और हमारा आखिरी फैसला यही है कि तुम उससे शादी करोगे... मुझे कोई excuse नहीं सुनना है अब तुम्हारे मुंह से ... " कहते हुए मनीष जी गुस्से से वेदांश को देखने लगते है... वेदांश भी उन्हें अपने भावहीन चेहरे के साथ देख रहा था..तभी पीछे से किसी के चिल्लाने की आवाज आती है.... " हां.. आपने बिल्कुल सही कहा मामा जी... शादी के मामले में नो excuse वैसे भी जब तक इनकी शादी नहीं होती... हमारी तो भूल ही जाओ... और हां... में तो चाहता हूं.. भाई की शादी किसी मासूम सी प्यारी सी क्यूट सी लड़की से हो... जो