंटे लेट थी और हमे यहाँ खड़े डेढ़ ...

निम्मो (भाग-2)
by Deepak Bundela AryMoulik
  • 264

निम्मो (भाग-2)निम्मो- देखो शाहिद आप मेरे शोहर हो के भी मेरी परेशानीयों को  नहीं समझ रहें हैं.. आप समझने की कोशिश क्यों नहीं करते.. मैं.. मैं... कैसे समझाऊ आपको ...

ज़िन्दगी का नाम दोस्ती
by Vijay Raval
  • 249

सोमवारसप्ताह का पहला दिन, बैसाख महीने की त्राहिमाम जैसी भीषण गरमी के प्रकोप से पसीने से लथपथ ऑफिस टाईम के पीक अवर्स की भीड़ को चीरते महात्मा सर्किल के ...

अपेक्षाएं
by DrSonika Sharma
  • 252

मेहरोत्रा जी को रिटायर हुए अभी कुछ ही साल हुए है पर अभी भी वह अपने को पूरे दिन किसी न किसी काम में व्यस्त रखते है और अपनी ...

मतलबी दुनिया
by Ganesh
  • 240

              दुनिया का क्या है दोस्त, आज तेरे साथ है, कल किसी और के साथ। वो बोलते है ना कि दुनिया गोल है, ...

खिलते पत्थर
by Prabodh Kumar Govil
  • 453

"खिलते पत्थर!" उन्हें इस अपार्टमेंट में आए ज़्यादा समय नहीं हुआ था। ज़्यादा समय कहां से होता। ये तो कॉलोनी ही नई थी। फ़िर ये इमारत तो और भी ...

हार जीत - 2
by S Sinha
  • 198

अंतिम भाग 2 - पहले अंक में आपने निर्मला और गरिमा के शर्त के बारे में और उनके साथ हुई दुर्घटना के बारे में पढ़ा  . अब आगे पढ़ें ...

मठोली
by Rajesh Kumar
  • 318

"मठोली" एक गरीब 12 वर्ष का लड़का जिसके माँ-बाप 4 वर्ष पहले उसे दुनिया में बेसहारा छोड़ गए। माँ-बाप की बीमारी ने एक सामान्य घर को तोड़ कर रख ...

दरार
by Monty Khandelwal
  • 315

  नरेंद्र के  पिता ने नरेंद्र  के फ्रेंड मोहित को बोलते हुए कहा आज तो  नरेंद्र की शादी की बात करने के लिए लड़की वाले आ रहे हैं | ...

आज की द्रौपदी और सुभद्रा - 1
by Sakhi
  • 276

स्त्री मन बहुत विचित्र है जिससे स्नेह करता है उसके लिए अपना सर्वस्व निछावर कर देता है।जो भी उसका अपना है,चाहे वो प्रेम हो,पति ,बच्चा या उसका घर  हो।स्त्री ...

भगवान बेचने वाला
by Alok Mishra
  • 180

             भगवान ले लो .....भगवान, रंग-बिरंगे भगवान...., फैंसी भगवान..... ,भगवान ले लो...। हाथठेले वाला हाथठेले पर  मूर्तियां सजा कर और जोर जोर से आवाज ...

ग़लतफ़हमी भाग-3 (विरह के दिन)
by Ramanuj Dariya
  • 222

देखो न , हर कोई आ गया मिलने, कौन रूठता नहीं है पर इसका मतलब ये थोड़ी होता है कि बीच राह में साथ छोड़ कर चला जाये ओ ...

हार जीत - 1
by S Sinha
  • 246

भाग 1 - बात बात में दो सखियों के बीच एक शर्त लगी  . शर्त चाहे जिसने भी जीती या हारी दोनों के लिए बुरा ही साबित हुआ  .    ...

पागल – बंदूक सिंह
by Mens HUB
  • 153

पागल एक छोटे शहर और उसके दरोगा का किस्सा है जिससे 3 भागों में लिखा गया है इस किस्से का वास्तविक नाम ‘रामनगर’ या ‘दरोगा बन्दूक सिंह’ होना चाहिए ...

