Best Motivational Stories stories in hindi read and download free PDF

उजाले की ओर - 10
by Pranava Bharti
  • 135

उजाले की ओर --10  ------------------------ आ.एवं स्नेही मित्रो      नमस्कार      एक नवीन दिवस का आरंभ ,एक नवीन चिंतन का उदय हमें परमपिता को प्रत्येक पल धन्यवाद अर्पित करने ...

अर्थ पथ - 7 - सफलता की पृष्ठभूमि
by Rajesh Maheshwari
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सफलता की पृष्ठभूमि  उद्योग, व्यापार एवं नौकरी में यह अंतर होता है कि उद्योग और व्यापार के माध्यम से असीमित धन कमा सकते है परंतु नौकरियों में एक सीमा ...

चाण्क्यनिती - 2
by MB (Official)
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चाण्क्यनिती भाग—2 झूठ बोलना, कठोरता, छल करना, बेवकूफी करना, लालच, अपवित्रता और निर्दयता ये औरतो के कुछ नैसर्गिक दुर्गुण है। भोजन के योग्य पदार्थ और भोजन करने की क्षमता, ...

अर्थ पथ - 6 - ईमानदारी और नैतिकता
by Rajesh Maheshwari
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ईमानदारी और नैतिकता   उद्योग एक कर्मभूमि है जिसमें आघात, प्रतिघात करने एवं सहने का ज्ञान होना चाहिए। यह किताबों में पढने से प्राप्त नही होता हैं। यह जीवन ...

पत्नी का आशिक पति
by mim Patel
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पत्नी का आशिक पतिकहीं पर एक बूढ़ी औरत रहती थी , लेकिन होशियार और समझदार महिला थी जिसका पति उससे बहुत प्यार करता था। दोनों के बीच प्रेम इतना ...

अर्थ पथ - 5 - व्यवसाय और हमारी भावनायें
by Rajesh Maheshwari
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व्यवसाय और हमारी भावनायें                                 हम जब उद्योग, व्यवसाय या नौकरी में किसी एक का चयन करते है तो हमें बहुत सावधानीपूर्वक निर्णय लेना चाहिए क्योंकि हम अपने भविष्य ...

चाण्क्यनिती - 1
by MB (Official)
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चाण्क्यनिती भाग—1 तीनो लोको के स्वामी सर्वशक्तिमान भगवान विष्णु को नमन करते हुए मै एक राज्य के लिए नीति शास्त्र के सिद्धांतों को कहता हूँ. मै यह सूत्र अनेक ...

उजाले की ओर - 9
by Pranava Bharti
  • 339

उजाले की ओर--9  ------------------  स्नेही मित्रो       भाषण देना जितना सरल है उसका निर्वाह करना उतना ही कठिन ! ज़िन्दगी हिचकोलों में डूबती-उतरती हुई हमें अपनी ही सोच ...

अर्थ पथ - 4 - वाणी की मधुरता
by Rajesh Maheshwari
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वाणी की मधुरता   हमें हमारा चिन्तन, मनन और उन पर मन्थन सही मार्गदर्शन दे तभी हमें सफलता प्राप्त होती है। हम दिशा से भटकते हैं इस कारण असफल ...

कोरोना काल की कहानियां - 5
by Prabodh Kumar Govil
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मेरे पास पूरा एक घंटा था।स्पोर्ट्स क्लब में टेनिस की कोचिंग के लिए अपने पोते को छोड़ने के लिए मैं रोज़ छह बजे यहां आता था।फ़िर एक घंटे तक ...

नाम का महत्व
by Poonam Singh
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"नाम का महत्व" " हाँ - हाँ ठीक है,तू चिंता मत कर,आज मैं तुझे इस छिलके रूपी शरीर से मुक्त करके  ही रहूंगी...!"ऐसा लग रहा था जैसे वात्सल्य भाव में ...

अर्थ पथ - 3 - ज्योतिष, कुंडली, ग्रहों और कर्मों का प्रभाव
by Rajesh Maheshwari
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ज्योतिष, कुंडली, ग्रहों और कर्मों का प्रभाव   हमारा जीवन हमारे कर्म के साथ ही हमारी कुण्डली, भाग्य की रेखाओं, नक्षत्रों और गृह-दशाओं पर भी निर्भर करता है, कि ...

कोरोना काल की कहानियां - 4
by Prabodh Kumar Govil
  • 510

बन्नो तेरा कजरा लाख का ! आर्यन बहुत ख़ुश था। उसके पिता आज की शानदार पार्टी के साथ होने वाली मीटिंग में उसे कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल ...

अर्थ पथ - 2 - आशाओं से आच्छादित मानव जीवन
by Rajesh Maheshwari
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आशाओं से आच्छादित मानव जीवन   ईश्वर की महिमा अपरम्पार हैं। उनकी कृपा से ही जीवन में सफलता एवं लक्ष्य की प्राप्ति होती है। यह संसार गति, चिन्तन एवं ...

साहित्य आपको सही गलत समझने का विवेक देता है - साक्षात्कार विवेक मिश्र द्वारा नीलिमा शर्मा
by Neelima Sharrma Nivia
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साहित्य आपको सही-गलत को समझने का विवेक देता है - विवेक मिश्र 1विवेक मिश्रविवेक मिश्र हिन्दी साहित्य की वर्तमान पीढ़ी के उल्लेखनीय कथाकार हैं। उनके उपन्यास ‘डॉमिनिक की वापसी’ ...

