लिव इन का रिश्ता।

"चाय में चीनी कम है, या शायद आज मेरा ही मूड ठीक नहीं," माधव ने खिड़की के बाहर उड़ते कबूतरों को देखते हुए कहा।प्रेरणा ने बालकनी की रेलिंग पर रखे अपने मग को देखा, फिर माधव को। "चाय तो मैंने रोज़ जैसी ही बनाई है, माधव। शायद तुम्हारा मूड ही बिगड़ा हुआ है।"माधव मुस्कुराया, पर उस मुस्कान में पिछले कुछ हफ़्तों की अनकही उदासी थी। "मूड बदलता है या हम उसे बदलना चाहते हैं, प्रेरणा?""तुम आज बहुत गहरी बातें कर रहे हो। आज ऑफिस के लिए देर नहीं हो रही?" प्रेरणा ने बात बदलने की कोशिश की।"आज रविवार है, प्रेरणा।