त्रिशा... - 49

त्रिशा ने सामने शीशे में दिख रही उस लड़की के चेहरे को देखा और उसे ऐसा लगा जैसे वो लड़की उस पर हंस रही हो और मानो कह रही हो कि "इतना क्या बुरा मान रही है एक थप्पड़ का।।।।हर बार की तरह इस बार भी बोल दे खुद से कि अरे कोई बात नहीं!! एक थप्पड़ ही तो है!!!!!!" " वैसे भी आज तक तू हमेशा यही तो करती आई है ना अपने साथ......" "इस पहले भी तो राजन ने क्या क्या नहीं किया तेरे साथ, आज तक तो तुझे कभी बुरा नहीं लगा फिर आज ऐसा कौन सा पहाड़ टूट