Horror Stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    चौपड़े की चुड़ैलें - 4 - अंतिम भाग
    by PANKAJ SUBEER
    • 232

    चौपड़े की चुड़ैलें (कहानी : पंकज सुबीर) (4) यह जो रसायनों की उत्पत्ति थी यह आने वाले दिनों में और, और, और का कारण बनने वाली थी और बनी ...

    मुझे याद रखना - 4
    by Ayushi Singh
    • 244

    वह चुड़ैल हवा में उड़कर मेरी कार के बोनेट पर बैठ गई और बिना देर किए उसने काँच तोड़ दिया और एक झटके में ड्राइवर का सिर धड़ से ...

    साइबर घोस्ट
    by Chandresh Kumar Chhatlani
    • (12)
    • 282

    "नहीं... अंदर मत आना... " दरवाज़ा खोलते ही चीखते हुए स्वर आया। आवाज़ दिया की ही थी। "बेटा, मैं हूँ - मम्मा।" कहते हुए उसकी माँ उस अंधेरे कमरे ...

    मधुरिमा - भाग (१)
    by Saroj Verma
    • (17)
    • 512

    चल राजू,जल्दी से खाना खाकर तैयार हो जा,रात को दस बजे हमारी ट्रेन है, मां ने मुझसे कहा____     मैंने कहा ठीक है मां और मैंने अपने कंचे,चंदा-पवआ खेलने ...

    चौपड़े की चुड़ैलें - 3
    by PANKAJ SUBEER
    • 304

    चौपड़े की चुड़ैलें (कहानी : पंकज सुबीर) (3) उस रात के बाद से सब कुछ बदल गया। सब कुछ बदल गया मतलब यह कि चौपड़े का सारा माहौल ही ...

    पहेली - 1
    by Sohail Saifi
    • (19)
    • 574

    तिथि 31 मार्च 1990एक अज्ञात व्यक्ति एक नवजात शिशु को कुमार फैमिली के घर के बाहर रख कर चला जाता हैँ¡ कुमार फैमिली मे एक अधेड उम्र का जोड़ा ...

    चौपड़े की चुड़ैलें - 2
    by PANKAJ SUBEER
    • 392

    चौपड़े की चुड़ैलें (कहानी : पंकज सुबीर) (2) क़स्बे के जवान होते लड़कों के लिए चौपड़ा मुफीद जगह थी दिन काटने की। चौपाल पर बूढ़ों का कब्ज़ा था और ...

    अजनबी
    by Saroj Verma
    • (22)
    • 722

    मेरा गांव झांसी से साठ किलोमीटर दूर है और मेरी ट्रेन का रिजर्वेशन झांसी से था दिल्ली तक के लिए, मैं अपने मां बाबूजी से मिलने गई थी।। गांव ...

    चौपड़े की चुड़ैलें - 1
    by PANKAJ SUBEER
    • (17)
    • 796

    चौपड़े की चुड़ैलें (कहानी : पंकज सुबीर) (1) हवेली वैसी ही थी जैसी हवेलियाँ होती हैं और घर वैसे ही थे, जैसे कि क़स्बे के घर होते हैं। कुछ ...

    दरिंदे की वापसी - A Horror mystery
    by सोनू समाधिया रसिक Verified icon
    • (21)
    • 1k

    ?दरिंदे की वापसी ?                  ~~~~~~~~~~~~~~~~~~                       A_horror_mystery ⚔️लेखक :- सोनू समाधिया रसिक ?? रमण ...

    मुझे याद रखना - 3
    by Ayushi Singh
    • 598

    अब मेरी हालत ऐसी थी कि कमरे में मैं रुक नहीं सकता था और बाहर मैं जा नहीं पा रहा था, दरवाजा अभी तक नहीं खुल रहा था। कल ...

    वो कौन था ?
    by Mohd Siknandar
    • (24)
    • 962

    इस कहानी की शुरुआत बर्लिन (जर्मनी ) से लगभग 60 किलोमीटर दूर पौलेंड के छोटे से गाँव ओसिनोवा डोलनी मे होती है । जिनमे से करीब 150 लोग बाल-काटने ...

    खोफ - 24
    by SABIRKHAN Verified icon
    • (17)
    • 1k

    “सोच लो फिर मै तुम सब की बेबसी पर दुबारा रहम नही खाऊंगी। हमें भी औलाद नहीं रहना है अपने बच्चों को जिंदा देखने के लिए हम कुछ भी ...

    मुझे याद रखना - 2
    by Ayushi Singh
    • (17)
    • 806

    " मुझे याद रखना " इतना कहकर वह गायब हो गई और यह सुनते ही मैं बुरी तरह से काँपने लगा और उस घने अंधेरे में भी मेरी आँखों ...

    उस रात की बात
    by Ajay Kumar Awasthi Verified icon
    • (33)
    • 1.5k

          रुक रुक बादल भयंकर गर्जना कर रहे थे । थोड़ी थोड़ी देर में बिजली चमकती और फिर तेज गड़गड़ाहट की आवाज़, फिर लगता कि आसमान फट ...

