दोबारा मुलाकात

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दोबारा मुलाकात लेखक: विजय शर्मा एरी---अध्याय 1: पहली मुलाक़ातदिल्ली के इंडिया हैबिटैट सेंटर में साहित्यिक सम्मेलन चल रहा था। सभागार में देशभर से लेखक, कवि और पत्रकार इकट्ठा हुए थे।  आरव, जो एक युवा पत्रकार था, मंच पर अपनी प्रस्तुति दे रहा था। उसकी आवाज़ में दृढ़ता थी, शब्दों में सच्चाई।  भीड़ में बैठी सान्वी उसकी बातों को ध्यान से सुन रही थी। वह लखनऊ की एक शिक्षिका थी, जिसे साहित्य से गहरा लगाव था।  प्रस्तुति के बाद कॉफी ब्रेक में दोनों की मुलाक़ात हुई।  सान्वी मुस्कुराकर बोली—  “आपके शब्दों में एक अजीब-सी ताक़त है, जैसे सच को सीधे दिल तक पहुँचा देते हों।”  आरव ने हल्की