Classic Stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    खुशबुएं पकड़ में कहां आती हैं
    by Prabodh Kumar Govil

    उसे पक्का यकीन हो गया कि भावनाएं कहीं नहीं पहुंचतीं। वह कोई अन्तर्यामी तो है नहीं, पहुंचती भी होंगी, पर इतना वह ज़रूर कह सकता है कि भावनाओं की ...

    धुस - कुटुस
    by Prabodh Kumar Govil

    "धुस- कुटुस" तहलका मच गया। ये तो सोने पर सुहागा ही था कि एक ओर जहां विश्व नीड़म विद्यानिकेतन का स्वर्ण जयंती समारोह मनाए जाने की घोषणा ज़ोर- शोर ...

    विभीषिका
    by rajendra shrivastava

    लघु-कथा-- विभीषिका                                                       ...

    मातृत्व
    by Sangeeta Gupta

     "आंती,हमाली बोल दे दो " गुलाब की क्यारी गोड़ते हुए सुरभि ने पीछे पलटकर देखा। मेहंदी की बाढ़ के टूटे हुए पैबंद से एक गोरा चिट्टा बच्चा लाल स्वेटर पहने, ...

    स्थायित्व
    by Ramnarayan Sungariya

    कहानी--                                स्थायित्व                          आर। एन। सुनगरया                   '' हॉं कमलेश मैं इतना टूट चुका हूँ ..... इसलिए ....... बस अब पथराई औखों और अक्रशील बैठे ...

    पागल-ए-इश्क़ - (पार्ट -4)
    by Deepak Bundela AryMoulik

    कंटीन्यू पार्ट -4महक की कार तेज गती से घर की तरफ दौड़े जा रही थी.. महक पीछे की सीट पर बैठी बैठी सोच रही थी.. कि रेनू को जरूर ...

    हरी चूड़ियाँ
    by राजेश ओझा

       शब्बीर चच्चा आज जैसे बाजार से घर आये..बच्चों ने रोज की तरह घेर लिया..'मेरे लिये क्या है-मेरे लिये क्या है' रोज की तरह थैले को खींचने की होड़ ...

    दिल की दौलत
    by Ramnarayan Sungariya

    कहानी       दिल की दौलत                      आर. एन. सुनगरया,                         मैं बहुत खुश दिख रही हूँ, इसलिये नहीं कि आज मेरी ...

    बचपन की यादें - 3
    by Bhupendra Dongriyal

                   (3)        हर दिन की तरह स्कूल की छुट्टी होने पर हर एक गाँव के बच्चे अपनी-अपनी टोलियाँ बना कर ...

    नो झगड़ा नो लाइफ
    by r k lal

    नो झगड़ा नो लाइफ आर ० के ० लाल              रात के दस बज रहे थे। सचिन अभी अभी काम से लौटा था। सचिन की पत्नी वर्षा बड़े ...

    बचपन की यादें - 2
    by Bhupendra Dongriyal

                                 (२)       राजेश और मैं एक ही कक्षा में पढ़ते थे । अब राजेश ने अपने ...

    गंधैला
    by राजेश ओझा

    रमेसर तिवारी जमींदार खानदान से थे..जमींदारी उन्मूलन भले हो गयी हो पर 'मुई हाथी तौ सवाव लाख' वाली बात उनपर फिट बैठ रही थी..बड़ा सा दो मंजिला मकान था..क्षेत्र ...

    बचपन की यादें - 1
    by Bhupendra Dongriyal

                                 (१)         जब मैं छोटा बच्चा था,मैं भी स्कूल जाता था। तब ...

    अंत भला तो सब भला
    by Rama Sharma Manavi

       राधिका के मोबाइल की घण्टी बजती है, देखा तो कोई नया नम्बर था।पुनः बजने पर फोन उठा लिया, हैलो करने पर उधर से चहकती हुई आवाज आई,राधिका कैसी ...

    हर बार वो
    by Afzal Malla

    हर बार वो (कहानी नही है ये है सच्चाई)हर बार वो पल्लू क्यों संभालेतुम कभी अपनी नजरे संभाल लोहर बार वोही घर क्यों संभालेकभी तुम हाथ बटा लिया कारोहर ...

