Motivational Stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    स्वाधीन वल्लभा
    by Geeta Shri

    स्वाधीन वल्लभा गीताश्री प्रेम के आस्वाद के लिये शब्दों की भला क्या जरूरत? शायद दुनिया की तमाम भाषायें, प्रेम के किसी हिमनद से निकली होंगी। एक दुभाषिये के तौर ...

    जीवन सलामती के तीन पहेलु
    by Sunil Bambhaniya

                             कोरोना वायरस महामारी अपने भारत देश में ही नहीं किन्तु पूरी दुनिया में फैली हुई है। दिन ...

    गुरु
    by Pranava Bharti

    गुरु  ------    भोर की सुनहरी रूपाली किरणें अनु के मन में एक नया संदेश प्रसरित करती हैं।बड़ा भला लगता है उसे ब्रह्म मुहूर्त के सूरज से कानाफूसी करना ...

    एक गलत कदम
    by VANDANA SINGH

    अगर उस दिन ममता को रोक लिया गया होता तो उसके घर से पुलिस स्टेशन तक जाना एक गलत कदम साबित ना होता। कहते है सादी ब्याह की जोडिया ...

    ध्वनि
    by Sarika Saxena

    तरंग हॉस्पिटल के वेटिंग एरिया की एक चेयर पर बैठी हुई थी| उसका हाथ अपने उभरे हुए पेट को प्यार से सहला रहा था, और उसका दूसरा हाथ अपने ...

    घृणा का फल
    by Saurabh

    भारत के एक ग्राम में एक परिवार रहता था, छोटा परिवार था जिसमें एक बेटा और उसके मां और पापा रहते थे।उनका अपना तो कोइ घर नहीं था लेकिन ...

    अनजान देवदूत
    by pratibha singh

                          रहस्मयी सेंटामैं मरना चाहती हूँ। कुछ भी तो नही बचा जीने के लिए।गरीबी में पैदा हुई। माँ बाप बेहद गरीब थे। मैं उनकी इकलौती सन्तान थी। घर की हालत ...

    हर मुश्किलों का अंत
    by Karan Somani

    कैसे है? आप सब, चलो ये बात तो बहुत अच्छी है की आप अच्छे है, अपनी ज़िन्दगी को जी रहे है या काट रहे है ये हमारी सोच है ...

    पढ़ाई
    by VANDANA SINGH

    ये माना जाता है की पढने का हुनर सबमे नही आता , ये तो कुछ लोगो में ही होता है । ऐसे हुनर से कौन नही निखरेगा , कौन ...

    विश्वास
    by Prem Nhr

    विश्वाश सेठ रामानंद जी भगवान श्री कृष्ण के परम भक्त हैं। उनका व्यापर का काम बहुत अच्छा चल रहा था लेकिन पिछले कई दिनों से उनको कारोबार में हानि उठानी ...

    कैसी मैकलिस्टर - अन्तर्द्वन्द और जीत
    by Abhishek Sharma - Instant ABS

    प्रिय पाठकों, होंसला मन से उत्तपन्न वह भाव है जिसके बूते व्यक्ति समुद्र की अन्नत गहराइयों में खोई गयी सुई ढूंढने का भी माद्दा रखता है। होंसला वह इच्छा ...

    जिंदगी लॉकडाउन
    by Atul Kumar Sharma ” Kumar ”

             """"अरे काजल बेटा अभी तू तैयार ही नही हुई , देख कितना समय हो गया । लड़के वाले आते ही होंगे । अच्छे से तैयार ...

    Tik Tok Hua Ban
    by Ankit Chaudhary અંત

          लोगो की आदत बन गया था एक चाइना का फचरा , जिसे हम सब लोग टिक टोक के नामसे जानते थे। आज हमारी भारतीय गवर्नमेंट चाइना ...

    पेंसिल और रबड़
    by Pragya Chandna

    यह कहानी है दो दोस्तों की। यह दो दोस्त कोई भी दो आम दोस्त हो सकते है ‌। पर हमारी कहानी के ये दो दोस्त हैं पेंसिल और रबड़। ...

    निस्वार्थ सेवा
    by RAJESH MAHESHWARI

    निस्वार्थ सेवा     कुछ वर्ष पूर्व गुजरात राज्य में भीषण अकाल पड़ा था जिसमें मानव के साथ साथ जानवर भी भोजन के अभाव में काल कलवित हो रहे ...