    प्रेम मोक्ष - 9
    by अ, का, पुत्र
    • (13)
    • 824

    सर्दियों का खिला हुआ समां था, जोरदार ठण्ड मे अमृत समान धुप अपने चरम ताप पर थी। खेती मे किसान जी तोड़ मेहनत कर रहे थे।  उनकी औरते भी ...

    अतृप्त आत्मा - 3 - अंतिम भाग
    by pratibha singh
    • (11)
    • 690

    वो चुड़ैल अपनी भयानक शक्ल लिए मेरे सामने खड़ी थी , और डर के मारे मेरी घिग्घी बंधी हुई थी न तो मैं आगे बढ़ पा रही थी न ...

    खौफ - 23
    by SABIRKHAN Verified icon
    • (11)
    • 790

     अब ऐसा रोतल मुंह बनाकर कब तक बैठोगे..? समीर ने उतरे हुए चेहरे को देखकर प्रिया ने उसको टोका।तुम जानते हो वह तुम्हारा प्रेम लेकर गई है ! तुम ...

    अधूरी हवस - 24 - अंतिम भाग
    by Balak lakhani Verified icon
    • (72)
    • 3.1k

      मिताली बहोत ही उत्सुक होती है, डायरी को लेकर पढ़ने ही तलब लगी थी उसे वोह अपने आप को रोक नहीं पाई पल भर के लिए भी और ...

    मुझे याद रखना - 1
    by Ayushi Singh
    • (14)
    • 926

    आज ही हरिद्वार से देहरादून आया हूँ। सच में देहरादून की खूबसूरती के बारे में जितना सुना है उससे कहीं ज्यादा खूबसूरत जगह है यह। रास्ते भर प्रकृति की ...

    प्रेम मोक्ष - 8
    by अ, का, पुत्र
    • 682

    अजाब सिंह ने दिलबाग से जिस दिन आने का वादा किया था। उस दिन अजाब दिलबाग के पास ना जा कर नेहा के माता पिता की छान बिन में ...

    खौफ - 22
    by SABIRKHAN Verified icon
    • (18)
    • 1.1k

    बारिश की बौछार के कारण भीगे हुए समीर और प्रिया मजर के परिसर में खड़े थेल। वहां पानी तो नहीं गिर रहा था पर चारों तरफ धोधमार बरस रही ...

    अधूरी हवस - 23
    by Balak lakhani Verified icon
    • (59)
    • 2.3k

    अचानक से दो साल गुजर जाने के बाद मिताली का कोल आता है राज के ऊपर. मिताली :हैलो, केसे हो? (आवाज सुन कर चौक जाता है, वोह तुरंत पहचान ...

    भूत बंगला.... - भाग ७
    by Sanket Vyas Sk, ઈશારો
    • (15)
    • 813

              आगे भाग ६ में हमने आत्मा का वो रूप देखा जैसा हमने कभी भी सोचा नहीं, आत्मा को आजतक हम बूरी बला ही मानते ...

    माघ की काली रात - 7 - अंतिम भाग
    by Bhupendra Dongriyal
    • (16)
    • 628

                                (7) चैतराम की बात सुनकर वहाँ उपस्थित सभी मजदूरों एवं दानसिंह के मन में चैतराम ...

    ख़ौफ़ - 21
    by SABIRKHAN Verified icon
    • (15)
    • 706

    खटपटिया मीटिंग मे से जैसे ही वापस लौटा जगदीश ने समीर के नंबर से फोन  रिकॉर्ड होने की बात कही। तत्काल खटपटियाने उस कॉल को बार-बार सुनी। आवाज समीर ...

    भूत बंगला.... - भाग ६
    by Sanket Vyas Sk, ઈશારો
    • 436

        आगे के भाग ५ में हमने देखा की प्राची अचानक ही कोई दूसरे अंदाज़ में चेतन से कहने लगती है की "तुम लोग अगर जो निकल गए ...

    प्रेत के साथ ईश्क - भाग-१७
    by Jaydip bharoliya Verified icon
    • (32)
    • 893

    "जब हम घड़ी के बारे में पूछताछ करने के लिए प्रिंसिपल ऑफिस में गए थे तभी मुझे प्रिंसिपल पर शक हुआ था। इसीलिए तभी प्रिंसिपल के टेबल के नीचे ...

    अधूरी हवस - 22
    by Balak lakhani Verified icon
    • (58)
    • 1.9k

    राज  का नशे मे रहने का अब रोज का हो जाता है, ना अपने दोस्त को भी कुछ बताता है, अपने अंदर ही अंदर सब बाते दबा के रखता ...

    माघ की काली रात - 6
    by Bhupendra Dongriyal
    • (15)
    • 449

                      (6)           बुजुर्ग मन बहादुर ने चैतराम के सिर पर भभूति लगाई और उसे पूछा,"बता कौन ...