मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। - 40

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भूतिया कहानी: “शापित हवेली”पटना से लगभग 40 किलोमीटर दूर बरौनी नाम का एक छोटा-सा गाँव बसा था। यह गाँव हरे-भरे खेतों और नदी के किनारे तो था ही, लेकिन इसके बाहर एक पुरानी हवेली खंडहर की शक्ल ले चुकी थी। हवेली की दीवारें काली पड़ गई थीं, जंग लगे द्वार टूटे पड़े थे, और रात के सन्नाटे में वहाँ से अजीबो-गरीब आवाज़ें आतीं—जैसे किसी की सिसकियाँ, साँपों की फुफकार या टूटते कांच की खनक। गाँव वाले डरते थे। वे कहते, “जिसने भी उस हवेली में कदम रखा, वह कभी पहले जैसा नहीं रहा। कोई पागल हो गया, कोई गायब हो