Bhediya

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पहाड़ों के बीच बसा छोटा सा गाँव देवगढ़ उस दिन कुछ अलग ही खामोशी में डूबा हुआ था। हवा में एक अजीब सी घुटन थी, जैसे किसी अनजाने खतरे की आहट हो। लोग अपने दरवाजे जल्दी बंद कर चुके थे, क्योंकि पिछले कुछ महीनों से गाँव में एक के बाद एक अजीब मौतें हो रही थीं। हर लाश के पास एक ही निशान मिलता था, गहरे पंजों के निशान और मांस का फटा हुआ हिस्सा। लोग उसे बाघ समझते थे, पर बूढ़े कहते थे, यह कोई साधारण जानवर नहीं है।गाँव में एक नया आदमी आया था, नाम था रघुवीर। वह