Best Women Focused stories in hindi read and download free PDF

दिल से दिल तक... - 27
by Komal Talati
  • 150

                                      ( २७ )            सुनीति ने बडे ही प्यार से पायल के शरको सहलाते हुए कहा...- " बहुत प्यार करती है न अबीर से..."           यह सुन ...

नियति... - 12 - (अंतिम भाग)
by Apoorva Singh
  • 300

गार्ड कार्ड देख अंदर आफिस रिसेप्शन में कॉल करता है और कॉल कर पूछता है कि दो लोग आफिस के बाहर खड़े हुए है उनका कहना है कि वो ...

त्रिखंडिता - 15
by Dr Ranjana Jaiswal
  • 72

त्रिखंडिता 15 श्यामा से आगे नहीं लिखा जाता ।हाथ में कलम लिए ही वह अतीत में खो जाती है | अभी कुछ दिन पहले ही उसकी बहन गुड़िया ने ...

पम्मी मम्मी ....
by मंजरी शर्मा
  • 291

नमस्ते जी; कैसे हैं आप? अरे!! आपने मुझे पहचाना नहीं. मैं पम्मी; लेकिन मैं पम्मी मम्मी नहीं...रुकिए ज़रा; ठहरिये; परेशान मत होइए ... आराम से बताती हूँ. ज़रा खिड़की ...

दिल से दिल तक... - 26
by Komal Talati
  • 348

                              ( २६ )           अबीर अब भी उसी जगह खड़ा रहा... पायल भाग कर सुनितीजी के पास आई ओर कहा की... - " माँ! मुझे अभी घर जाना ...

अंतर्द्वन्द - 4
by Sunita Agarwal
  • 348

अभी तक आपने पढ़ा कि नेहा गर्भवती हो जाती है।नेहा बहुत खुश थी और सोच रही थी कि शायद अब उसकी स्थिति पहले से बेहतर हो जाए, आखिर उनके ...

The girl's life is abandoned without dreams - 1
by navita
  • (15)
  • 303

"The girl's life is abandoned without dreams"   "लड़की का जीवन सपनों के बिना छोड़ दिया जाता है"✍️  ?Navita ? ✍️?  Dedicated to ?My lovely family Specially my mother- in -lawMy ...

त्रिखंडिता - 14
by Dr Ranjana Jaiswal
  • 81

त्रिखंडिता 14 कभी-कभी वह सोचती है कि क्यों किसी स्त्री की सफलता के पीछे उसका स्त्री होना कारण मान लिया जाता है। क्यों नहीं पुरूष की सफलता के कारणों ...

खुली हवा में जीने की तमन्ना
by r k lal
  • 501

खुली हवा में जीने की तमन्नाआर0 के0 लालइन्दु ने नितिन से कई बार अपने बैवाहिक जीवन के बारे में बात की लेकिन उसे नहीं लगा कि वेदोनों एक दूसरे ...

दिल से दिल तक... - 25
by Komal Talati
  • 324

                                        (  २५ )           अबीर अब भी उस गाडी का पीछा कर रहा था... लेकिन उसका मन बहुत ही बेचैन था... क्या हुआ, केसे हुआ वो अब ...

त्रिखंडिता - 13
by Dr Ranjana Jaiswal
  • 90

त्रिखंडिता 13 वह अक्सर सोचती कि वे उसके लिए कुछ करना क्यों नहीं चाहते ! क्या इसलिए कि वह शारीरिक रूप से उनसे नहीं जुड़ पाई ! उन्होंने अपनी ...

नियति... - 11
by Apoorva Singh
  • 366

अपनी परफॉर्मेंस खत्म कर मै वहीं बैठ जाती हूं।फिर कुछ क्षण बाद उठकर मै खड़ी हो कर अपनी अगली परफॉर्मन्स शुरू करती हूं।जो कि एक स्लो मोशन सांग होता ...

पत्नी की ख़ुशी
by navita
  • (15)
  • 384

ये दिल मजबूर है ,तेरा दिल मेरे दिल से दूर है ,पत्नी हो मैं तेरी ,फिर भी क्यों ये दिल मजबूर है lतेरी ख़ुशी के लिए मरती मैं ,तेरा ...

दिल से दिल तक... - 24
by Komal Talati
  • 336

                                      ( २४ )               कुछ लोग होटेल पहुँच चुके थे, तो कुछ लोग अभी अपनी पैकिंग ही कर रहे थे... मानव के रिश्तेदार सभी दिल्ली से थे ...

नियति... - 10
by Apoorva Singh
  • 411

मै अक्षत के साथ राघव के यहां पहुंचती हूं।अक्षत राघव से बात करता है।मैंने अक्षत और राघव के सामने एक शर्त रखी कि मै यहां रहूंगी लेकिन रेंट पर।पहले ...