    साझी जिम्मेदारी
    by Saroj Prajapati

    शाम को सुरभि जब ऑफिस से घर लौटी तो उसकी बुआ सास आई हुई थी। उसने अपना सामान रख, अपनी सास व बुआ सास के पैर छूकर उनका हालचाल ...

    इमरजेंसी वार्ड में एक दिन
    by Pragya Chandna

    इमरजेंसी वार्ड में एक दिन          वरूण जो कि एक डाॅक्टर है इमरजेंसी वार्ड में एक लड़के श्रेयांश के सामने खड़ा है, जिसने अभी-अभी कीटनाशक दवा पीकर अपनी जिंदगी ...

    अंतिम इच्छा
    by Rajesh Maheshwari

                                                    अंतिम इच्छा   राजा विक्रम ...

    ममता माँ की
    by Prem Nhr

    रमा देवी अपने बेटे नारंग, बहु सुरीली और पोते विवेक के साथ जयपुर मैं रहती हैं। बेटे नारंग का जब से विवाह हुआ तब से उसके रंग बहू के ...

    पति को सीखाऊंगी
    by Jitendra Shivhare

    एक कहानी रोज़--50    *पति को सीखाऊंगी*      *'पढ़ी-लिखी* हो तो क्या अपने पति को समझाओगी!' डिटर्जेंट पावडर विज्ञापन का यह संवाद घर-घर में सुनाई दे रहा था। ...

    विवाद
    by JYOTI PRAKASH RAI

    बात चाहे जो भी हो बहस उसे विवाद तक लाकर खड़ा कर देती है। और विवाद का परिणाम हमेशा बुरा ही साबित हुआ है, विवाद अपनों को ही निगल ...

    सनकी राही
    by Nagendra Singh Sombansi

    कभी कभी बिना कुछ किए ही महानता मिल जाती हैं।या यूं कहें कभी कभी बिना परिश्रम के ही, सब कुछ मिल जाता है।जिसे हम लॉक कहते है.....और कभी कभी ...

    पहला कदम
    by Saaz

    एक किस्सा आप सभी के समक्ष प्रस्तुत करना चाहूँगी।तो बात कुछ ऐसी है, कि काफ़ी कठिनाइयों और एक लंबे समय के इंतज़ार के बाद मेरी बड़ी बहन ने एक ...

    आत्महत्या क्यो?
    by Arjuna Bunty

    आत्महत्या क्यो? ये नीला ग्रह कितनी खूबसूरत है न, ये प्रकृति, ये जंगल, ये जीव, ये कायनात,और हम मानुष। कुदरत ने हर खूबसूरती दी है हमें, आपको भी रब ...

    एक कटु सत्य
    by Sudha Adesh

      एक कटु सत्य बारह बज गए हैं, अभी तक काम करने वाले नौकरानी नहीं आई । सारा काम पड़ा है ,नीला को समझ में नहीं आ रहा है ...

    नाम में क्या रखा है !
    by Sudhir Kamal

    नाम में क्या रखा है ! --“मैं छोड़ूंगा नहीं उस बदमाश को, जेल भिजवाऊंगा, रोको मत मुझे।“ गुप्ताजी भारी गुस्से में थे। --“छोड़िये न बाबूजी, गुस्सा न करें, फिर ...

    कुदरत से पंगा
    by Dewashish Upadhyay

     ‘कुदरत से पंगा'देवाशीष उपाध्याय          ‘कितने आदमी थे, छोटे?’ कोरोना सरदार ने अपने सिपहसालार से पूछा।‘सरदार, बाहर तो कोई आदमी नहीं दिखाई दे रहा था! सब ...

    महर्षि दुर्वासा और सती अनुसुइया की कथा
    by Hindi Kavita Shayari

      महर्षि दुर्वासा ऋषि अत्री और सती अनुसुइया  के पुत्र थे. वे स्वाभाव से बहुत ही क्रोधी थे. वे सतयुग, द्वापर और त्रेता तीनों ही युगों में रहे. ऋषि दुर्वासा ...

    दो सवाल?
    by Arjuna Bunty

    दो सवाल?प्रिय मित्रों,मै कोई बहुत प्रतिष्ठित प्राणी तो नहीं हूं इस कायनात का पर यहां जो भी मैंने आपको बताया है वो मेरा गहन अध्ययन ही है अगर कोई ...

    वी केन
    by Jitendra Shivhare

    एक कहानी रोज़--40*वी केन -- कहानी*         *दु* कान मालिक की प्रतिक्षा करते-करते तीनों  कर्मचारी घर चले गये थे। अब बबलू और सुनिल ही उनकी प्रतिक्षा में ...