प्रेमी युगल अपने-अपने घरों में करवटें बदल रहे थे, नींद किसी को भी नहीं आ रही थी क्योंकि एक दुसरे का चेहरे और एक दुसरे से किया गया वादा दोनों दिलों को तड़पा रहा था।रजनी अपने बिस्तर से उठी और बगल में सो रही मम्मी की तरफ देखा औरी चप्पल हाथ तें उठा कर चूपचाप दरवाजा खोलकर बहार आ गई। झबरू एक बार भोंकने के बाद चूप होकर बैठ गया। दुधिया चाँदनी ने रास्ता दिखाया।सुरेश ने बाहर आकर कुत्ते को शांत रहने का इशारा किया।रजनी ने कहा ’’ मैं तो बिल्कूल भी डर गई थी, थोड़ी देर अगर तुम