सजा.....बिना कसूर की - 3

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भूमि सब कुछ इतना आसान नहीं होता बेटा। हमारा समाज आज भी इतना विकसित नहीं है जो घटनाओं को सुनकर आसानी से समझ लें। उन्हें तो बस बाल की खाल निकालनी आती है।वही डर तो मुझे भी सता रहा है पापा जी अगर कल को उन्हें सच्चाई पता चली तो फिर क्या होगा??भूमि, ऐसा कुछ नहीं होगा बेटा अब तुम मान भी जाओ ।भूमि अपने पापा के तर्क के आगे निरुत्तर थी। वह चुपचाप बस कमरे से बाहर निकल गई।सरला भी रसोई में जाकर काम में व्यस्त हो गई और पापाजी भी मेहमानों के स्वागत की तैयारी में व्यस्त हो गए।थोड़ी