Chapter 7 — धुंध की वापसीआर्यन ने उस जली हुई चाबी को अपनी मुट्ठी में इतनी ज़ोर से भींचा कि उसकी उंगलियों के पोर सफेद पड़ गए। सूरज की पहली किरणें पहाड़ों की चोटियों पर गिर रही थीं, लेकिन उनमें वह गर्माहट नहीं थी जो डर को मिटा सके। उसे लग रहा था कि सुबह की रोशनी के साथ वह खौफनाक रात पीछे छूट गई है, लेकिन वह चाबी एक कड़वा सच बनकर उसके हाथ में चुभ रही थी। वह तेज़ी से मुख्य सड़क की ओर बढ़ने लगा, उसके कदम लड़खड़ा रहे थे और दिल की धड़कनें किसी नगाड़े की