एक आधुनिक अधूरा प्रेम

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पार्थ और श्रुति: एक अधूरी प्रेम कहानीअध्याय 1: 12वीं का वह सुनहरा और अनकहा साल पार्थ एक शांत लड़का था, जिसके मन में कविताओं का ज्वार उठता था, और श्रुति उसकी हर कविता का अनकहा शब्द थी। 12वीं कक्षा में वे दोनों एक ही क्लास में थे। पूरा स्कूल जानता था कि पार्थ की नजरें अक्सर श्रुति को ढूंढती हैं, और श्रुति का लंच बॉक्स हमेशा पार्थ के लिए ही पहले खुलता है। पार्थ अक्सर अपनी डायरी में श्रुति के लिए कविताएँ लिखता, लेकिन जब भी वह उसके सामने आता, उसकी सारी शब्दावली जैसे गायब हो जाती। श्रुति भी पार्थ