Women Focused Books in Hindi language read and download PDF for free

    प्रेम की भावना (भाग-5)
    by Jyoti Prajapati

    उस दिन भावना ने पहली बार मुझसे कुछ मांगा था । इंकार करने का तो सवाल ही नही था । मेरी जान अगर जान भी मांग लेती तो दे ...

    The girl's life is abandoned without dreams - 5
    by navita

    दुनिया मे हवस की दरिंदगी है छाई एक माँ की कोख मे पलते बच्चे को ना यो, देख पाई lऐसा क्या है हवस का रूप अनोखा ,यो घर की इज़्ज़त भी ...

    प्रेम की भावना (भाग-4)
    by Jyoti Prajapati

    मैं भावना की रिपोर्ट्स हाथ मे लेकर स्तब्ध सा बैठा हुआ था..! मुझे अब भी डॉक्टर की कही बातों पर विश्वास नही हो पा रहा था..!! थोड़ी देर बाद ...

    प्राची-प्रतीची - (भाग-7)
    by Jyoti Prajapati

    क्लास खत्म होने के बाद जैसे ही सब लोग जाने लगे, प्रतीची फुर्ती से क्लास में घुसी और सब लोगो से रिक्वेस्ट कर फिर से बैठ जाने को कहा। ...

    प्रेम की भावना (भाग-2)
    by Jyoti Prajapati

    अपना लैटर पोस्ट कर मैं आफिस पहुंचा।जैसे-तैसे दिन बिताया रात निकाली।अगले दिन बड़े उत्साह के साथ मैं आफिस पहुंचा।अरे अपनी..!!!...... नही, नही अपनी क्या..?मेरी भावना का लैटर जो आया ...

    ममता
    by Sudha Adesh

    ममताबचपन से ही मातापिता के स्नेह से वंचित माधुरी जब ससुराल गई तो वहां भी पल्लव के प्यार के सिवा सास ससुर दोनों को ही बाहर की जिंदगी जीते ...

    माँ तो माँ होती है
    by Annada patni

    पिछले कुछ समय से संध्या की खाँसी रुकने का नाम नहीं ले रही । फिर भी काम से उसे छुटकारा नहीं । दिन भर घर खाँसते खांसते गृहस्थी के ...

    मृगतृष्णा के पीछे 
    by Sudha Adesh

                        मृगतृष्णा के पीछे                  परिमल की कार ने जब आलीशान बंगले के आहते ...

    प्रेम की भावना (भाग-1)
    by Jyoti Prajapati

    मैं सुबह ऑफिस पहुंचा ही था कि पवन बाबू हाथों में एक लिफाफा लिए चले आ रहे थे।मैंने पूछा उनसे की, "किसका प्रेम पत्र लिए घूम रहे हो जनाब..??" ...

    गुलाबो - भाग 3
    by Neerja Pandey

    गर्मियों में जय और विजय के साथ-साथ उनके पिता विश्वनाथ भी घर आए थे। इस बार अच्छी बचत हो गई थी, इसलिए सोचा गया कि पक्का दालान बनवा लिया ...

    सजा किसे मिली
    by Sudha Adesh

     सजा किसे मिली ..अल्पना की आँखें खुलीं तो खुद को अस्पताल के बेड पर पाया । माँ फौरन उस के पास आ कर बोलीं, ‘‘कैसी है, बेटी ? इतनी ...

    मां ! पराई हुई देहरी तेरी
    by Neelam Kulshreshtha

    नीलम कुलश्रेष्ठ कमरे में पैर रखते ही पता नहीं क्यों दिल धक से रह जाता है । मम्मी के घर के मेरे कमरे में इतनी जल्दी सब कुछ बदल ...

    दिल से दिल तक... - 34
    by Komal Talati

                                               ( ३४ )              आज महेंदी की रश्म होनी थी, शादी की वजह से घर में काफी रौनक थी... सुबह से ही बाकी बचे मेहमान ...

    प्राची-प्रतीची - (भाग-6)
    by Jyoti Prajapati

    संचिता के जाने के कई दिनों तक प्रतीची और समीक्षा ना तो अपने कॉलेज गयी और ना ही कहीं और..! इस वजह से उनके कॉलेज से नोटिस जारी किया ...

    जीवनदान
    by Sudha Adesh

             जीवनदान    विवाह की रस्में अभी चल ही रही थीं कि विपिन के पिताजी  सुमेश को एक बार फिर दिल का दौरा पड़ गया । ...

