(सुबह की हल्की धूप खिड़की से कमरे में आ रही है। सिमरन नींद से उठती है, उसका चेहरा मासूम और बेख़बर। वो धीरे-धीरे उठकर पानी पीती है।)"वो रात जो उसके लिए डर और रहस्य से भरी हुई थी... अब उसकी यादों से गायब हो चुकी थी।करण ने उसकी आँखों से वो लम्हे मिटा दिए थे।क्योंकि अगर सच सामने आ जाता... तो सिमरन हमेशा के लिए उससे दूर भाग जाती।"(ऑफिस – सिमरन अपनी टेबल पर बैठी है, मासूम-सी, जैसे कुछ हुआ ही न हो। बाकी एम्प्लॉई उसे देखकर हैरान होते हैं। फुसफुसाते हैं।)Employee 1 (धीमे से) बोले - "कल रात तो इसको