रात का समय था। बाहर ठंडी हवा चल रही थी और खिड़की के शीशों पर हल्की-हल्की बर्फ जमने लगी थी। घर के अंदर चारों लोग डिनर के बाद बैठकर बातें कर रहे थे। मोहन अभी भी पेट के पास बैठकर बच्चे से बातें कर रहा था।मोहन बोला —सुनो छोटे बॉस…जल्दी आना।तुम्हारा चाचा तुम्हें फुटबॉल सिखाएगा।पारो ने तुरंत उसके सिर पर हल्का सा चपत मारा।पारो बोली - पहले पैदा तो होने दो!सब हँस पड़े। कुछ देर बाद सब अपने-अपने कमरों में चले गए।कमरे में हल्की लाइट जल रही थी। संस्कृति बिस्तर पर लेटी हुई थी और कार्तिक उसके पास बैठा लैपटॉप पर