सच और झूठ के मध्य

(67)
  • 5.3k
  • 501

उमेश अब पीठ से हाथ सामने ले आया और धीरे से उभारों को सहलाने लगा ।  कमरा शांत था उमा ने घबरा कर आंखें बंद कर ली ।