मिट्टी के खिलौनें...

(9.6k)
  • 5.7k
  • 1
  • 2.2k

ठाकुर मोरमुकुट सिंह की बड़ी सी हवेली के सामने उनके पुरखों का भव्य मंदिर,जिसमें पूजा करने उनकी पाँच साल की बेटी विन्ध्यवासिनी हर रोज जाती है और वहाँ के माली बुधुआ का बेटा भुलवा हर रोज उसके लिए हवेली की बगिया से ताजे फूल लेकर आता है,लेकिन आज विन्ध्यवासिनी मंदिर की सीढ़ियों में बैठी भुलवा का इन्तज़ार कर रही है और भुलवा अभी तक फूल लेकर ना पहुँचा था,तभी विन्ध्यवासिनी ने देखा कि भुलवा फूलों की टोकरी लेकर आ रहा है,वो उसे देखकर मन ही मन खुश हो गई लेकिन खुशी की जगह उससे गुस्सा जाहिर करते हुए बोलीं..... क्यों