Devil की दास्तान - 23

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(तेज़ हवाएँ चल रही हैं।आसमान में बिजली चमक रही है।सिमरन करण के पास खड़ी है — उसके चेहरे पर डर की लकीरें हैं।करण की आँखें लाल हो रही हैं, वो कुछ महसूस कर रहा है।)सिमरन (काँपती आवाज़ में) बोली - “करण जी... ये सब क्या हो रहा है?...ये हवाएँ... ये सन्नाटा... फिर वही डर जैसा...”(करण धीरे से बोलता है, उसकी आवाज़ भारी और गंभीर है।)करण बोला - “मैं जानता हूँ ये कौन है...”(सिमरन उसकी ओर देखती है, उलझन में।)सिमरन बोली - “ क कौन?... कौन है करण जी?”(करण की आँखें धीरे-धीरे चमक उठती हैं — लाल रोशनी फैल जाती है।वो गहरी साँस लेकर