वंशिका को गुप्त सूत्रों से यह पुख्ता जानकारी मिल चुकी थी कि भूपेंद्र अब बेरोज़गार हो चुका है। जब उसने यह बात शबनम और महिमा को बताई, तो महिमा के चेहरे पर एक कुटिल संतोष भरी मुस्कान छा गई।महिमा ने अपनी मेज़ पर रखे पेपरवेट को घुमाते हुए कहा, "वंशिका, यह तुम्हारी पहली जीत है। जब आर्थिक नींव हिलती है, तो हवस का महल सबसे पहले गिरता है। लेकिन याद रखना, अब जो समय आएगा, वह तुम्हारे लिए अग्निपरीक्षा जैसा होगा। अब तक तुम घर के भीतर लड़ रही थी, अब तुम्हें समाज से लड़ना होगा।"महिमा ने वंशिका की आँखों