Motivational Stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    खुद की तलाश
    by Dr Sonika Sharma

    कोरोना के इस आपातकाल में जहां चारों तरफ हाहाकार मचा हैं। चाहे न्यूजपेपर हो चाहे न्यूज चैनल चाहे सोशल प्लेटफार्म बस हर जगह नकारात्मकता फैली है। अगर गलती से ...

    आधार - 12 - व्यक्तित्व निर्माण, जीवन का प्रथम चरण है।
    by Krishna

    व्यक्तित्व निर्माण,जीवन का प्रथम चरण है।सुबह सवेरे उठते ही जब हम मोबाइल को जांचते हैं तो सर्वप्रथम हमारा ध्यान वाटस ऐप पर भेजे गए संदेशों पर केंद्रित हो जाता ...

    मन के जीते जीत है
    by Rama Sharma Manavi

      आज कोकिला ने साबित कर दिया कि कोई शरीरिक अक्षमता इतनी बड़ी नहीं होती कि जीवन में आगे बढ़ने के सारे रास्ते बंद कर दे।उसका यू ट्यूब चैनल ...

    हौसला
    by Deepak Pradhan

    हौसला एक ऐसी दवा हे जो बड़े से बड़े घाव को भी भर देता है।हौसलों से पंछी उड़ पता हे इंशान चाँद तक पहुच जाता हे, हौसलो की उड़ान ...

    उजाले की ओर - 35
    by Pranava Bharti

    उजाले की ओर ---श्रद्धांजलि --- --------------------------------   आएँ हैं तो जाएँगे ,राजा-रंक-फकीर ---------------------------------             जीवन के इस किनारे पर आकर उपरोक्त पंक्ति का सत्य समझ में आने लगता है ...

    आधार - 11 - वाणी, चरित्र का प्रतिबिंब है।
    by Krishna

    व्यक्ति स्वच्छ, साफ वस्त्र धारण करता है, आकर्षक जूते-चप्पल पहनता है, आधुनिक बड़ी गाड़ी का उपयोग करता है, विशाल, सुंदर भवन का निर्माण करता है। यह सब व्यक्ति अपने ...

    कोरोना से सामना - 1
    by किशनलाल शर्मा

    गत वर्ष कोरोना  कहर बनकर बरपा था।इसलिए नववर्ष यानी 2021 के आगमन पर सरकार के साथ हमने भी मान लिया था कि हमने जंग जीत ली है।कोरोना को हरा ...

    बस खुद पर भरोसा करने की देर है
    by Shruti Sharma

    यूं ही कह देते हैं कई लोग की तुझमे कोई खास बात नहीं। हर लड़की , हर इन्सान खास नहीं होता। अब उन्हे कौन समझाए की हर इन्सान अपने ...

    मां तुम क्यों रोई
    by Anita Sinha

     मां तुम क्यों रोई मां मेरी बता तुम क्यों रोई । किस बात का तुम्हें दुःख है। मेरी मां बताओ किसी ने तुम्हें कुछ कहा तो नहीं।। मां ने ...

    स्त्री होना भाग्य की बात है
    by Anita Sinha

    हां जी ! बिल्कुल स्त्री होना भाग्य की बात है। कैसे स्त्री मां है। सृजन करती है। आज वही तिथि भी है। अषटभुजधारिणी मां दुर्गा महिषासुरमर्दिनी का आज विधि ...

    उजाले की ओर - 34
    by Pranava Bharti

    उजाले की ओर ---------------  स्नेही मित्रो    नमस्कार         हम अपने बच्चों को छोटेपन से ही पढ़ाते रहते हैं ,कोई आए तो उसके सामने तमीज़ से पेश आना,मेहमान के ...

    सुबह की सैर
    by Anita Sinha

                सुबह की सैर प्रभात वेला थी। करीब सात बजने को थे। हम सभी सखियां प्रभात की सैर सपाटे के लिए निकले थे।। पहले ...

    आधार - 10 - संस्कार, जीवन की आधारशिला है।
    by Krishna

    संस्कार, जीवन की आधारशिला है।एक बहुत पुरानी कहावत है कि पूत के पाँव पालने में दिखाई देते हैं। इसका सीधा अभिप्राय यह है कि बालक के भीतर बचपन में जो ...

    पढ़ी लिखी बहू
    by Shivani M.R.Joshi

     एक बार की बात है एक लड़की थी.  जिसका नाम कुहू था. बचपन से ही कुहू बेहद सुशील, संस्कारी, समझदार और होशियार लड़की थी.  वह एक छोटे से गांव ...

    ममता की छांव
    by Anita Sinha

                ममता की छांवममता की छांव में पले बढ़े ।मां ने लाड़ प्यार से रखामै आज्ञाकारी थी सबकी तो लाडली बन गई।नानी के संग खेला ...

