उसकी साया !! - 3

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यादों की जंगमल्हार ने देखा कि उसका अपना हाथ अब पूरी तरह पारदर्शी हो चुका था। वह उस बूढ़ी औरत को छूने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसका हाथ हवा की तरह उसके पार निकल गया। दूसरी ओर, वह 'साया' जो अब पूरी तरह मल्हार का रूप ले चुका था, ज़मीन पर मजबूती से पैर टिकाए खड़ा था।"तुम्हें क्या लगा मल्हार?" उस हमशक्ल साये ने ठंडी हँसी के साथ कहा। "एक लेखक की रूह सबसे स्वादिष्ट होती है। तुम्हारे पास ढेरों कहानियां हैं, अधूरे सपने हैं, और कॉलेज की वे यादें... वे अब मेरे अंदर धड़क रही हैं।"बुढ़िया का