Classic Stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    College Life
    by Atul Baghresh

    किसी मंज़िल की फिकर नहीं थीफ़ीकार करने की उम्र नहीं थीयाद है वो सुबहजीस दिन कॉलेज का पहला दिन तकहुश भी थ, सेहमे भी थेनही पता था इस अन्जान ...

    विष कन्या - 19
    by Bhumika

           आगे हमने देखा की, लावण्या मध्याह्न के समय अपने कक्ष के जरूखे में खड़ी है। जब सारिका पूछती हे की वो किस विषय में सोच विचार ...

    सलीब अपना-अपना
    by Amrita Sinha

    सलीब अपना अपनापरीक्षाएँ ख़त्म कर घर में यूँही बेकार बैठना अच्छा नहीं लग रहा था मीता को । घर बैठे - बैठे ऊब रही थी कि माँ ने सुझाया कि क्यों नहीं वह पेंटिंग का एक क्रैश कोर्स जॉइन कर ले । मीता की सहेलियों ने भी कोई न कोई कोर्स ज्वाइन कर लिया था और मीता को 

    विष कन्या - 18
    by Bhumika

           आगे हमने देखा की, लावण्या को औषधि पिसते हुए देखकर मृत्युंजय कहता हे की इतने कोमल हाथ में ये पत्थर का सिलबट्टा शोभा नही देता। लावण्या ...

    एक अजनबी से मुलाकात
    by Atul Baghresh

    रोज़ की तरह में वाक करनेघर से पार्क के लिए निकल रहा ताहीड्फोने उठए, शूज पेह्नेओर निकल गया घर स।तोडे देर पार्क में वाक करने के बादमे अपनी जगह ...

    इस्तीफ़ा
    by Amrita Sinha

    कहानी             —- इस्तीफ़ा——           अमृता सिन्हा जबसे सिस्टर जूही स्कूल की प्रिंसिपल बनकर आयी हैं तब से पूरे स्टाफ़ रूम में हड़कंप मचा रहता है। स्कूल में अनुशासन  पहले भी थापर इन दिनों उनकी तरफ़ से  कई नए नियम लागू कर दिए गए हैं जिसके कारण पूरे दिन 

    विष कन्या - 17
    by Bhumika

           आगे हमने देखा की, मृत्युंजय सुबह सुबह राजकुमारी वृषाली के कक्ष में पहुंचता है और महाराज निंद्रा से जागते है। मृत्युंजय शुभ प्रभात कहकर उनका अभिवादन ...

    विश्वासघात--भाग(१२)
    by Saroj Verma

    लीला और विजय की खबर सुनकर शक्तिसिंह जी की आँखों से आँसू बह निकलें, उनका मन व्याकुल हो उठा अपने नन्हें को देखने के लिए और उन्होंने प्रदीप से ...

    विश्वासघात--भाग(११)
    by Saroj Verma

    शाम हुई ,मधु के जन्मदिन के लिए  प्रदीप फूलों का गुलदस्ता लेकर सुनहरी चौक पहुँच गया और मधु की सहेली वीना की मोटर का इंतज़ार करने लगा,कुछ देर के ...

    विश्वासघात--भाग(१०)
    by Saroj Verma

    साधना ने अपनी बेटी मधु से कहा कि पढ़ाई में ध्यान लगाएंगी तो काम आएगा,ये क्या किसी से जरा सी बहस हो गई तो तू उससे बदला लेने पर ...

    शुक्रिया दोस्त
    by Atul Baghresh

    शुक्रिया मुझे वो ज़िन्दगी के सबसे हसीं पल देने के लिए शुक्रिया मेरी परेशानी को खुद की तकलीफ मान कर अपने सर लेने के लिए शुक्रिया उन मस्तियो के ...

    वापसी
    by Amrita Sinha

                                   वापसी ————।                               ...

    विश्वासघात--भाग(९)
    by Saroj Verma

    दयाशंकर की बात सुनकर जमींदार शक्तिसिंह कुछ सोच समझकर बोले____        अगर ये ही वो नटराज है तो इससे टकराना तो आसान ना होगा,क्योंकि ये तो अब बहुत बड़ा ...

    विश्वासघात--भाग(८)
    by Saroj Verma

    और उधर संदीप और प्रदीप के कमरे पर___   क्या हुआ भइया! आप अभी तक गए नहीं है,प्रदीप ने पूछा।। हाँ,आज जरा कचहरी जाना है, सर ने बुलाया था ...

    विष कन्या - 16
    by Bhumika

           आगे हमने देखा की, मृत्युंजय अपने कक्ष के जरूखे से लावण्या को छुपते छुपाते वाटिका में बने मार्गसे महल से बाहर की ओर जाते हुए देखता ...

