Women Focused Books in Hindi language read and download PDF for free

    बर्फ का गोला
    by Sheetal

    मेरे प्यारे पार्क मेरा पहला प्यार हो तुम. तुम्हारी उम्र की तो ना शुरुआत है न आखिर. हर उम्र के यार हो तुम. मेरे सोलहवे साल कि कुछ परछाईयाँ ...

    जीने के लिए - 6 अंतिम भाग
    by Rama Sharma Manavi

    पूर्व कथा को जानने के लिए पिछले अध्याय अवश्य पढ़ें….     गतांक से आगे-----------/----------    इसके कुछ दिनों के पश्चात की घटना थी।दोपहर में विकास जी के बेटे मानस ...

    घर की मुर्गी - पार्ट - 8
    by AKANKSHA SRIVASTAVA

    एक दिन राशि को लेने उसके घर से व्योम और देवर जी आ गए अब तो राशि चाह कर भी रुक ना सकी दबे मन से वापस अपने ससुराल ...

    वो भूली दास्तां, भाग-७
    by Saroj Prajapati

    शादी की तारीख तय होते ही दोनों घरों में शादी की तैयारियां होनी शुरू हो गई थी। आकाश की मां के अरमान तो बहुत थे कि उसकी भी बहू ...

    अंगूरी अंग
    by Ramnarayan Sungariya

    कहानी--                                अंगूरी अंग                                                       आर.एन. सुनगरिया             ‘’गीता.....गीता.....अरे किधर चली गई। गुडि़या तो यह सो रही है।‘’             ‘’अभी सोई है।‘’ कहते हुये गीता अपनी रंगीन धोती

    घर की मुर्गी - पार्ट - 7
    by AKANKSHA SRIVASTAVA

    एक रोज फिर उसने व्योम से कहा व्योम में थक जाती हूं, मुझे भी आराम चाहिए। व्योम ने शकुंतला जी की तरह ताने मारते हुए कहा काम ही क्या ...

    लच्छो
    by Lovelesh Dutt

    नाम तो लक्ष्मी था उसका, लेकिन ऐसे नाम भाग्यहीनों, गरीबों और अनाथों को शोभा नहीं देते। शायद यही सोचकर पूरा मुहल्ला उसे लक्ष्मी नहीं लच्छो कहता था। उसकी प्रसिद्धि ...

    वो भूली दास्तां, भाग-६
    by Saroj Prajapati

    आकाश का संदेशा लेकर रश्मि चांदनी के घर गई और जब उसने चांदनी की मां को सारी बातें बताई। सुन उसे अपने कानों पर यकीन ना हुआ कि इतना ...

    स्त्रियों की दशा।
    by Arjuna Bunty

    नमस्कार, आज मै बात कर रहा हूं स्त्रियों के बारे में समाज की सोच आज के दौर में कैसे बदला जा सकता है। समाज के वैसे लोग जिसके घर ...

    घर की मुर्गी - पार्ट - 6
    by AKANKSHA SRIVASTAVA

    एक रोज फिर उसने व्योम से कहा व्योम में थक जाती हूं, मुझे भी आराम चाहिए। व्योम ने शकुंतला जी की तरह ताने मारते हुए कहा काम ही क्या ...

    लिस्ट
    by Dr.Geeta Dwivedi

    लिस्टस्नेहा  हमेशा की तरह घर की सफाई में मगन गुनगुनाती जा रही  ....... "न चिठिया कोई संदेसा।" ... तभी अचानक सौरभ माँ-माँ चिल्लाता घर में आया और माँ को पकड़कर ...

    जीने के लिए - 5
    by Rama Sharma Manavi

    पिछली कहानी जानने के लिए पिछले अध्याय अवश्य पढ़ें।    ------ पंचम अध्याय….--------------–--   समय अत्यंत धीमी गति से गुज़रता प्रतीत हो रहा था।जब खुशियां होती हैं तो समय भागता सा ...

    चालीस पार की औरत और एक प्रश्न?
    by Vandana Gupta

    चालीस पार की औरत और एक प्रश्न? चाँदनी रात के नाम से मशहूर गोष्ठी जिसमें तारों की छाँव में धरती के सितारे अवतरित हुए थे और अपनी विचारधारा से ...

    वो भूली दास्तां,भाग-५
    by Saroj Prajapati

    आकाश को जब रश्मि ने चांदनी के दिल का हाल सुनाया तो वह खुश होते हुए बोला "भाभी जी यह खुशखबरी सुनाकर आपने मुझ पर कितना बड़ा  अहसान किया ...

    घर की मुर्गी - पार्ट- 5
    by AKANKSHA SRIVASTAVA

    वक़्त के साथ गौरी भी बड़ी होने लगी। और मैं बिल्कुल निःसहाय। जहाँ एक ओर बाकी घरवाले चैन की नींद सोते होते वही राशि ना तो नीद पूरी ले ...

