Women Focused Books in Hindi language read and download PDF for free

    संदेश
    by Alok Mishra

                वो थोड़ी देर मुझे अपलक देखती रही और फिर उठ कर अंदर चली गर्इ । मै जहां बैठा हूँँ यह एक झुग्गी बस्ती ...

    त्रिखंडिता - 2
    by Dr Ranjana Jaiswal

    त्रिखंडिता 2 अनामा की डायरी रमा एक अनाम अकेली स्त्री की डायरी के पन्ने पलट रही है।यह डायरी उसे फुटपाथ पर बिकने वाली पुस्तकों के ढेर में मिली थी।शीर्षक ...

    तू मेरी परछाई मत बनना
    by Saroj Prajapati

    मुझे ही सारा काम करना था तो तुम्हें किस लिए लेकर आया था? बहुत हो गया! आज तुम्हारे पापा को फोन करता हूं या तो आकर तुम्हें समझाएं या ...

    दिल से दिल तक... - 13
    by Komal Talati

                                  ( १३ )               जी, हाँ आप सबने सही पहचाना, वो ओर कोई नही, सुनितीजीकी सहेलीही थी...            सुनितीजी अबभी उन्हें ही देखे जा रही थी, मानो वो ...

    त्रिखंडिता - 1
    by Dr Ranjana Jaiswal

    त्रिखंडिता भूमिका जिंदगी राजनीति प्रेरित है और यह राजनीति सत्ता की राजनीति है, जो चारों तरफ व्याप्त है | परिवार हो या पास-पड़ोस | राज्य हो या समाज | ...

    दिल से दिल तक... - 12
    by Komal Talati

                                      ( १२ ) ' माँ कोन थे वह...? ' ' पता नही बेटा, मे नही जानती उन्हे, वो तो अचानक भागते हुए आए थे, क्यूकि उनके पीछे एक ...

    नियति... - 4
    by Apoorva Singh

    लगभग एक घंटे में मै अपने ग्राम पहुंच जाती हूं।घर पहुंच कर आदतन सबको प्रणाम कर हाथ मुंह धुलने के बाद अपने कमरे में जाती हूं।बड़े दिनों बाद अपने ...

    दिल से दिल तक... - 11
    by Komal Talati

                                ( ११ )          सुबहके पाँच बज रहे थे घडीमें, तभी अलार्म बजता हे ओर ...

    दौलत - ऐ - देह
    by rajendra shrivastava

    कहानी--   दौलत – ऐ - देह                                             ...

    दिल से दिल तक... - 10
    by Komal Talati

                                  ( १० )             अबीर को यह नही पता था की लड़कियाँ उन पर पडने वाली निगाहो को अच्छे से भाँप लेती हे... कुछ देर वही खड़े रहने ...

    दिल से दिल तक... - 9
    by Komal Talati

                                     ( ९ )                  पायल को समझ आ गया था की अब उसे क्या करना था... एक अलग ही चमक उसके आँखो मे दिख रही थी... कुछ ...

    नियति... - 3
    by Apoorva Singh

    मेरे लिए ये कोई नई बात नहीं थी।सो मैंने इसे दिल पर नहीं लिया और जाने दिया।और अपनी किताबों के साथ समय व्यतीत करने लगी। कुछ ही दिनों में ...

    मुर्छा हुआ फुल (भाग-1)
    by Kalpana Sahoo

            हमेशा नारी को गलत ठेहराते हैं । कोई कुछ भी करे पर इस समाज नारी को दोषी मानती है । हरबक्त उसे ही proof देनी पडती ...

    इडली सांभर
    by Medha Jha

    " हेल्लो, मैं नीतेश, अभी दिल्ली में हूं। सिर्फ दो दिन के लिए आया हूं। आज कल तो कभी दिल्ली, कभी बैंगलोर, कभी मुंबई - बहुत डिमांड है मेरी ...

    दिल से दिल तक... - 8
    by Komal Talati

                                 ( ८ )          बस थोडीदुरी पर आए एक ओर बस स्टोप पर जाकर रुकती हे जहा पायल बस की खिड़की वाली सीट पर बैठ लोगो को देख ...