    बच्चों की कहानियाँ कैसी हों
    by r k lal

    बच्चों की कहानियाँ कैसी हों आर 0 के0 लाल                                       मुझे अगर कोई कठिन काम लगता था  तो वह बच्चों को  कहानी सुनाना था। मैं बड़ा ...

    कोरा कागज
    by Sunita Agarwal

    बारिश थी कि रुकने का नाम नहीं ले रही थी।आकाश में बिजली चमक रही थी,बादल गरज रहे थे।शाहीन ने घड़ी पर नजर डाली तो देखा रात के बारह बज ...

    नैसर्गिक सुख
    by ramnarayan sungaria

    लघु कथा--                                                        ...

    चार बीघा खेत
    by राजेश ओझा

    दल थम्हन शुकुल ने जैसे ही जलेबी को दही में लपेटा था कि मोबाइल बज उठी..अनमने होकर जलेबी को दोने में रखा और मोबाइल निकाला..अन्दाजा सही निकला..फोन बड़े बेटे ...

    कन्यादान
    by Sunita Agarwal

    सहेलियों से घिरी हुई अवनी दुल्हन के लाल जोड़े में बेहद  खूबसूरत लग रही है।उसकी सखियाँ हँसी ठिठोली कर रही हैं। "देखो अवनी के हाथों में मेंहदी कितनी गहरी ...

    बेहया के फूल
    by राजेश ओझा

     'सुनिए, आप जहां भी हैं, वहां से जल्दी आ जाइए!' फोन पर पत्नी वैदेही की अकुलाहट भरी आवाज़ सुनकर मनोहर चौंक गए। पूछने पर पता चला कि मंजू का ...

    अग्नि परीक्षा
    by Rekha Pancholi

    जय श्री राम !जय श्री राम !का उद्घोष, सिंधु की उत्तंग लहरों से टकराकर स्वर्ण नगरी में फैल गया । यह संदेश था, जो सांझ  के धुंधलके में इस सन्नाटे ...

    सलोनी का फोन
    by राजेश ओझा

    आज होली के त्योहार में जहां सब मगन थे वहीं महंगू का चित्त खोया खोया था..महंगू की दुलहिन अंदाजा लगा तो रहीं थीं पर एक अन्जाने भय से कांप ...

    First - एक अनोखा रक्षाबंधन
    by Vishal

    कहानी शुरू होता है छोटे से बच्चे से जिसकी उम्र लगभग 7-8 साल का है,और वो घर में अकेले टीवी पर कार्टून देख रहा है और वो अपनी दुनिया ...

    इच्छापूर्ति
    by Monty Khandelwal

    एक शहर था जहां पर बहुत ही अमीर  व्यक्ति रहता था जिसके पास खूब सारी गाड़ियां बंगले और कई फैक्ट्रिया थी हर तरह से वह धनवान था ना किसी ...

    एक लड़की भीगी भागी सी...
    by Swati Solanki Shahiba

    मुंबई की बारिश। यार इस बारिश में तो यहां मुंबई में रहना मुश्किल कर दिया। ओह नो !!तुझे भी अभी टूटना था अपनी चप्पल की ओर देखते हुए ,अफसोस ...

    ममता की छाँव - 3
    by Sarita Sharma

    मौली अपनी माँ को खो चुकी थी। हालांकि उसका इसपर विस्वास कर पाना मुश्किल था, क्योंकि अभी कल की ही तो बात थी, जब वह मां के मना करने ...

    उस एक सुबह के बाद
    by राजेश ओझा

    रमा सारे काम निपटा कर बैठी ही थी कि मोबाइल बज उठा..स्क्रीन पर विटिया दीपाली का नम्बर चमक रहा था..हौले से फोन उठाया"हां बेटा..! हलो..""मम्मी अखिलेश अंकल को कल ...

    ऑनलाइन क्लास की टेंशन
    by r k lal

    ऑनलाइन क्लास की टेंशन आर ० के ० लाल                       अनु और मौली दो सगी बहने लखनऊ के दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ती हैं। अनु कक्षा तीन ...

    वह सब जो मैंने कहा
    by VIRENDER VEER MEHTA

                         आज 'लोकल' में भीड़ नहीं थी। ऐसा कम ही होता है, मेरे आस पास भी केवल तीन लोग ही ...