अगली सुबह का सूरज त्रिशा और राजन के लिए एक नई उम्मीदों के साथ आया है। कल की रात त्रिशा के लिए सही मायने में उसकी खूबसूरत रात थी।आसमान में उगते सूरज की लालिमा ने जब खिड़की से उनके कमरे में प्रवेश किया तो त्रिशा की आंख धीरे से खुली। उसकी आंख खुली तो उसने खुद को राजन की बाहों में कैद पाया। कल रात खाना खाने के बाद राजन त्रिशा के शरीर की सिकाई कर रहा था और उसके बाद कल फिर एक बार उन्होंने अपने वैवाहिक जीवन का आनंद लिया पर कल त्रिशा पर कोई जोर जबरदस्ती नहीं थी।