सच्ची मेहनत और संकल्प

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कहानी: सच्ची मेहनत और संकल्प की विजयअध्याय 1: धूल भरा गाँव और ऊंचे सपनेरामपुर नाम का एक छोटा सा गाँव, जहाँ विकास की किरणें अभी पूरी तरह नहीं पहुँची थीं। धूल भरी गलियाँ, कच्चे मकान और चारों तरफ फैली हरियाली ही यहाँ की पहचान थी। इसी गाँव के एक छोटे से कच्चे मकान में रवि रहता था। रवि के पिता, किशन, एक दिहाड़ी मजदूर और छोटे किसान थे। उनके पास जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा था, जो बमुश्किल परिवार का पेट पाल पाता था।रवि की माँ बीमार रहती थीं, लेकिन उनके चेहरे पर हमेशा एक उम्मीद रहती थी कि