इस घर में प्यार मना है - 33

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कुछ हफ्ते बीत चुके थे। संस्कृति का पेट थोड़ा-सा दिखने लगा था।कार्तिक अब पहले से भी ज्यादा ओवरप्रोटेक्टिव हो गया था।अगर संस्कृति उठती तो वो बोलता —रुको… मैं कर देता हूँ।अगर वो पानी लेने जाती तो —रुको… मैं लाता हूँ।मोहन हर बार मज़ाक उड़ाता।मोहन बोला - भैया… भाभी प्रेग्नेंट हैं, ग्लास की गुड़िया नहीं।पारो हंस पड़ती। लेकिन असली ड्रामा तो अभी बाकी था।एक रात लगभग 1 बजे…सब सो चुके थे। अचानक संस्कृति उठकर बैठ गई। उसका चेहरा अजीब-सा था। कार्तिक की नींद खुली।कार्तिक बोला - क्या हुआ संस्कृति?संस्कृति धीरे से बोली —मुझे… पानीपुरी खाने का मन कर रहा है।कार्तिक थोड़ा चौंका।कार्तिक बोला