पीपल तले उम्मीद

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️ पीपल तले उम्मीद ️कई दिनों से आसमान में बादल लुका-छिपी का खेल खेल रहे थे।कभी लगता — बस अब मूसलाधार बारिश होगी,पर तभी दक्षिणी हवा का एक तेज झोंका आता और बादलों को दूर उड़ा ले जाता।सावन ढलने को था।खेतों में लगे धान के बिछड़े सूखकर पीले पड़ने लगे थे।धरती की फटी दरारें मानो किसानों की किस्मत पर पड़ी चिंताओं की लकीरों जैसी लगती थीं।रामपुर गांव के किसान डोमन महतो की आंखों में गहरी उदासी तैर रही थी।उसका पूरा परिवार खेती पर निर्भर था।दो बेटे पास के मोदीडीह स्टील प्लांट में ठेकेदारी मजदूरी करते थे,जहां रोज काम मिलना भी