    विश्वासघात--भाग(७)
    by Saroj Verma

    शाम का वक्त था..... डाक्टर महेश्वरी अपने दवाखाने में कुछ उदास सी बैठी थी,तभी विजयेन्द्र उसके पास पहुँचा और महेश्वरी को उदास देखकर पूछ बैठा.....   क्या हुआ डाक्टरनी ...

    विश्वासघात--भाग(६)
    by Saroj Verma

    शाम का समय था___   क्यों रे प्रदीप ! मंदिर चलेगा,संदीप ने पूछा।। ना भइया! मै सोच रहा हूँ कि खाना बनाने के बाद पढ़ने बैठ जाऊँ, इम्तिहान आने ...

    विश्वासघात--भाग(५)
    by Saroj Verma

    पन्द्रह अगस्त का जलसा खत्म होनें के बाद डाँक्टर महेश्वरी, मास्टर साहब को खोज रहीं थीं ताकि अब उनसे जाने की इजाजत ले सकें और जब वे नहीं दिखें ...

    गुलनार
    by mandavi barway

    गुलनारजैसे ही मेरी नींद खुली, मैंने देखा कि दूर खड़ी वो कातर दृष्टि से मुझे देख रही थी। आँखों की चमक, सेब जैसे गालों का गुलाबीपन बहुत फीका था। मुझे ...

    विष कन्या - 15
    by Bhumika

            आगे हमने देखा की, महाराज इंद्रवर्मा मृत्युंजय को मध्याह्न के समय अति सीघ्र उपस्थित होने की आज्ञा देते है। मृत्युंजय जब वहां पहुंचता है तो ...

    सलीब पर टँगी लड़की
    by Amrita Sinha

    कहानी सलीब पर टंगी लड़की                    ———— अमृता सिन्हा ————————बेडरूम में आराम करते-करते थकने लगी तो किचन में आ गई पल्लवी ।साफ़-सुथरे और चमकते किचन को देखकर उसके होठों परमुस्कान तैर आयी ।प्रमिला सब काम क़रीने से कर गई थी और खाना भी बना कर टेबल पर स

    विष कन्या - 14
    by Bhumika

            आगे हमने देखा की, मृत्युंजय और भुजंगा के जाने के बाद सारिका लावण्या का उपहास करती  है और कहती है की मृत्युंजय का व्यक्तित्व मनमोहक ...

    आज का रावण
    by राज कुमार कांदु

    जय श्री राम का घोष अवकाश में गूँज उठा और खुशी और कौतूहल से भरा रावण धरती के उस हिस्से पर आ धमका जहाँ से यह घोषणा अभी भी ...

    विष कन्या - 13
    by Bhumika

            आगे हमने देखा की, मृत्युंजय और लावण्या में नोक झोक हो रही हैं। मृत्युंजय लावण्या के सामने मित्रता का प्रस्ताव रखता है। लावण्या व्यंग व्यंग ...

    विष कन्या - 12
    by Bhumika

            आगे हमने देखा की मृत्युंजय और भुजंगा आपस में बात कर रहे हे। मृत्युंजय भुजंगा को सारिका के नाम से छेड रहा है। प्रातः लावण्या ...

    विष कन्या - 11
    by Bhumika

           आगे हमने देखा की, महाराज इंद्ववर्मा से राजगुरु प्रधान सेनापति की कुशलता के विषय में पूछते है तभी वहां उप सेनापति तेजपाल आते है। महाराज उन्हे ...

    सोन पिंजरा
    by Prabodh Kumar Govil

    रघु ने बाबू को साफ़ साफ़ कह दिया था कि चाहे मूंगफली के पैसे की उगाही धनीराम के यहां से आए या न आए, वो काकाजी के पास ज़रूर ...

    वचन--(अन्तिम भाग)
    by Saroj Verma

    वचन--(अन्तिम भाग) हाँ,भइया मुझे पक्का यकीन है कि सारंगी दीदी आपको बचा लेंगीं, दिवाकर बोला।।      नहीं, दिवाकर! जब सबको पता है कि आफ़रीन का ख़ून मैने किया है ...

    आर्यन
    by Prabodh Kumar Govil

    और दिनों के विपरीत आर्यन छुट्टी होते ही बैग लेकर स्कूल बस की ओर नहीं दौड़ा बल्कि धीरे-धीरे चलता हुआ, क्लास रूम के सामने वाले पोर्च में रुक गया। ...

    चाहत दिलकी - 2
    by SWARNIM SAHAYATRI

    पहुंचने की जगह की जिज्ञासा से अधिक, मन उसके साथ चलने के लिए उत्साहित था। उसके साथ चलते समय, मैं अक्सर सोचती थी कि जैसे-जैसे मैं चलूँ, सड़क और ...