एपिसोड 9: लहू के रिश्ते और नफरत की दीवारअस्पताल के आईसीयू (ICU) के बाहर गलियारे में सफेद रोशनी और फिनाइल की गंध के बीच एक भारी सन्नाटा पसरा था। तभी लिफ्ट के दरवाजे खुले और ऊँची हील्स की खट-खट ने उस सन्नाटे को चीर दिया। ज़ारा की एंट्री किसी तूफान की तरह थी। आँखों पर बड़ा सा काला चश्मा, चेहरे पर शिकन और रूह में गुस्सा... वह सीधे डॉक्टर के पास पहुँची।"मेरी बहन कैसी है?" ज़ारा की आवाज़ में वह अधिकार था जिसे कोई टाल नहीं सकता था।"हालत गंभीर है मैम, खून बहुत बह चुका है। हम पूरी कोशिश कर