करवा चौथ की मेहंदी..
by Mahira Choudhary
  • 288

(((सिंगल होना मुश्किल नहीं सिंगल होके सबको ये यकीन करवाना की हम सिंगल हैं बहुत मुश्किल है! हमारे साथ कुछ ऐसा होता है फॅमिली और जिगरी दोस्तों को ख़ुद ...

नन्हा फ़रिश्ता
by zeba praveen
  • 285

                                                          ...

सम्पादक
by राजेश ओझा
  • 195

                                   नीलेश अपने प्रथम लघुकथा संग्रह के कवर पेज को लेकर द्वन्द में था..तीन ...

निम्मो (भाग-1 )
by Deepak Bundela AryMoulik
  • 756

निम्मो.. !निम्मो... निम्मो.... अरे कहां मर गई कमब्खत मारी.. निम्मो- जी आई अम्मी... और निम्मो अपने सिर को दुपट्टे से ढकते हुए दौड़ती सी बैठक बाले कमरे की तरफ आती है. ...

मोहब्बत
by अनामिका
  • 333

रात का घना अंधेरा छाया हुआ था UP के किसी रास्तें पर फुल्ल स्पीड से बाईक भागे जा रही थी वो बाईक एक शानदार घर के सामने खड़ी रहीबाईक ...

एक शायराना सफ़र
by Aksha
  • (25)
  • 855

नजरो से नजर मिला कर जान ना सके,हाथ से हाथ मिलाकर नियति अपना ना सके,लफ्ज़ से लफ्ज़  प्यासे सागर का इरादा ना समझ सके,जिस्म से जिस्म का ये इत्तेफाक ...

घर है कहाॅं ?
by Archana Singh
  • 393

                                                          ...

कार अलाउएंस से एक्स्ट्रा कमाई
by S Sinha
  • 177

                                  कहानी  - कार अलाउएंस से एक्स्ट्रा  कमाई     गौतम और नरेश दोनों अच्छे मित्र थे .दोनों  एक ही  सरकारी कारखाने  में अफसर पद  थे . संयोगवश  दोनों की सेवानिवृत्ति  ...

लिखी हुई इबारत - 8
by Jyotsana Kapil
  • 333

दंश                                बाबूजी ने बहुत उमंग व आतुरता से दरवाजे पर लगा घण्टी का बटन दबाया। ...

भगवान पे उजाला
by Manoj Sharma
  • 279

प्रश्न : क्या सच में, उस दिन, मैंने भगवान पे उजाला कर दिया था ??हमारे शहर ग्वालियर और गुना के बीच एक जिला और पड़ता है, जिसे शिवपुरी के ...

जिंदगी से मुलाकात - भाग 5
by R.J. Artan
  • 210

डिप्रेशन की बात उसने किसी को बताना लाजमी नहीं समझा।  अगर वह ऐसा करती तो उसका एंप्लॉय ऑफ द ईयर का अवार्ड  चला जाता।मेकअप  इंसान ने बनाई हुई  ऐसी ...

बैल-हैं-बैल
by rajendra shrivastava
  • 282

लघु-कथा--   बैल-हैं-बैल                                                     ...

आजाद परिंदा – आत्मनिर्भर
by Mens HUB
  • 639

नमिता सुबह 7 बजे ही ब्यूटी पार्लर पहुँच गयी थी | ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला उसकी सहेली थी और विशेष तौर पर नमिता के अनुरोध पर ही ब्यूटी ...

ग़लतफ़हमी भाग-2
by Ramanuj Dariya
  • 294

आज चार दिन हो गये, आशी ने बात नहीं की। ओ बहुत जिद्दी है ,हो सकता है कि ओ फिर कभी भी बात न करे क्योंकि उसकी कथनी और ...

रघुवन की कहानियां - आसमान से गिरे
by Sandeep Shrivastava
  • 201

रघुवन में पक्षियों के झुण्ड आसमान में कलरव करते हुए उड़ान भरते रहते थे| एक दूसरे को देखऐसे उड़ते जैसे कि कोई प्रतियोगिता चल रही हो| अलग अलग प्रजाति ...

प्यार का फलसफा
by S Sinha
  • 270

 कहानी -   प्यार का  फलसफा     गर्मियों की शुरुआत थी .एक  दिन शाम हम अपनी पत्नी के साथ चाय की चुस्कियां ले रहे थे . मौसम कोई ...