Motivational Stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    जीवन का सत्य
    by Rajesh Maheshwari

    जीवन का सत्य                             एक सुप्रसिद्ध महात्मा जी से एक नेताजी ने पूछा कि वे चाहते है कि उनकी मृत्यु के बाद भी उनके परिवार का भविष्य व्यवस्थित रहे। ...

    सुधार गृह
    by Anita Bhardwaj

    "अरे!! लड़का तो शरीफ है हमारा, बस मोहल्ले के लड़कों ने इसे बिगाड़ दिया है। इसका ब्याह कर दूंगी तो सुधर जाएगा। कोई लड़की बताओ जीजी! कम पढ़ी लिखी ...

    उजाले की ओर - 13
    by Pranava Bharti

    उजाले की ओर--12  --------------------  प्रिय एवं स्नेही मित्रो        आप सबको नमन      आज एक कहानी याद आ रही है | सोचा ,आपसे साँझा की जाए |एक बहुत समृद्ध ...

    बूंद से सागर बने कर्मवीर - 3
    by Rajesh Maheshwari

      विवेक अग्निहोत्री (अमेरिका)   विवेक अग्निहोत्री अमेरिका में विगत 25 वर्षों से अमेरिकी सरकार सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने जबलपुर से ...

    बूंद से सागर बने कर्मवीर - 2
    by Rajesh Maheshwari

    श्रीमती रश्मि धोपे      श्रीमती रश्मि धोपे कनाडा के मांट्रियल एवं टोरंटो शहरों में कम्प्यूटर ट्रेनिंग सेंटर चलाती है, जहाँ इंजीनियर एवं आर्किटेक्ट को आटोकैड एवं इससे संबंधित कम्प्यूटर ...

    बूंद से सागर बने कर्मवीर - 1
    by Rajesh Maheshwari

    बूंद से सागर बने कर्मवीर                     प्रेम दुबे       जबलपुर चेंबर आफ कामर्स के चेयरमैन प्रेम दुबे जी ने कहा कि विषय बहुत सामयिक एवं महत्वपूर्ण है। उद्योग, व्यापार ...

    एक थी दक्षिता
    by Lovelesh Dutt

    धनानन्द से अपमानित चाणक्य ने नंदवंश के नाश का संकल्प लेने के बाद चंद्रगुप्त को तक्षशिला में प्रवेश दिला दिया। उन्हें पता था कि एक भयानक संकट सिकंदर के ...

    उजाले की ओर - 12
    by Pranava Bharti

    उजाले की ओर --12  ------------------------ स्नेही मित्रो      नमस्कार        प्रभातकालीन बेला,पक्षियों का चहचहाना ,पुष्पों का खिलखिलाना फिर भी मानव मन का उदास हो जाना बड़ी कष्टदायक स्थिति ...

    अर्थ पथ - 19 - आध्यात्म से व्यक्तित्व का विकास
    by Rajesh Maheshwari

    आध्यात्म से व्यक्तित्व का विकास   आप नौकरी में मालिक को अपनी सेवाओं से इतना प्रभावित करें कि आपका मालिक अपने कार्यों को सफलता पूर्वक निपटाने के लिए आप ...

    अर्थ पथ - 18 - प्रतिष्ठा: महत्वपूर्ण उपलब्धि
    by Rajesh Maheshwari

    प्रतिष्ठा: महत्वपूर्ण उपलब्धि                      प्रतिष्ठा जीवन की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि होती है यह एक ऐसा वृक्ष है जिसको बडा होने में बहुत समय लगता है और यदि इस पर ...

    अर्थ पथ - 17 - राष्ट्र प्रथम
    by Rajesh Maheshwari

    राष्ट्र प्रथम      हमें अज्ञानी नही होना चाहिए परंतु अपने ज्ञान की निपुणता का प्रदर्शन कब, कहाँ और किन परिस्थितियों में करना है, इसके लिए हमें सदैव सर्तक रहना ...

    माँ का हौंसला
    by Sakhi

    सृष्टिकर्ता ने जब  इस संसार में प्राणियों की रचना की ,तो माँ के निर्माण में उसने भावनाओं और हिम्मत का एक विशेष अवयव अलग से सम्मिलित किया । एक ...

    उजाले की ओर - 11
    by Pranava Bharti

    उजाले की ओर--11 ---------------------------           स्नेही मित्रो      आप सबको नमन      जीवन की आपाधापी कभी कभी हमें इतना निराश कर देती है कि हम उसमें ...

    अर्थ पथ - 16 - अनुभव
    by Rajesh Maheshwari

    अनुभव   किसी भी संस्थान में नौकरी करते हुए गोपनीयता रखते हुए संस्थान की महत्वपूर्ण जानकारियाँ कभी भी किसी को नही बताना चाहिए। यदि हमारे काम करने की पद्धति ...

    पिता, पुत्र और मतभेद
    by शिवाय

    बचपन, कितना प्यारा होता है ये हम सब जानते है कोई चिंता नही होती, बस एक हट कि ये चाहिए वो चाहिए और एक अलग ही दुनिया मे काल्पनिकता ...

