सपने बड़े रखो

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सपने बड़े रखोभाग 1 : बारिश में भीगता सपनाबारिश ज़ोरों से हो रही थी ।आसमान मानो फट पड़ा हो। काली घटाएँ, तेज़ हवा और सड़क पर बहता पानी सब कुछ किसी गरीब की ज़िंदगी जैसा ही उथल-पुथल से भरा हुआ।उसी बारिश में एक लड़का तेज़ कदमों से चला जा रहा था।फटे हुए चप्पल, भीगे कपड़े और आँखों में थकान।उसका नाम राहुल था।राहुल कोई आम लड़का नहीं था, लेकिन उसकी ज़िंदगी बिल्कुल आम से भी बदतर थी।वह गरीब था इतना गरीब कि सपने देखना भी उसे कई बार गुनाह लगता था।बारिश की बूँदें उसके चेहरे पर गिर रही थीं, लेकिन