इश्क़ तेरा मेरा - 2

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---*Title: "सिंघानिया मेंशन का राज"*  *Total: 500 शब्द*प्रज्ञा रोज सुबह 5 बजे उठकर नाश्ता बनाती, फिर गरम-गरम अदरक वाली चाय लेकर अपने शौहर अभि को उठाती। अभि चाय का घूंट भरते ही शरारत से मुस्कुराया, "कल रात तो तुम झांसी की रानी बनी हुई थीं। चैलेंज पे चैलेंज... मेरी तो हालत खराब कर दी।" प्रज्ञा ने तकिया मारा, "हां तो? तुम्हें भी तो पता चले कि तुम्हारी बीवी मामूली नहीं है।" दोनों की हंसी से कमरा गूंज उठा।पर हंसते-हंसते प्रज्ञा का दिल बैठ गया। शादी की पहली रात से ही अभि ने एक बात साफ कह दी थी - _"सिंघानिया मेंशन के आसपास