    उजाले की ओर - 33
    by Pranava Bharti

    उजाले की ओर------------------  स्नेही व आद.मित्रो !      नमस्कार !              ज़िन्दगी  कभी उथल-पुथल  लगती है ,कभी समाधि  लगती है ,कभी रौनक से ...

    सरप्राइज
    by Sudha Adesh

    सरप्राइज अखबार में ईयर फोन का विज्ञापन देखकर प्राची को एकाएक लगा कि उसकी सारी परेशानी सुलझ गई हैं । काफी दिनों से उसे लग रहा था कि यदि लोग ...

    पोस्टकार्ड
    by Ashish

    Networking क्या है, मैंने मेरी जिंदगी मैं कहा इस्तेमाल किया है और दुनिया के बड़े लोग कहा use कर रहे है?Networking mean - Not more workingजब मैं study कर ...

    आधार - 9 - अहिंसा, महानता का प्रथम चरण है।
    by Krishna

    अहिंसा, महानता का प्रथम चरण है। अहिंसा का हमारे व्यक्तित्व निर्माण में सबसे प्रमुख स्थान है। सामान्यतः अहिंसा का अर्थ किसी निरपराध प्राणी को सताने अथवा शारीरिक कष्ट न पहुंचाने तक ...

    पोष्टमन काका निवृत्त होत आहेत.....
    by Ashok Bheke

                       आरतीसम्राट सीतारामसुत *मोहन खामकर*  नावाचा एक पोष्टमन टपाल खात्यातून निवृत्त होत आहे. आज मोहन नावाचा प्राणी जवळजवळ ६० वर्षाचा झाला. येत्या २७ एप्रिलला षष्टयाब्दीपूर्ती सोहळा आहे. आनंद गगनात मावेनासा ...

    रिश्तों के दायरे
    by Sudha Adesh

    रिश्तों के दायरेनवीन का विवाह तय होते ही रूचि खुशी से झूम उठी थी...वर्षो बाद एक बार फिर इस घर में शहनाईयों की धुन गॅूजेगी...। बहू के लिये कैसे ...

    बागवानी
    by Anita Sinha

    आइए वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करते हैं। प्रर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अत्यंत महत्वपूर्ण है। वृक्षारोपण कार्यक्रम को बढ़ावा देने हेतु फूलों की बागवानी हमारे घर के आंगन में करते ...

    हंसने वाला हमारा पल
    by Amit J.

         सुबह की किरण लाजवाब थी आंखों में गजब से चमक थी चांद सितारों को पीछे छोड़कर सूरज की किरणों से आगे भाग रही थी जिंदगी.      ...

    जीने की नई राह
    by Sudha Adesh

     जीने की नई राह प्रियंका गिल कमरे में बेचैनी से चहलकदमी कर रही थी दिसंबर की कड़क सर्दी में भी माथे पर पसीने की बूंदें झलक रही थी आई थी ...

    आधार - 8 - आत्म-अनुशासन, प्रगति की पहली योग्यता है।
    by Krishna

    आत्म-अनुशासन, प्रगति की पहली योग्यता है। किसी सुबह आवेश में आकर आप प्रतिज्ञा करते हैं कि आज से अमुक कार्य को प्रारंभ कर सफलतापूर्वक पूर्ण कर लेने तक निरंतर प्रयत्नशील रहेंगे। ...

    निर्णय
    by Sudha Adesh

     निर्णय बेटे तुषार के जन्मदिन की शॉपिंग कर केक और मिठाई का ऑर्डर देने नीलेश्वरी शहर की नामी दुकान में घुसी तो अनिमेष को एक अतीव सुंदर लड़की के साथ ...

    ससुराल गेंदा फूल
    by नवीन एकाकी

    उसने पूरे कमरे को उथलपुथल कर डाला, एक एक कपड़ा और अलमारी को हर तरह से चेक कर डाली, न जाने कितनी बार अपने पर्स को खोल के देख ...

    उजाले की ओर - 32
    by Pranava Bharti

    उजाले की ओर                                            ----------------- स्नेही मित्रो   सस्नेह नमस्कार  ...

    आधार - 7 - सहृदयता, जीवन का अनिवार्य अंग है।
    by Krishna

    सहृदयता, जीवन का अनिवार्य अंग है।आपने महसूस किया होगा कि आपके घर के आसपास, आपके नाते रिश्तेदारों में या आपके साथ कार्य करने वाला आपका कोई साथी, अपने साथियों के ...

    मायावी देश की चकाचौंध
    by Sudha Adesh

     मायावी देश की चकाचौंध ममा का प्यार भरा आग्रह था या छोटी बहन अर्चना से मिलने की चाह वंदना विपिन पर बच्चों की जिम्मेदारी सौंप कर मायके चली आई थी ...