Hindi Short Stories Books and stories free PDF

    अँधेरे में जुगनू - 2
    by Kusum Bhatt
    • (6)
    • 78

    घर से निकलते समय उसने एक बार भी नहीं सोचा। तूफान का मुकाबला करने की ताकत नहीं थी उसमें। पति ने मारपीट की- बच्चों के सामने! ग्लानि हुई! रोज़-रोज़ ...

    फादर्स डे
    by Ankita Bhargava
    • (6)
    • 71

    मुझे रात को जल्दी सोने की आदत है। अपने बेटा बहू की तरह मैं देर रात तक जागना पसंद नहीं करता। शाम का खाना जल्दी खाना और खाने के ...

    मुझे चाँद चाहिए
    by Shraddha Thawait
    • (4)
    • 46

    एक दिन चाँद को आसमान से धरती में झांकने पर एक झरोखे से निकलती सतरंगी आभा दिखी. चाँद ने आसमान में धीरे से नीचे आकर, थोडा सा झुक कर ...

    कांट्रैक्टर - 3
    by Arpan Kumar
    • (1)
    • 37

    हरिकिशन की साँस में साँस आई। वे एक नवयुवक अधिकारी के आगे अपनी महत्ता पूरी तरह गँवाने से बच गए थे। कम से कम खाने के मेनू का अधिकार ...

    मिस अडना जैक्सन
    by Saadat Hasan Manto
    • (9)
    • 59

    कॉलिज की पुरानी प्रिंसिपल के तबादले का एलान हुआ, तालिबात ने बड़ा शोर मचाया। वो नहीं चाहती थीं कि उन की महबूब प्रिंसिपल उन के कॉलेज से कहीं और ...

    दूर है किनारा
    by Anju Sharma
    • (2)
    • 42

    तपन ने आसमान की ओर सर उठाकर देखा तो कुछ देर बस देखता ही रहा! आकाश तो वहां भी था पर इतना खुला कभी नहीं लगा, खूब खुला, निस्सीम, ...

    ट्रांसफर
    by Swatigrover
    • (9)
    • 86

    "रीमा बहुत-बहुत बधाई हो! आज तुम्हारा सपना पूरा हो गया। तुम्हारा चुनाव आई.ए.एस. के लिए हो गया। तुम्हारा सपना पूरा हो गया। बस तुम अब सारी चिंता  छोड़ दो। जहाँ तुम्हारी पोस्टिंग हो वहाँ चली जाना ...

    फण्डा यह है कि
    by Sushma Munindra
    • (1)
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    तीस वर्ष का समय बहुत होता है किसी युवा के स्नायुओं को ढीला और नजर को कमजोर कर बूढ़ा बना देने के लिये। इसीलिये अब खिलाड़ी की धसकती कमर ...

    काँटों से खींच कर ये आँचल - 2
    by Rita Gupta
    • (4)
    • 46

    कैसी उजड़ी चमन की मैं फूल थी. क्या अतीत रहा है मेरा क्या जीवन था, मानों तप्त रेगिस्थान में उगे कैक्टस. निर्जन बियावान कंटीली निरुद्देशय जीवन. अकेला, बेसहारा, अनाथ ...