डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 39

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भूपेंद्र ने एलिमनी चुकाने के लिए बैंक से लोन लेना चाहा, लेकिन उसे लोन नहीं मिला क्योंकि उसके पुराने लोन की किस्तें रुकी हुई थीं। पहले वंशिका अपनी कमाई से आधी किस्त भरती थी, तो भूपेंद्र को पता भी नहीं चलता था, पर अब वह पूरी तरह दिवालिया हो चुका था। मजबूरी में उसे अपनी प्रिय कार बेचनी पड़ी और घर का आधा हिस्सा (अपना हिस्सा) गिरवी रखकर वंशिका की रकम चुकानी पड़ी। क्योंकि उस घर में आधा हिस्सा वंशिका का पहले से ही था। उसी समय मौका देखकर शिखा ने अपनी माँ मनोरमा के कान भरे। "मम्मी, देख लिया न?