स्वाभिमान - लघुकथा - 56

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जब से बहेलिये ने चिड़िया को अपना कर देख भाल करने का फैसला किया है तभी से चिड़िया सहमी हुई तो थी ही, लेकिन में विचारमग्न भी थी । वह कैसे भूल जाती बहेलिये का अत्याचार - दुराचार । उसने ना केवल उसके 'पर' नोच कर उसे लहुलुहान किया बल्कि उसके तन और आत्मा को भी कुचल दिया था।