यह कैसा अहसास - भाग 3

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■ यह कैसा अहसास ■ भाग 03Written by H K Bharadwa___j______________________________________________________________________________________उस सर्वांग सुन्दरी के जाते ही  मेरा मन एक दम दुखी हो गया था।मेरा दिल वार बार रोने को होता तो भी मै किन्तु रो नहीं पा रहा था, पता नही उस अपूर्व सुंदरी में यह क्या और कैसा सम्मोहन था।जो मुझे वार बार उसकी याद आ रही थी,।        एक पल को भी मेरा मन उसका विछोह नही सह पा रहा था,मन मे कई तरह के प्रश्न उठ रहे थे।अब वह कब आयेगी? अथबा क्या वह अब कभी भी नहीं आयेगी ?         मै अभी सोच ही