मेरी शादी, मेरी गलती“आशीर्वाद या सवाल?”शादी का मंडप सजा हुआ था। रोशनी, संगीत, मेहमानों की हँसी सब कुछ एक नए जीवन की शुरुआत का संकेत दे रहे थे।मैं, आर्यन, अनाया के साथ फेरे लेने ही वाला था। तभी भीड़ में हलचल हुई।मेरी नज़र दरवाज़े की ओर गईवहाँ रीमा खड़ी थी।सफेद साड़ी में, चेहरे पर अजीब सी शांति… और उसका हाथ उसके पेट पर था।वह गर्भवती थी।मेरा दिल एक पल को थम गया।अतीत की परछाइयाँकॉलेज के दिनों में मैं महत्वाकांक्षी था, लेकिन गरीब भी।रीमा ने मेरी हर कमी को ढाल बना लिया था।मेरी फीस भरीमेरे लिए खाना लायीमेरे सपनों को सहारा