    रक्षाबंधन
    by Medha Jha

    #रक्षाबंधन के बहानेअबके बरस भेज भैया को बाबुल, सावन में लीजो बुलाय रेछलके नयन मोरा कसके रे जियरा, बचपन की जब याद आए रे…बंदिनी फिल्म का यह गीत आज के दिन ...

    हवस की आग - मासूम लड़की हुई हवस की शिकार
    by रनजीत कुमार तिवारी

    आदरणीय पाठकों मेरा सादर प्रणाम यह कहानी मैं समाज में आए दिन घट रही घटनाओं से अवगत होकर इसपर प्रकाश डालने की छोटी सी कोशिश कर रहा हूं।अगर कोई ...

    घर की मुर्गी - पार्ट - 4
    by AKANKSHA SRIVASTAVA

    अब राशि की हर सुबह इन्ही सब मे कब बीत जाता उसे महसूस भी ना होता। ऊपर से शकुंतला जी हर बात पर ये कहती ये घर अब सिर्फ ...

    मेरा बचपन चला गया
    by NISHA SHARMA ‘YATHARTH’

    भाभी आप हटो बाकी का काम मैं समेट लूंगी , इतनी साधारण सी बात संध्या को यूं लगी मानो किसी ने दिसंबर की भरी सर्दी में दो बाल्टी ठन्डा ...

    गुनाह
    by Sunita Agarwal

    इंसान जैसा बीज बोता है वैसे ही फल उसे काटने पड़ते हैं। जवानी में माया देवी ने गुनाह का जो बीज बोया था उसका फल उसके सामने था। आज ...

    घर की मुर्गी - पार्ट - 3
    by AKANKSHA SRIVASTAVA

    राशि पूरी रात इसी में बात में उलझी रही कि इतने लोगो के लिए क्या बनाए वो। अगली सुबह राशि जब नहा धोकर आई तो राशि मंदिर में हाथ ...

    बंसवा फुलाइल मोरे अँगना
    by Urmila Shukl

    बंसवा फुलाइल मोरे अँगना उर्मिला शुक्ल बाथरूम में शीशे के सामने खड़ी वह देख रही थी, अपने आपको । लग रहा था, जैसे एक ही रात में सब कुछ ...

    जीने के लिए - 4
    by Rama Sharma Manavi

    पूर्व कथा जानने के लिए पिछले अद्ध्यायों को अवश्य पढ़ें….   गतांक से आगे………  चतुर्थ अध्याय------------//-------   अब तक की जिंदगी में रातें तो कई जागकर काटी थीं, परन्तु इतनी लंबी, काली अंधेरी रात ...

    पैडमेन फ़िल्म के बहाने
    by Neelam Kulshreshtha

    पैडमेन फ़िल्म के बहाने [ नीलम कुलश्रेष्ठ ] मुझे लगता है फ़िल्म पैडमेन ने एक सामाजिक क्रांति कर दी है। लोग आज खुलकर स्त्रियों द्वारा मासिक धर्म या माहवारी ...

    घर की मुर्गी - पार्ट -2
    by AKANKSHA SRIVASTAVA

    अगले दिन राशि सुबह सुबह ही नहा धोकर नीचे आ गयी,मंदिर में हाथ जोड़ वो दो मिनट तक मम्मी जी को शांत हो कर देखती रही। शकुंतला जी गुनगुनाते ...

    वो भूली दास्तां, भाग-३
    by Saroj Prajapati

    चांदनी की मां उसे खाली हाथ देख बोली " अरे तुम तो आइसक्रीम लेने गई थी। खाली हाथ ही आ गई और यह मुंह क्यों उतरा हुआ है तेरा!" ...

    अधिकार
    by Sudha Adesh

    अधिकारप्रेम में त्याग होता है स्वार्थ नहीं. जो यह कहता है कि अगर तुम मेरे नहीं हो सके तो किसी दूसरे के भी नहीं हो सकते…यहाँ प्यार नहीं स्वार्थ ...

    अविश्वास
    by VANDANA SINGH

    कहते है बेचैनियो का कोई ठिकाना नहीं होता अपना ही दिल भाग जाना चाहता है अपनी बेचैनी से कहीं दूर कुछ एसा ही इन दिनों रश्मी साथ हो रहा ...

    घर की मुर्गी - पार्ट -1
    by AKANKSHA SRIVASTAVA

    शकुंतला जी के बड़े बेटे की शादी आखिकार बड़े ही धूमधाम से सीता देवी की बड़ी लड़की राशि से तय हुई। कुछ ही दिनों में शादी हो  बहू राशि ...

    औरतें रोती नहीं - 25 - अंतिम भाग
    by Jayanti Ranganathan

    औरतें रोती नहीं जयंती रंगनाथन Chapter 25 इस मोड़ से आगे रात जमकर नींद आई। बारह बजे उसे स्टूडियो पहुंचना था। तैयार होने से पहले आंटी का नौकर सतीश ...