परायें हुए अपने - 2

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                  ( ससुराल में आगमन )कुसुम का ससुराल उसके घर से क़रीब 40 किलोमीटर की दूरी पर था जहाँ गाड़ी से पहुँचने में 1 घंटे  से कम वक़्त ही लगता था। कुसुम अपने जेठ से घूँघट करती थी तो उन दोनों के बीच किसी तरह का कोई वार्तालाप नहीं हुआ। कुसुम के मन में बहुत सारे सवाल एक साथ आ रहे थे।    उनमे से एक सवाल उसे बार- बार बहुत परेशान कर रहा था कि उसे लेने के लिए अचानक से उसके जेठ क्यू आये अगर आना ही था तो उसके पति