तुमसे मोहब्बत है - 5

  • 1.3k
  • 642

Hअगस्त्य अपनी घड़ी पर समय देखता है—रात काफ़ी हो चुकी थी, पर उसका दिमाग़ अटका हुआ था उस लड़की पर, जिसे उसने सड़क पर मुश्किल में देखा था।ऑफिस की केबिन में हल्की-सी पीली रोशनी थी। फाइलें मेज़ पर बिखरी पड़ी थीं, पर अगस्त्य का ध्यान कहीं और था।वो धीरे से मोबाइल उठाता है… और वाणी की फोटो फिर से खोलता है।फोटो में उसका चेहरा साफ़ नहीं दिख रहा था।बस दो बड़ी, काजल से घिरी आँखें… और हल्का-सा हताशा भरा डर।अगस्त्य स्क्रीन पर उँगलियाँ रूकी हुई रखता है।दिल में एक अनजानी-सी खलबली महसूस होती है—कुछ ऐसा, जिसे उसने बहुत सालों से