कोरोना काल की कहानियां - 3
by Prabodh Kumar Govil
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"विषैला वायरस" - प्रबोध कुमार गोविल वो रो रहे थे। शायद इसीलिए दरवाज़ा खोलने में देर लगी। घंटी भी मुझे दो- तीन बार बजानी पड़ी। एकबार तो मुझे भी ...

उजाले की ओर - 8
by Pranava Bharti
  • 312

उजाले की ओर--8  --------------------- आ. स्नेही एवं प्रिय मित्रों    नमन            ज़िंदगी की राहों में अनगिनत फूल खिलते हैं ,साथ ही काँटे  भी |हम मनुष्य बहुधा इस गफलत ...

अर्थ पथ - 1
by Rajesh Maheshwari
  • 363

अर्थ पथ                                   प्रस्तावना हमें परमात्मा ने एक निश्चित समय सीमा प्रदान कर अनंत शुभ कर्मो को करने के लिए धरती पर भेजा है। यह हम पर निर्भर करता ...

कोरोना काल की कहानियां - 2
by Prabodh Kumar Govil
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"सपनों की सेल" पिछले एक घंटे में उसने सातवीं बार मोबाइल में समय देखा था। गाड़ी आने में अब भी लगभग सवा घंटे का समय बाक़ी था। निधि को ...

आगा :  हिंदी फिल्मों के बेहतरीन हास्य कलाकार
by Anil jaiswal
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अभिनेता आगा हिंदी फिल्मों के उन अभिनेताओं में से एक हैं, जिन्होने आजादी के पहले  और मूक फिल्मों के जमाने से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की और खामोशी ...

कोरोना काल की कहानियां - 1
by Prabodh Kumar Govil
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आंसू रुक नहीं रहे थे। कभी कॉलेज के दिनों में पढ़ा था कि पुरुष रोते नहीं हैं। बस, इसी बात का आसरा था कि ये रोना भी कोई रोना ...

विदाई
by Rajesh Maheshwari
  • 414

विदाई                                                                 रामसिंह शहर के एक जाने माने उद्योगपति थे। उनकी दो बेटियों हेमा और प्रभा का विवाह बडी धूमधाम से संपन्न हो गया था उनकी विदाई का समय ...

माँ बाप का घटता मोल
by shama parveen
  • (11)
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मम्मी पापा जो दुनिया मे एसे लोग हैं जिनसे ज्यादा बच्चों को कोई और प्यार नहीं कर सकता. वो अपने बच्चों की छोटी से छोटी जिद भी पूरी करते ...

Good bye stress
by Jagruti Vakil
  • 747

                GOOD BYE STRESS       आज के समय में तनाव (stress) लोगों के लिए बहुत ही सामान्य अनुभव बन चुका है, ...

ईदगाह
by Atul Kumar Sharma ” Kumar ”
  • 210

(मुंशी प्रेमचन्दजी हिंदी साहित्य के कलम के सिपाही के रूप में एक विलक्षण लेखक की सशक्त छवि में कालजयी रचनाकारों में हमेशा के लिए स्वर्णाक्षरों में अंकित हो चुके ...

महमूद, एक हास्य कलाकार जो सुपर स्टार भी था
by Anil jaiswal
  • 228

महमूद : हिंदी फिल्मों का पहला हास्य कलाकार जो सुपर स्टार थामहमूद हिंदी फिल्मों के पहले ऐसे कलाकार थे जिन्हें केवल हीरो के खांचे में नहीं रखा जा सकता ...

वीर सिपाही, आजादी का एक योद्धा
by Prahlad Pk Verma
  • 198

??????????????????????????दादा जी आप आज  स्कूल क्यों जा रहे हो, रोजाना तो नहीं जाते और आज स्कूल में क्या है वहां लड्डू भी हैं आज मैं भी चलूँगी आपके साथ ...

विचारधारा लेखन की आत्मा होती है - साक्षात्कार प्रियदर्शन द्वारा नीलिमा शर्मा
by Neelima Sharrma Nivia
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नीलिमा  शर्मा :- हिन्दी साहित्य से आपका जुड़ाव कब और कैसे हुआ?प्रियदर्शन :-मैं ख़ुशक़िस्मत रहा कि घर में साहित्यिक माहौल मिला। मां भी लेखक रहीं, पिता भी। मां शैलप्रिया ...

क्या आप जानना चाहेंगे? - जिंदगी के कुछ उपायुक्त अनुभव
by Prapti Timsina
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जिंदगी के कुछ अनुभव भाग - 1दोस्तों  हम सब के पास एक जिंदगी होती है। सबका अपना अपना अबस्था और परिस्थिति अनुसार जिंदगी को लम्बा या छोटा माना जाता है। ...

नवोदय
by Rajesh Maheshwari
  • 378

नवोदय                            रामसिंह बहुत संपन्न परिवार से थे, उनका भारतीय पुलिस सेवा में चयन हो जाने से वे अत्यंत प्रसन्न थे क्योंकि जनता की सेवा की कामना उनके मन ...