रात का वो पल एक गहरी खामोशी में खो गया…कमरे में सिर्फ हल्की साँसों की आवाज़ थी…और फिर सब कुछ शांत हो गया।वो रात थी जब कृष्णा सिद्धिका के बाद राधा के इतना करीब आया था। दोनों उस रात एक दूसरे के हो गये थे पूरी तरह। Room में सिर्फ राधा की हल्की हल्की सिसकियों की आवाज थी। और कृष्णा की फुसफुसाहट—आज रात सिर्फ मैं और तुम....अब तुम हमेशा मेरी हो....।वहीं राधा सिसकियां लेते हुए फुसफुसाई -हां! मैं हमेशा आपकी ही रहूँगी...मुझे आज रात अपना बना लीजिए...।दोनों ने उस रात एक दूसरे पर खूब सारा प्यार लुटाया था। सारी दूरियां खत्म