शिवाजी जूते पॉलिश कर रहा था। तभी एक गाड़ी आकर रुकी। उसमें से एक नौजवान लड़का उतरा। उसने एक थैली में कुछ जूते पॉलिश करने के लिए शिवाजी की तरफ बढ़ा दिए। शिवाजी 11 साल का लड़का था। चेहरे पर हमेशा मुस्कान। कम उम्र में बड़ी जिम्मेदारी। पढ़ा लिखा तो था नहीं। पर समाज की बहुत समझ थी। पैसे की अहमियत समझता था। कोई काम तो था नहीं बस होश संभाला तो हाथ एक जिम्मेदारी थी....छोटा भाई ....नाम तो अपना भी नहीं पता था पर महाराज शिवाजी की प्रतिमा देखी। लोगो से उनके बारे में सुना कि बहुत बड़े महाराज है बहुत