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    नारीयोत्तम नैना - 15 - अंतिम भाग
    by Jitendra Shivhare Verified icon

    नारीयोत्तम नैना भाग-15 सभी रस्सी पर लटक गये। उन्होंने रस्सी पकड़कर धीरे-धीरे आगे की ओर खिसकना आरंभ किया। दलदली भूमि जैसे-तैसे पार हो गयी। पहाड़ पर चढ़ाई के पुर्व ...

    नफ़ीसा
    by PANKAJ SUBEER
    • 139

    नफ़ीसा कहानी पंकज सुबीर ‘‘मुँहजलों, खंजीर की औलादों तुम्हारे माँ बापों ने ये ही सिखाया है कि दूसरों के घरों में जाकर चोरियाँ करो’’ आज फिर नफ़ीसा का पारा ...

    वो लडकी - भगवान ने बेटी नहीं मां दी है तुझे - 2
    by Uday Veer
    • 60

    1 दिन उसकी मां को याद आता है, कि उसकी बेटी तो अब शादी लायक भी हो गई है, उसकी शादी करने का समय भी तो करीब आता जा ...

    आघात - 3
    by Dr kavita Tyagi Verified icon
    • 78

    आघात डॉ. कविता त्यागी 3 चमन कौशिक डी.एन. इन्टर काॅलिज में अध्यापक थे । उनकी आयु लगभग छप्पन वर्ष की थी । छल-कपट और द्वेष-भाव से दूर वे भ्रष्टाचार ...

    आघात - 2
    by Dr kavita Tyagi Verified icon
    • 215

    आघात डॉ. कविता त्यागी 2 एक क्षण तक पूजा सोच ही रही थी कि रणवीर को उसकी बात का वह क्या उत्तर दे, रणवीर तब तक बस से उतर ...

    राधिका
    by Ayushi Singh
    • 94

    5 दिसंबर 1975 को जन्मी थी हमारी नायिका....... हाँ शायद नायिका कहना ही ठीक होगा क्योंकि उसके माता पिता ने जो खूबसूरत नाम "राधिका" उसे दिया था उस नाम ...

    हैवनली हैल - 3 - अंतिम भाग
    by Neelam Kulshreshtha Verified icon
    • 180

    हैवनली हैल नीलम कुलश्रेष्ठ (3) ``सॉरी री मैडम !आई एम होल्डिंग यू टुडे. प्लीज़ ! सिट डाउन. `` मजबूरन उसे बैठना पड़ा था. ``इतने दिनों बाद आए हो. अच्छी ...

    नारीयोत्तम नैना - 14
    by Jitendra Shivhare Verified icon
    • 127

    नारीयोत्तम नैना भाग-14 जिससे पण्डित जी को हारकर यहां से लौट जाना पड़ेगा। कुन्दन अपनी आस्तिन चढ़ाकर कुर्सी पर बैठ गया। दोनों में पंजा लड़ाने का खेल आरंभ हुआ। ...

    आघात - 1
    by Dr kavita Tyagi Verified icon
    • 387

    आघात डॉ. कविता त्यागी यह उपन्यास आघात उपन्यास पुरुष प्रधन मध्यवर्गीय समाज में स्त्री की स्थिति का यथार्थ चित्रा प्रस्तुत करने का एक प्रयास है, जहाँ प्रत्येक स्तर पर ...

    हैवनली हैल - 2
    by Neelam Kulshreshtha Verified icon
    • 289

    हैवनली हैल नीलम कुलश्रेष्ठ (2) उसे लगा था कि यदि वह रुककर विश्वास दिलाना भी चाहे कि उसे ज़िंदगी ने कभी इतनी मोहलत नहीं दी कि वह किसी पुरुष ...

    नारीयोत्तम नैना - 13
    by Jitendra Shivhare Verified icon
    • 181

    नारीयोत्तम नैना भाग-13 पड़ती। जिससे की डकाच्या की वासना को संतृप्त किया जा सके। ऐसा न करने पर मद के नशे में चूर होकर पागल हाथी के समान व्यवहार ...

    औरतों की दुनिया
    by PANKAJ SUBEER
    • 859

    औरतों की दुनिया (कहानीः पंकज सुबीर) ‘‘आज फिर देर हो गई ?’’ सुमित्रा ने पति के कंधे पर टँगा बैग उतारते हुए धीमे से पूछा। ‘‘हाँ, आज भी वही ...

    सुहागरात
    by Dilbag Singh Virk
    • (11)
    • 3.1k

    सुहागरात मीनू का पारा चढ़ा हुआ था| शायद वह कहीं से लड़ कर आई थी| आते ही अंटी ने उसे मुकेश को साथ ले जाने को कहा| दांत पीसते ...

    वो लडकी - भगवान ने बेटी नहीं मां दी है तुझे - 1
    by Uday Veer
    • 510

    एक गांव में अपनी मां के साथ एक लड़की रहती थी, लड़की का पिता एक बार काम की तलाश में कई वर्ष पूर्व शहर गया, और फिर वापस लौट ...

    नींव
    by किशनलाल शर्मा
    • 387

    न चाहते हुए भी विजय और मीना को बेटी की जिद्द के आगे झुकना पडा था।नीरजा डॉक्टर थी।वह एक अस्पताल मे नौकरी करती थी।दिन मे अस्पताल मे उसे एक ...

    हैवनली हैल - 1
    by Neelam Kulshreshtha Verified icon
    • 389

    हैवनली हैल नीलम कुलश्रेष्ठ (1) वह रिसेप्शन में सोफ़े पर देखती है सारे हॉल में मैरून सफेद फूलों वाला ग्रे कलर का गुदगुदा कालीन बिछा हुआ है.एल के आकर ...

