हीर-रांझा: द मॉडर्न थ्रिलर - 6

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एपिसोड 6: साज़िश का दस्तावेज़ और कैदो का अल्टीमेटम"ज़मीर जिसका सो चुका हो, वो रिश्तों का सौदा करता है... पर उसे क्या पता कि वक़्त हर एक का हिसाब करता है।"— समीर ख़ानशिकागो शहर पर शाम ढल रही थी, लेकिन इस बार की शाम अपने साथ कोई सुकून नहीं, बल्कि एक अजीब सी बेचैनी लेकर आई थी। गगनचुंबी इमारतों के शीशों पर टकराती सूरज की आख़िरी लाल किरणें ऐसा लग रही थीं मानो आसमान से खून टपक रहा हो। काशिफ के जाने के बाद रहमान के अपार्टमेंट में एक भारी सन्नाटा पसर गया था। हीर खिड़की के पास खड़ी बाहर