दिसंबर की उस सर्द शाम के बाद, रोहन और अनन्या का रिश्ता 'द विंटेज कैफे' की उस कोने वाली टेबल से बाहर निकलकर शहर की सड़कों, किताबों की दुकानों और आर्ट गैलरियों तक पहुँच गया था। अब उनका मिलना सिर्फ शनिवार तक सीमित नहीं था।मंगलवार की एक खुशनुमा दोपहर थी। सूरज की हल्की धूप सर्दियों की ठंडक को कम कर रही थी। रोहन ने अनन्या को शहर की एक पुरानी, जानी-मानी बुकस्ट्रीट (किताबों के बाज़ार) में चलने के लिए कहा था। अनन्या के लिए किताबों से घिरे रहना किसी जन्नत से कम नहीं था।सड़क के दोनों ओर पुरानी किताबों की