    चुटकी भर लाल रंग
    by Neelam Kulshreshtha

    नीलम कुलश्रेष्ठ यह दृश्य देखकर मेरा कलेजा मुँह को आ गया या कहिये कि कलेजा मुँह को आना क्या होता है- मैंने पहली बार जाना, वर्ना जोशी जी लेटे ...

    हाशिया
    by Sudha Adesh

    हाशिया                 घंटी की आवाज सुनकर मनीषा ने दरवाजा खोला…                ‘ अरे, तुम लोग...कब आये, कहाँ ...

    निकाह
    by Sunita Agarwal

    निकाहवह आठ साल की थी जब उसकी सलमा बाजी का निकाह हुआ था।महीनों पहले से घर में निकाह की तैयारियाँ चल रही थीं।'आयशा' बाजी के नए नए कपड़े,गहने देखकर ...

    निर्णय
    by Neelam Kulshreshtha

    नीलम कुलश्रेष्ठ “हाऊ स्वीट, मैडम !” “मैडम! आज आप बहुत स्मार्ट लग रही हैं ।” “मैडम! आपकी साड़ी का कलर आप पर बहुत ‘सूट’ कर रहा है।” “अरे! बाबा ...

    वर्तिका - हर नारी
    by Sunita Bishnolia

    वर्तिका...नारी रूप छिछली नदी का ना ठहरा हूँ पानी,  बहती नदी सी है, मुझमें रवानीथाह अंतर का मेरे ना तुम पा सकोगे  बतला दूँ तुमको, मैं अपनी  कहानी अंबर सी विस्तृत हूँ उजली ...

    केतकी,... सुहानी सी एक लड़की
    by ArUu

    ये कहानी है एक औरत की। शायद उस औरत की जो इस समाज के बने नियमो से बुरी तरह जुझ रही है। अपनो से मिले धोखे और समाज़ में ...

    प्राची-प्रतीची - (भाग-5)
    by Jyoti Prajapati

    अगले दिन संचिता प्रतीची के जगाने से पहले ही उठ गई। उसने अपना बैग जमाया, खुद तैयार हुई....फिर अपने लिए और सारे घर के लोगों के लिए चाय बनाई..!! ...

    पुरूषों का छल
    by Shreya

    Marfa, जनरल की विधवा, जो दस साल से होमियोपैथिक की प्रैक्टिस कर रही है, अपने वार्ड में मरीजों को देख रही है। वह पहले ही दस मरीजों को देख ...

    अनंत की ओर
    by Sunita Agarwal

    भाभी अनन्या की कही गई कड़वी बातें उसे चुभ गईं और वह अपने कमरे में जाकर देर तक रोती रही।अपने माँ और अपने पिता को याद करते करते, सुलभा ...

    गुनाह
    by Durga

    अवनि ने ज़िन्दगी और मौत से लड़ते हुए अपनी सूनी आँखों से माँ की ओर देखा और बोली - " क्यों आई हो यहाँ? चली जाओ कही ऐसा ना ...

    आकाश बूँद
    by Neelam Kulshreshtha

    [ नीलम कुलश्रेष्ठ ] मैं क्या बदल गई हूँ ? ऊँह, अभी तो नहीं । अभी तो सिर्फ़ पहले जैसे आदर्श विचार ही धसकती हुई मिट्टी की तरह फिसल ...

    बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ।
    by ramgopal bhavuk

    मैंने प्रथम श्रेणी से कक्षा पाँच पास कर लिया था। मैं कक्षा छह की किताबं स्कूल बैग में पीठ पर लादकर स्कूल जाने लगी। कक्षा तीन पास करके मेरी ...

    कुंठित
    by Sunita Agarwal

    बसुधा का आज सुबह से ही मन बहुत खिन्न था।उसकातनिक भी मन नहीं लग रहा था।ऐसा लग रहा था कि यहाँ से कहीं भाग जाए ,ऐसी जगह,जहाँ अपनेपन का ...

    परम्परावादी समाज में मैहर
    by ramgopal bhavuk

    मेरे मित्र कहते हैं,-‘यार शब्बीर खान, तेरी किस्मत बहुत बुलन्द है, हमें तो मैहर घास ही नहीं डालती।’ सच तो यह है मेरी कौम की एक मात्र लड़की कॉलेज ...

    प्राची-प्रतीची - (भाग-4)
    by Jyoti Prajapati

    डॉ अनिरुद्ध और प्राची के लिए विशेष रूम था। वो रूम था ही अधिकारियों के ठहरने के लिए। प्रतीची, हर्ष और स्टाफ का एक अन्य सदस्य वीरेन ने अनिरुद्ध ...