▪️यह कैसा अहसास▪️ भाग 02Written by H K Bharadwaj_________________________________________________________________________________प्रिय पाठको..आपने भाग एक मे पढ़ा की,मै एक अद्वतीय रूप की दुल्हन को देख ने से पहिले.उस आत्मा से ...मैंने हिम्मत कर उस रहष्यमय अंधेरे में खड़ी शक्ति से पुनः पूँछा।"आप कौन हैं ? और आप हमें क्यों डरा रहे हो"।अचानक उसी छण बारात की ओर से आती एक गेस लालटेन का प्रकाश मेरे मुहँ पर पड़ा और वह रहष्य मई शक्ति छण भर में अदृश्य हो चुकी थी। अब वहाँ घना अन्धेरे के सिबाए और कोई न था, मैंने अपने चारों ओर दृष्टि दौड़ाई पर