Best Motivational Stories stories in hindi read and download free PDF

उजाले की ओर - 33
by Pranava Bharti
  • 228

उजाले की ओर------------------  स्नेही व आद.मित्रो !      नमस्कार !              ज़िन्दगी  कभी उथल-पुथल  लगती है ,कभी समाधि  लगती है ,कभी रौनक से ...

सरप्राइज
by Sudha Adesh
  • 270

सरप्राइज अखबार में ईयर फोन का विज्ञापन देखकर प्राची को एकाएक लगा कि उसकी सारी परेशानी सुलझ गई हैं । काफी दिनों से उसे लग रहा था कि यदि लोग ...

पोस्टकार्ड
by Ashish
  • 264

Networking क्या है, मैंने मेरी जिंदगी मैं कहा इस्तेमाल किया है और दुनिया के बड़े लोग कहा use कर रहे है?Networking mean - Not more workingजब मैं study कर ...

आधार - 9 - अहिंसा, महानता का प्रथम चरण है।
by Krishna
  • 180

अहिंसा, महानता का प्रथम चरण है। अहिंसा का हमारे व्यक्तित्व निर्माण में सबसे प्रमुख स्थान है। सामान्यतः अहिंसा का अर्थ किसी निरपराध प्राणी को सताने अथवा शारीरिक कष्ट न पहुंचाने तक ...

पोष्टमन काका निवृत्त होत आहेत.....
by Ashok Bheke
  • 153

                   आरतीसम्राट सीतारामसुत *मोहन खामकर*  नावाचा एक पोष्टमन टपाल खात्यातून निवृत्त होत आहे. आज मोहन नावाचा प्राणी जवळजवळ ६० वर्षाचा झाला. येत्या २७ एप्रिलला षष्टयाब्दीपूर्ती सोहळा आहे. आनंद गगनात मावेनासा ...

रिश्तों के दायरे
by Sudha Adesh
  • 408

रिश्तों के दायरेनवीन का विवाह तय होते ही रूचि खुशी से झूम उठी थी...वर्षो बाद एक बार फिर इस घर में शहनाईयों की धुन गॅूजेगी...। बहू के लिये कैसे ...

बागवानी
by Anita Sinha
  • 741

आइए वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करते हैं। प्रर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अत्यंत महत्वपूर्ण है। वृक्षारोपण कार्यक्रम को बढ़ावा देने हेतु फूलों की बागवानी हमारे घर के आंगन में करते ...

हंसने वाला हमारा पल
by Amit J.
  • 537

     सुबह की किरण लाजवाब थी आंखों में गजब से चमक थी चांद सितारों को पीछे छोड़कर सूरज की किरणों से आगे भाग रही थी जिंदगी.      ...

जीने की नई राह
by Sudha Adesh
  • 390

 जीने की नई राह प्रियंका गिल कमरे में बेचैनी से चहलकदमी कर रही थी दिसंबर की कड़क सर्दी में भी माथे पर पसीने की बूंदें झलक रही थी आई थी ...

आधार - 8 - आत्म-अनुशासन, प्रगति की पहली योग्यता है।
by Krishna
  • 300

आत्म-अनुशासन, प्रगति की पहली योग्यता है। किसी सुबह आवेश में आकर आप प्रतिज्ञा करते हैं कि आज से अमुक कार्य को प्रारंभ कर सफलतापूर्वक पूर्ण कर लेने तक निरंतर प्रयत्नशील रहेंगे। ...

निर्णय
by Sudha Adesh
  • 456

 निर्णय बेटे तुषार के जन्मदिन की शॉपिंग कर केक और मिठाई का ऑर्डर देने नीलेश्वरी शहर की नामी दुकान में घुसी तो अनिमेष को एक अतीव सुंदर लड़की के साथ ...

ससुराल गेंदा फूल
by नवीन एकाकी
  • 423

उसने पूरे कमरे को उथलपुथल कर डाला, एक एक कपड़ा और अलमारी को हर तरह से चेक कर डाली, न जाने कितनी बार अपने पर्स को खोल के देख ...

उजाले की ओर - 32
by Pranava Bharti
  • 462

उजाले की ओर                                            ----------------- स्नेही मित्रो   सस्नेह नमस्कार  ...

आधार - 7 - सहृदयता, जीवन का अनिवार्य अंग है।
by Krishna
  • 435

सहृदयता, जीवन का अनिवार्य अंग है।आपने महसूस किया होगा कि आपके घर के आसपास, आपके नाते रिश्तेदारों में या आपके साथ कार्य करने वाला आपका कोई साथी, अपने साथियों के ...

मायावी देश की चकाचौंध
by Sudha Adesh
  • 309

 मायावी देश की चकाचौंध ममा का प्यार भरा आग्रह था या छोटी बहन अर्चना से मिलने की चाह वंदना विपिन पर बच्चों की जिम्मेदारी सौंप कर मायके चली आई थी ...

