छोटा जासूस(एक मौलिक हिंदी कहानी – लगभग 2000 शब्द) ---प्रस्तावनाअजनाला कस्बे की गलियों में अक्सर बच्चों की टोली खेला करती थी। उन्हीं में से एक था आरव, उम्र केवल बारह साल, पर दिमाग तेज़ और जिज्ञासा से भरा हुआ। दोस्तों ने उसे मज़ाक में "छोटा जासूस" कहना शुरू कर दिया था, क्योंकि वह हर छोटी-सी बात को ध्यान से देखता, सुराग ढूँढता और रहस्य सुलझाने की कोशिश करता। आरव को किताबें पढ़ने का शौक था—खासकर जासूसी उपन्यास। उसकी कल्पना शक्ति इतनी प्रखर थी कि अक्सर वह अपने मोहल्ले की घटनाओं को भी रहस्य बना देता। लेकिन एक दिन उसकी यह आदत उसे