अधुरा प्यार - 1

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उत्तर प्रदेश की वो सर्द रात और दिल में सुलगती नफरत... इकबाल राज के लिए अब अपना कहने को कुछ भी नहीं बचा था। सगी पत्नी के धोखे ने उसे रातों-रात बेघर और 'लावारिस' कर दिया। शहर छूटा, सुकून छूटा और इकबाल दर-दर भटकता हुआ एक अनजान गाँव पहुँचा, जो उसके भाई का ससुराल था। वहां उसका कोई अपना नहीं था, बस बेबसी थी।गाँव की सरहद पर इकबाल की मुलाकात उस मंजर से हुई जिसने उसकी नफरत को मोहब्बत में बदल दिया। जुबैदा—हाथ में छड़ी लिए अपनी बकरियां चराती हुई एक मासूम लड़की। उसकी सादगी और खिलखिलाती बातों ने इकबाल