होली??
by Pranava Bharti
  • 339

स्नेही मित्रों !        स्नेहमय सुभोर के साथ इस महत्वपूर्ण पर्व की अशेष शुभकामनाएं | पर्व संदेश देता है अपने अहं की वेदी में ईर्ष्या-द्वेष की लकड़ियाँ जला लें ...

जीवन का रंगोत्सव
by Sonal Singh Suryavanshi
  • 402

आधुनिक होली सबसे रंगीन होली तो बच्चों की होती है। होली के दिन आने के दस बीस दिन पूर्व ही उनकी पिचकारी निकल जाती है। उनके शोर से घरवालों ...

यह कैसा मजाक
by Sudha Adesh
  • 633

यह कैसा मजाक !! विवाह का स्वागत समारोह था...अनिमेष और अपराजिता मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत करने में लगे हुए थे । बेमेल जोड़े को देखकर लोगों में कानाफूसी प्रारंभ ...

फ़ौजी
by Vipin Prajapati ‍️‍️‍️‍️‍️‍
  • 393

फ़ौजी एक आम लड़का जब फौजी बनने के सपने देखता है तभी से देश के सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने को वह तैयार हो जाता है समाज सेवा के लिए ...

आधार - 6 - क्षमा, उच्चता का प्रतीक है।
by Krishna
  • 501

क्षमा, उच्चता का प्रतीक है।जीवन में प्रत्येक मनुष्य जाने-अनजाने गलतियाँ करता है और कभी-कभी इन गलतियों के कारण कोई दूसरा व्यक्ति आहत भी हो जाता है। आहत व्यक्ति से क्षमा ...

प्रेम का बंधन
by Rajesh Maheshwari
  • 510

प्रेम का बंधन            अमेरिका के न्यूजर्सी शहर में राजीव अपनी पत्नी मोनिका, दो बच्चों राहुल 12 वर्ष और रंजीता 08 वर्ष के साथ रहकर स्वयं का व्यवसाय ...

बदलते समीकरण
by Sudha Adesh
  • 648

                                                          ...

एक फ़ौजी की कहानी
by Dear Zindagi 2
  • 573

एक फ़ौजी की कहानी गुजरात में एक गाँव था छोटा सा। जहा एक दिलजीतसिंह नाम का आदमी रहे ता था। उसके घर पर कितने वक्त बाद बहोत बड़ी खुशी आने ...

पथभ्रमित
by Rajesh Maheshwari
  • 579

पथभ्रमित                   जबलपुर शहर में हरिप्रसाद नाम का एक व्यापारी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सुख एवं शांतिपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहा था। वह बहुत भावुक एवं धार्मिक ...

अनोखा अहसास
by Sudha Adesh
  • 579

अनोखा एहसासदेवर सुमित की पुत्री शुभा का विवाह था । सुमित और दीपाली महीने भर पहले से ही जिद पर अड़े थे कि भाभी आपको हफ्ते भर पहले आना ...

जैसी करनी, वैसी भरनी
by राज कुमार कांदु
  • 522

कैलाश पर्वत पर विराजमान महादेव जी से एक दिन माता पार्वती जी बोलीं ,” हे नाथ ! माता आदिशक्ति की अनुकंपा से आप त्रिदेवों ने इस ब्रम्हांड और तत्पश्चात ...

उजाले की ओर - 30
by Pranava Bharti
  • 468

उजाले की ओर  ------------------- नमस्कार स्नेही मित्रों       कई बार हम दुविधा में आ जाते हैं ,कई बार क्या अक्सर ! कभी कोई गंगा से आ रहा है ,हमारे लिए ...

खुद को इस काबिल बनाए
by Vipin Prajapati ‍️‍️‍️‍️‍️‍
  • 552

लेख#वैचारिक#खुद को इस काबिल बनाये मै सिपाही विपिन प्रजापति अपना एक निवेदित विचार प्रस्तुत करना चाहता हूं कि क्या सच जो लोग कहते हैं कि समाज में यह नहीं होना ...

प्रेम का बंधन
by Rajesh Maheshwari
  • 771

                                                        प्रेम का बंधन            अमेरिका के न्यूजर्सी शहर में राजीव अपनी पत्नी मोनिका, दो बच्चों राहुल 12 वर्ष और रंजीता 08 वर्ष के साथ रहकर स्वयं का ...

आधार - 5 - कोमलता, व्यक्तिव का नैसर्गिक गुण है।
by Krishna
  • 573

इस संसार में जन्म लेने वाले प्रत्येक मनुष्य के भीतर कुछ ऐसे विशिष्ट गुण होते हैं, जिनके कारण वह दूसरों से भिन्न होता है। यह विशेष गुण यदि सकारात्मक ...