    नारीयोत्तम नैना - 12
    by Jitendra Shivhare Verified icon
    • 96

    नारीयोत्तम नैना भाग-12 भारत और श्रीलंका के बीच तनावपूर्ण रिश्तों और उसके बीच दक्षिण भारतीय राजनीति की रस्साकशी और झगड़े की मूल कारणों पर प्रकाश डालना जरूरी है। श्रीलंका ...

    हूँ तो ढिंगली, नानी ढिंगली - 3 - अंतिम भाग
    by Neelam Kulshreshtha Verified icon
    • 100

    हूँ तो ढिंगली, नानी ढिंगली (3) दिन घिसट रहे हैं, रेंग रहे हैं ---जैसे हेतल के आँसू. कब तक वह् स्कूल ना जाती ?कब तक वह् मीडिया के सामने ...

    नारीयोत्तम नैना - 11
    by Jitendra Shivhare Verified icon
    • 101

    नारीयोत्तम नैना भाग-11 "शादी सदैव अपने बराबर वालों के संग करना चाहिए", "पानी पीओ छानकर, वर चूनो जानकर" ऐसे ही बहूत सी कहावते महेश सोलंकी और उनके परिवार को ...

    फाँस
    by Rajesh Bhatnagar Verified icon
    • 301

    फाँस कमली न जाने क्यों मन में ईर्ष्या की गांठ लिये बड़ी देर तक मकान के छज्जे की छाया में बैठकर ऊंचे तारागढ़ की चोटी से मंथर गति से ...

    हूँ तो ढिंगली, नानी ढिंगली - 2
    by Neelam Kulshreshtha Verified icon
    • 126

    हूँ तो ढिंगली, नानी ढिंगली (2) "शु करवानु?"उन्होंने भी उसाँस ली थी. सामने की बेंच पर बैठी जाड़ी [मोटी ]मंजू बेन आँखें नचाकर बोल पड़ी थी, "मासी दुखी मत ...

    नारीयोत्तम नैना - 10
    by Jitendra Shivhare Verified icon
    • 121

    नारीयोत्तम नैना भाग-10 नैना से क्रोधित जितेंद्र ठाकुर का पुर्व प्रेम जागृत हो चुका था। सबकुछ दरकिनार कर नशे में धुत्त राजेंद्र ठाकुर के पीछे-पीछे उसने भी अपनी कार ...

    हूँ तो ढिंगली, नानी ढिंगली - 1
    by Neelam Kulshreshtha Verified icon
    • 134

    हूँ तो ढिंगली, नानी ढिंगली (1) शुभम अपार्टमेंट्स के कम्पाउण्ड में हमेशा कोई ना कोई रहता है और कुछ नहीं तो ऊँघता सा चौकीदार ही अपने केबिन में बैठा ...

    नारीयोत्तम नैना - 9
    by Jitendra Shivhare Verified icon
    • 122

    नारीयोत्तम नैना भाग-09 तनुश्री ने नैना को पांच शर्तें कह सुनाई जिसका अक्षरश: पालन करने पर विजयी होने वाली विजेता को जितेंद्र से शादी करने का सौभाग्य मिलेगा। तीन ...

    औकात
    by shilpi krishna
    • 422

    ' औकात ' "तुम्हारी औकात हैं इतने महंगे कपड़े लेने की , कभी माँ - बाप ने इतने महंगे कपड़े पहनाये हैं तुम्हे .....?" राजीव ने हिकारत से रश्मि से ...

    नारीयोत्तम नैना - 8
    by Jitendra Shivhare Verified icon
    • 164

    नारीयोत्तम नैना भाग-8 जितेंद्र ठाकुर से प्रथम पुरस्कार ग्रहण करती हुई नैना के आंखो में विधायक महोदय के प्रति प्रेम जितेंद्र स्वयं साफ-साफ देख रहे थे । राजेंद्र ठाकुर ...

    फ़ैसला - 14 - अंतिम भाग
    by Rajesh Shukla
    • (11)
    • 166

    फ़ैसला (14) आज शायद इस मुकदमे का आखिरी दिन हो। यही बैठे-बैठे कमरें मंे सिद्धेश सोच ही रहा था कि अचानक उसका मोबाइल बजा। उसने उठाकर देखा तो डा. ...

    खुशियाँ लौट आयी
    by Satender_tiwari_brokenwords
    • 256

    बारात दरवाज़े पे थी ।स्वागत में पूरा परिवार था , की तभी दूल्हे (अमन)के घर से फ़ोन आता है कि माँ की तबियत फिर बिगड़ गयी। पड़ोस के चाचा ...

    सबरीना - 32 - अंतिम भाग
    by Dr Shushil Upadhyay
    • 89

    सबरीना (32) ‘कभी लौटकर आओगे प्रोफेसर!’ सबरीना, डाॅ. मिर्जाएव, छोटा चारी एयरपोर्ट पर सुशांत को छोड़ने आए थे। जारीना नहीं आई थी। दानिश आया था, उसे देखकर सुशांत को ...

    नारीयोत्तम नैना - 7
    by Jitendra Shivhare Verified icon
    • 121

    नारीयोत्तम नैना भाग-7 अलग-अलग समुदाय के प्रेमी युगल एक दिन विधायक जितेन्द्र ठाकुर से मिलने आये। उनकी जान को परिजनों से खतरा था। यह विधायक महोदय को उन्होंने बताया। ...