ऑफिस का ओपन एरिया। कुछ कर्मचारी कॉफी मशीन के पास खड़े होकर सिमरन का मज़ाक बना रहे हैं।कर्मचारी 1 हंसते हुए बोला -अरे ये तो बिलकुल बच्ची जैसी है। अठारह साल की है पर दिमाग़ से तेरह का।कर्मचारी 2 मज़ाक उड़ाते हुए बोला -कल तो ट्रैफिक सिग्नल पर भी खड़ी रह गई थी। हाहाहा।बाकी सब हंसने लगते हैं। सिमरन का चेहरा लाल पड़ जाता है। उसकी आँखों में आँसू आ जाते हैं। वह चुपचाप अपना काम करने की कोशिश करती है, पर उसका दिल टूट रहा है।अचानक कमरे का माहौल बदल जाता है। करण अपने केबिन से बाहर आता है।