    चाणक्य नीति - 8 - अंतिम भाग
    by MB (Official)

      भाग—8 वह व्यक्ति जिसका ह्रदय हर प्राणी मात्र के प्रति करुणा से पिघलता है. उसे जरुरत क्या है किसी ज्ञान की, मुक्ति की, सर के ऊपर जटाजूट रखने ...

    अर्थ पथ - 15 - पलायन: चिंतन, मनन, मंथन
    by Rajesh Maheshwari

    पलायन: चिंतन, मनन, मंथन                    एक समय था जब मजदूरों व अधिकारियों का वेतन बहुत ही कम था। अब समय के साथ-साथ परिस्थितियां बदलती जा रही हैं। जिससे श्रमिकों ...

    चाणक्य नीति - 7
    by MB (Official)

    चाण्क्यनिती भाग—7 यदि आदमी एक पल के लिए भी जिए तो भी उस पल को वह शुभ कर्म करने में खर्च करे. एक कल्प तक जी कर कोई लाभ ...

    खुशियों की चाबी
    by S Choudhary

    खुशियां कभी भी धन ,पद,प्रतिष्ठा की मोहताज नही है।कुछ साल पहले एक मित्र की शादी हुई लेकिन इस लड़की से शादी करने का उसका मन नही था।तो भी घरवालो ...

    अर्थ पथ - 14 - सजगता
    by Rajesh Maheshwari

      सजगता       हम प्रायः अच्छा मुनाफा होने पर कारखाने की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में रकम लगा देते हैं और मन्दी आने पर जब माल नहीं बिकता और कार्यरत ...

    ख़ामोशी बोलती है
    by Anamika anoop Tiwari

    'रमेश..आगे एक मोड़ आएगा वहाँ एक चाय की गुमटी होगी, थोड़ी देर के लिए कार रोक लेना'. 'मैडम..आप की चाय की थर्मस ले कर आया हूं' रमेश थोड़ा चौंकते हुए ...

    अर्थ पथ - 13 - प्रतिस्पर्धा: प्रगति का प्रतीक
    by Rajesh Maheshwari

    प्रतिस्पर्धा: प्रगति का प्रतीक   मेरे एक उद्योगपति मित्र हैं। वे दो भाई हैं। उनमें से एक भाई के अनेक उद्योग होने के कारण उसके पास धन की प्रचुरता ...

    हैप्पी बर्थडे टू मी
    by Saroj Prajapati

    कल तो हमारी ब्यूटीफुल गर्ल का बर्थडे है और बता कहां सेलिब्रेट कर रहे हो? वैसे मुझे पता है, हमारे जीजा जी ने कुछ खास प्लान बना कर रखा ...

    चाणक्य नीति - 6
    by MB (Official)

    चाण्क्यनिती भाग—6 उदारता, वचनों में मधुरता, साहस, आचरण में विवेक ये बाते कोई पा नहीं सकता ये मूल में होनी चाहिए. जो अपने समाज को छोड़कर दुसरे समाज को ...

    अर्थ पथ - 12 - उद्योग प्रबंधन: एक चुनौती
    by Rajesh Maheshwari

    उद्योग प्रबंधन: एक चुनौती   हमारा प्रबंधन ऐसा होना चाहिए कि यदि हम कारखाने से दूर भी रहते हों तो उसका उत्पादन प्रभावित नहीं होना चाहिए और कारखाना सुचारू ...

    अनोखा रूमाल
    by RACHNA ROY

             किशनगढ़ में  मानस नाम का किसान अपने परिवार के साथ रहता है। और दिन रात मेहनत कर के अपने परिवार को चलाता है। मानस का ...

    चाणक्य नीति - 5
    by MB (Official)

    चाण्क्यनिती भाग—5 नीच वर्ग के लोग दौलत चाहते है, मध्यम वर्ग के दौलत और इज्जत, लेकिन उच्च वर्ग के लोग सम्मान चाहते है क्यों की सम्मान ही उच्च लोगो ...

    अर्थ पथ - 11 - धन ....
    by Rajesh Maheshwari

    धन ...........   जब हमारा समय अच्छा चल रहा हो। हमारे पास धन की प्रचुरता हो तो हमें आवश्यकता से अधिक धन को ऐसी शासकीय योजनाओं अथवा बैंकों में ...

    अर्थ पथ - 10 - उद्यमिता और मातृ शक्ति
    by Rajesh Maheshwari

    उद्यमिता और मातृ शक्ति   आज उद्योग जगत में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। उनमे स्वावलंबन एवं आत्मनिर्भरता के कारण वे अब अबला नही सबला के ...

    चाणक्य नीति - 4
    by MB (Official)

    चाण्क्यनिती भाग—4 श्रवण करने से धमर्ं का ज्ञान होता है, द्वेष दूर होता है, ज्ञान की प्राप्ति होती है और माया की आसक्ति से मुक्ति होती है. पक्षीयों में ...