आखिरी नंबर

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रात के लगभग 2 बजे थे। बाहर तेज़ हवा चल रही थी। आसमान में बादल घिर आए थे और कभी-कभी बिजली चमक रही थी। हर बार जब बिजली चमकती, तो कमरे की खिड़की से बाहर खड़े पुराने पेड़ की डरावनी परछाईं दीवार पर दिखाई देती।आदित्य अपने कमरे में अकेला था। उसके माता-पिता शहर से बाहर गए हुए थे और पूरा घर खाली था। वह बिस्तर पर लेटकर मोबाइल पर वीडियो देख रहा था।अचानक उसके फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आया।आदित्य ने स्क्रीन की तरफ देखा। नंबर अजीब था — जैसे कोई बहुत लंबा नंबर हो।उसने सोचा शायद किसी