त्रिखंडिता - 12
by Dr Ranjana Jaiswal
  • 174

त्रिखंडिता 12 वह रूआँसी हो गई। कितनी उम्मीद थी उसे चमन सर से......... और उन्होंने इस तरह से पल्ला झाड़ लिया। उनकी पत्नी का व्यवहार तो उसके साथ सहानुभूति ...

दिल से दिल तक... - 23
by Komal Talati
  • 453

                             ( २३ )                    अबीर तुरंत रेडी होकर नीचे आता हे... पायल भी अपने काम में लग जाती है... वह सबको जरुरत के हिसाब से सारा सामान ...

अंतर्द्वन्द - 3
by Sunita Agarwal
  • 720

अंतर्द्वन्द - 3आखिर रूठे हुए निखिल को,नेहा मना ही लेती है।लेकिन वो पहले की तरह सामान्य नहीं हो पाती।कुछ ही दिन बाद करवाचौथ का त्यौहार आता है,वह बहुत खुश ...

त्रिखंडिता - 11
by Dr Ranjana Jaiswal
  • 138

त्रिखंडिता 11 अरे, इतना बड़ा षडयंत्र। अलका की इतनी कुत्सित मंशा। एक अकेली स्त्री को स्त्रियाँ भी नहीं समझतीं। उसके खिलाफ षड़यंत्र रचती हैं। उसका सब कुछ छीन लेना ...

दो रोटियां
by Anil jaiswal
  • 258

सुधा रोज उस भिखारी को देखती थी। देखने मे ढीला-ढाला, बढ़ी हुई दाढ़ी, बेतरतीब बाल। आमतौर पर कोई उस पर सरसरी तौर पर भी नजर डालना पसंद नहीं करता ...

दिल से दिल तक... - 22
by Komal Talati
  • 426

                               ( २२ )                सूरज की पहली किरण से ही घरमें भगदड़ मची हुई थी, सभी को जल्द से जल्द तैयार होना था... ओर होटेल पहुंचना था... अबीर ...

नियति... - 9
by Apoorva Singh
  • 402

कृति जो नीचे रसोई में होती है मुझे फर्श पर गिरते हुए देख जोर से कहती है नियति दी बेहोश होकर गिर गई है। मां पापा।दादी देखिए न जीजी ...

त्रिखंडिता - 10
by Dr Ranjana Jaiswal
  • 153

त्रिखंडिता 10 सलमा की सनक बढ़ती जा रही थी। वह दिन भर नहीं नहाती। पर रात को नहा-धोकर श्रृंगार करती और तमाम तरह से उसे लुभाने की कोशिश करती। ...

दिल से दिल तक... - 21
by Komal Talati
  • 372

                                          ( २१ )       थोड़ी ही देर में अबीर पानी लेकर वापस आया तब तक पायल अपने रूम में जा चुकी थी...  " यह लड़की बिना ...

नियति... - 8
by Apoorva Singh
  • 564

उस दिन सिकंदरा में अमर और मेरे दोनों के साथ में फोटोज क्लिक कर लिए जाते हैं।हम दोनों ही इस बात से अनजान होते है कि हमारे सामने हूं ...

त्रिखंडिता - 9
by Dr Ranjana Jaiswal
  • 132

त्रिखंडिता 9 छह धारा के विपरीत तैरती लड़की पड़ोस की दुकान पर चाय की पत्ती लेने पहुँची रमा तब चौंक पड़ी, जब एक लड़की को दुकानदार से अपना नाम-पता ...

औरत (दास्ताये)
by Surbhi Singh
  • 243

समाज का एक अहम हिस्सा जिन्हें महिला के नाम से जाना जाता है | ये महिलाएँ जो जन्म लेने पर अपने घर की बेटी, बहने बनती हैं, वही शादी ...

दिल से दिल तक... - 20
by Komal Talati
  • 342

                              ( २० ) नीलाजीके कहने पर पुजा पायलको लेकर आई थी, दोनोंको आते देख उनहोने दोनोंको महेंदी लगाने बैठा दिया... ओर खुदभी सबके साथ बैठ गई, पर पायलने ...

अंतर्द्वन्द - 2
by Sunita Agarwal
  • 732

अंतर्द्वन्द - 2अभी तक आपने पढ़ा कि नेहा अपनी ससुराल में अपने पति निखिल के साथ बहुत खुश थी कि तभी एक दिन सासूमाँ की तानाकशी से तंग आकर ...

गच्चा
by रामगोपाल तिवारी
  • 291

कहानी                       गच्चा                                                                                     रामगोपाल भावुक          ‘वन्दना तू लड़की की जात ठहरी, देख कें चलवो कर, नहीं तो कहूँ गहरा गच्चा खायेगी।’       पोपले मुंह ...