    बिंदी और लिपस्टिक सिर्फ श्रृंगार नहीं !
    by S Sinha

                                                      आलेख - बिंदी  और  लिपस्टिक सिर्फ श्रृंगार ...

    हड़ताल भी जरूरी थी
    by padma sharma

    हड़ताल भी जरूरी थी सुबह अपने पैर पसारती जा रही थी। गैंदा बाई तेज कदमों से कॉलोनी की तरफ जा रही थी। समय का तो उसे ज्ञान नहीं था ...

    दिल से दिल तक... - 7
    by Komal Talati

                                          ( ७ )             सूरज की पहली किरण जब पायल पर पडी तो उसका मासूम सा चेहरा ओर निखर गया... जिसे सुनीतिजी बडे ही प्यारसे निहार रही थी... ...

    कुछ कहा अनकहा
    by टीना सुमन

    कुछ कहा अनकहा कभी-कभी कुछ चीजें आपके बस में नहीं होती ,कोशिश करते हैं आप संवारने की ,मगर चीजें कुछ ज्यादा ही उलझ जाती है ,और आप हार मान लेते ...

    दिल से दिल तक... - 6
    by Komal Talati

                                        ( ६ )             कुछ देर बाद पायल को नींद आ ही गई... पर कोई अब भी जाग रहा था... और वो था अबीर , पायल से आज ...

    नियति... - 2
    by Apoorva Singh

    नियति जो अध्ययन रूम में मंजू,और मंजरी को पढ़ा रही होती है। कर्ण उन दोनों से मिलने वहां मिसेज खन्ना के साथ आ जाता है।मिसेज खन्ना को वहां देख ...

    गलतफहमी
    by Saroj Prajapati

    शीतल काम करके बैठी ही थी। तभी उसकी पड़ोस में रहने वाली कौशल चाची उससे मिलने आई। शीतल  उनको नमस्ते कर बिठाते हुए बोली "बैठो चाची! मैं आपके लिए ...

    अर्द्धांगिनी
    by padma sharma

    अर्द्धांगिनी       डोरबैल बजते ही मनीषा ने पहले दीवार घड़ी पर निगाह डाली। मन ही मन वह सोचने लगी कि अभी तो इनके आने का समय नहीं ...

    दिल से दिल तक... - 5
    by Komal Talati

                                    ( ५ )              सुनीतिजी की बातों को सुन पायल को एहसास होता है की सचमे इतने साल माँ ने पापा के बीना केसे बीताए है... उन्हें भी ...

    दिल से दिल तक... - 4
    by Komal Talati

                                       ( ४ ) पायल और अमिता इसी बात पर बहेश कर रहे थे कि तभी पलक ने बीचमें कहा... - " अरे तुम दोनों फालतू की बाते छोडोगी ...

    Hostel Girls (Hindi) - 10 - Last Part
    by Kamal Patadiya

    [प्रकरण 7 : Happy Wedding & Happy Ending] सिमरन और गुरुचरण साथ में मिलकर होटल का संचालन करते है। सिमरन होटल business को प्रमोट करने के लिए बड़े-बड़े शहरो ...

    एक बहू ऐसी भी
    by r k lal

    एक बहू ऐसी भी आर ० के ० लाल               आज जतिन बहुत खुश एवं उत्साहित था क्योंकि उसकी पत्नी सुभद्रा विदेश से छ:  माह बाद आज सुबह ही ...

    हैवान बनते कुछ इंसान
    by टीना सुमन

    पायल ,पायल ,पायल बेटा तुम्हारी फेवरेट पूरी और आलू की सब्जी बनाई है ,आ जाओ ,खाना खा लो पायल , पायल कहां हो बेटा ?मां ने फिर आवाज़ लगाई ...

    दिल से दिल तक... - 3
    by Komal Talati

                                                  ( ३ ) रूम मे आते ही अबीर बेड पर लेट जाता है... पर थोडी ही देर मे कुछ याद आया तो उठकर बैठ गया ...

    Hostel Girls (Hindi) - 9
    by Kamal Patadiya

    [प्रकरण 6 :  संघर्षों से सफलता तक - 2] इस तरफ, प्रिया को धीरे धीरे पता चल जाता है कि सना ओर निखिल के बीच में कुछ चल रहा ...